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यूपी के सभी 75 जिलों के लिए बड़ा अपडेट! लोगों को मिलेंगी कई सुविधाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) 5.0 की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और सभी जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

75 जिलों में 7,000 परियोजनाओं की तैयारी

प्रस्तावित योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 7,000 परियोजनाओं के जरिए 7.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश लाने की तैयारी है। इसमें विभागों, जिला स्तर और इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। एक हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली लगभग 90 बड़ी परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।

इन क्षेत्रों में आएगा निवेश

निवेश प्रस्तावों में डेटा सेंटर, ऊर्जा, रियल एस्टेट, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, ऑटोमोबाइल और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। डेटा सेंटर में करीब 1.8 लाख करोड़ रुपये और ऊर्जा क्षेत्र में 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव बताए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं के लिए जमीन, जरूरी मंजूरियों और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि निवेश को अमल में लाने में देरी न हो।

एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

इसके अलावे, बैठक में एक्सप्रेसवे पर हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा करने, निजी क्षेत्र की मदद से ट्रॉमा सेंटर विकसित करने और एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

16 अक्टूबर को 'नवपंचम राजयोग'! 4 राशियों की चमक सकती है किस्मत

Navpancham Rajyog 2026: ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति और उनके बीच बनने वाले कोणीय संबंधों को खास महत्व दिया जाता है। 16 अक्टूबर 2026 को शनि और मंगल के बीच बनने वाले नवपंचम योग को लेकर ज्योतिष में चर्चा हो सकती है। मान्यता है कि इस तरह के ग्रह योग का प्रभाव कुछ राशियों के करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन पर सकारात्मक हो सकता है। 

1. मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय अपने काम पर ध्यान देने और नई योजनाओं को आगे बढ़ाने का संकेत दे सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को जिम्मेदारियां बढ़ने या अपनी योग्यता दिखाने का अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े जातक किसी नई योजना पर विचार कर सकते हैं। जल्दबाजी में निवेश या बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा।

2. सिंह राशि:

सिंह राशि के लोगों के लिए यह योग मेहनत और अनुशासन पर जोर देने वाला माना जा सकता है। कार्यक्षेत्र में पुराने अधूरे काम पूरे करने और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिल सकता है। व्यापारियों को योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर लाभ की संभावना तलाशने में मदद मिल सकती है। आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना उपयोगी रहेगा।

3. धनु राशि:

धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि नई संभावनाओं पर विचार करने के लिहाज से अनुकूल मानी जा सकती है। नौकरी बदलने, नई जिम्मेदारी लेने या किसी कौशल को बेहतर बनाने की योजना बना रहे लोगों को अपने विकल्पों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कारोबार में भी नए संपर्क बनाने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, किसी भी अवसर को स्वीकार करने से पहले उससे जुड़ी शर्तों को अच्छी तरह समझ लें।

4. कुंभ राशि:

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों की समीक्षा करने और भविष्य की योजनाएं बनाने का संकेत दे सकता है। नौकरीपेशा लोग अपने काम की प्राथमिकताएं तय कर सकते हैं, जबकि कारोबार करने वाले लोग खर्च और आमदनी का हिसाब बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताना और महत्वपूर्ण फैसलों पर चर्चा करना भी लाभकारी हो सकता है।

नवपंचम राजयोग क्या होता है?

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जब दो ग्रह एक-दूसरे से पांचवें और नौवें भाव के संबंध में होते हैं, तो इसे नवपंचम योग कहा जाता है। इसे सामान्यतः ग्रहों के बीच शुभ संबंध के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसका फल संबंधित ग्रहों, उनकी राशि और कुंडली में स्थिति के आधार पर अलग-अलग माना जाता है।

सोते-सोते चढ़ रहा नस, पीना शुरू कर दें ये 3 चीजें, तुरंत मिलेगा आराम!

हेल्थ डेस्क। रात में सोते समय अचानक पैर की पिंडली या पंजे की मांसपेशियों में तेज खिंचाव होना काफी तकलीफदेह हो सकता है। कई बार दर्द इतना तेज होता है कि नींद खुल जाती है और पैर को सीधा करना भी मुश्किल लगता है। आम बोलचाल में इसे नस चढ़ना कहा जाता है, जबकि अक्सर यह मांसपेशियों में ऐंठन होती है।

शरीर में तरल पदार्थों की कमी, मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव और कुछ दवाएं इसकी वजह बन सकती हैं। ऐसे में रोजाना की डाइट और पानी पीने की आदत पर ध्यान देना जरूरी है। आइए जानते हैं तीन ऐसे पेय, जो शरीर को हाइड्रेट रखने और पोषक तत्वों की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं।

1. नारियल पानी पीने से मिल सकते हैं फायदे

नारियल पानी में पानी के साथ पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स भी पाए जाते हैं। ये शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाते हैं। गर्मी में ज्यादा पसीना आने या शारीरिक मेहनत के बाद नारियल पानी पीना उपयोगी हो सकता है।

2. दूध-दही को डाइट में करें शामिल

दूध और दही कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। कैल्शियम मांसपेशियों के संकुचन और सामान्य कार्यप्रणाली के लिए जरूरी होता है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में दूध या दही लेने से शरीर को कैल्शियम मिल सकता है। दही से प्रोटीन भी मिलता है, जो शरीर की मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

3. दिनभर पर्याप्त पानी पिएं

शरीर में पानी की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या बढ़ सकती है, खासकर जब ज्यादा पसीना निकलता हो या शारीरिक मेहनत अधिक की गई हो। इसलिए दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना जरूरी है। गर्म मौसम और व्यायाम के दौरान शरीर की जरूरत के अनुसार तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ानी पड़ सकती है।

रात में अचानक नस चढ़ जाए तो क्या करें?

अगर सोते समय पिंडली में ऐंठन हो जाए, तो घबराने के बजाय पैर को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें। घुटना सीधा रखते हुए पंजे को अपनी ओर खींचने से राहत मिल सकती है। प्रभावित मांसपेशी की हल्की मालिश भी मददगार हो सकती है। दर्द के दौरान पैर को झटके से खींचने या जोर लगाने से बचें।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! 8वें वेतन आयोग से जुड़ी 8 अहम बातें

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें आठवें वेतन आयोग पर टिकी हैं। वेतन, भत्तों, रिटायरमेंट लाभ और पेंशन में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और उसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय मिला है। ऐसे में कर्मचारियों के मन में सवाल है कि नई सैलरी कितनी बढ़ सकती है और इसका लाभ कब से मिलेगा। आइए जानते हैं आयोग से जुड़े अब तक के आठ अहम अपडेट।

1. आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय

आठवें वेतन आयोग को वेतन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा कर सरकार को सिफारिशें सौंपनी हैं। निर्धारित समयसीमा आयोग के गठन से 18 महीने है। इस आधार पर रिपोर्ट की समयसीमा मई 2027 के आसपास बनती है। हालांकि, रिपोर्ट तैयार होने और सरकार की ओर से सिफारिशें लागू किए जाने के बीच अंतर हो सकता है।

2. अलग-अलग शहरों में हो रही हैं बैठकें

कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके संगठनों की राय जानने के लिए आयोग विभिन्न शहरों में बातचीत कर रहा है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु दौरे तथा 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई दौरे की जानकारी दी गई है। इन बैठकों का उद्देश्य संबंधित पक्षों के विचारों और समस्याओं को समझना है।

3.सुविधाओं से जुड़ा डेटा जुटाया जा रहा है

आयोग केवल मूल वेतन ही नहीं, बल्कि भत्तों और अन्य लाभों की भी समीक्षा करेगा। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समूह बीमा योजना यानी CGEGIS से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह जानकारी मौजूदा सुविधाओं का आकलन करने में मदद कर सकती है। हालांकि, डेटा मांगे जाने का अर्थ यह नहीं है कि बीमा लाभों में बदलाव का फैसला हो चुका है।

4. न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग

सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये तय किया गया था। अब कर्मचारी संगठनों की ओर से इसे बढ़ाने की मांग उठाई जा रही है। अलग-अलग चर्चाओं में 26,000 रुपये से 31,000 रुपये या उससे अधिक न्यूनतम बेसिक सैलरी की मांग सामने आई है। अंतिम राशि क्या होगी, यह आयोग की सिफारिशों और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा।

5. फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं निगाहें

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसका इस्तेमाल नए वेतनमान में मौजूदा मूल वेतन को संशोधित करने के लिए किया जाता है। कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.68 जैसे फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है। लेकिन अभी इसे सरकार की ओर से स्वीकृत दर नहीं माना जा सकता। अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय होने के बाद ही नए मूल वेतन का वास्तविक अनुमान लगाया जा सकेगा।

6. एरियर को लेकर क्या है स्थिति?

आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव 1 जनवरी 2026 से माने जाने की संभावना को लेकर चर्चाएं हैं। यह तारीख पिछले वेतन आयोगों के लगभग दस साल के अंतराल और केंद्र सरकार के आधिकारिक संदर्भ से जुड़ी है। हालांकि, कर्मचारियों को इस तारीख से एरियर मिलने की पुष्टि तभी होगी, जब सरकार लागू होने की तारीख और भुगतान संबंधी नियमों पर स्पष्ट निर्णय जारी करेगी।

7. पेंशन और रिटायरमेंट की समीक्षा

आठवें वेतन आयोग का दायरा वेतन तक सीमित नहीं है। इसमें पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े लाभों की समीक्षा भी शामिल है। कर्मचारी संगठनों की ओर से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, पारिवारिक पेंशन और पुरानी पेंशन योजना (OPS) से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं। हालांकि, न्यूनतम पेंशन 45,000 रुपये करने या OPS बहाल करने जैसी मांगों को अभी अंतिम सरकारी फैसला नहीं माना जा सकता।

8. अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद होगा

आयोग विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों, आर्थिक परिस्थितियों और सरकारी वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखकर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। इसके बाद सरकार उन पर विचार करेगी और तय करेगी कि कौन-सी सिफारिशें स्वीकार की जाएंगी तथा उन्हें कब से लागू किया जाएगा। इसलिए वेतन वृद्धि का प्रतिशत, नया फिटमेंट फैक्टर और पेंशन में संभावित बढ़ोतरी अभी निश्चित नहीं हैं।

रोज नारियल पानी पीने के 5 बड़े फायदे, शरीर में दिखेंगे ये बदलाव!

हेल्थ डेस्क। नारियल पानी को सेहत के लिए फायदेमंद पेय माना जाता है। इसमें पानी के साथ पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। खासकर गर्मी, पसीना आने या शारीरिक गतिविधि के बाद नारियल पानी पीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

1. शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद

नारियल पानी में पानी की अच्छी मात्रा होती है। इसे पीने से शरीर में तरल पदार्थों की कमी पूरी करने में मदद मिल सकती है। गर्म मौसम में या हल्की कसरत के बाद यह शरीर को तरोताजा महसूस कराने वाला पेय हो सकता है। हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में सादा पानी भी हाइड्रेशन के लिए बेहतरीन विकल्प है।

2. इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति में सहायक

नारियल पानी में पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स मौजूद होते हैं। ये शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी हैं। पसीने के कारण कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स निकलने पर नारियल पानी उनकी कुछ मात्रा की भरपाई करने में मदद कर सकता है। बहुत अधिक पसीना आने या गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति में हालांकि, केवल नारियल पानी पर्याप्त नहीं होता।

3. दिल की सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है

नारियल पानी में मौजूद पोटैशियम सामान्य रक्तचाप बनाए रखने में भूमिका निभाता है। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन दिल की सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है। लेकिन नारियल पानी को हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग की दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए।

4. मीठे पेय का बेहतर विकल्प

अगर आप मीठे सोडा या ज्यादा चीनी वाले पेय की जगह बिना अतिरिक्त चीनी वाला नारियल पानी चुनते हैं, तो इससे अतिरिक्त चीनी का सेवन कम करने में मदद मिल सकती है। इसमें प्राकृतिक शर्करा और कैलोरी भी होती हैं, इसलिए इसकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

5. पाचन और दिनभर की ताजगी में मदद

पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना पाचन की सामान्य प्रक्रिया के लिए जरूरी है। नारियल पानी शरीर की तरल जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकता है और कुछ लोगों को इसे पीने के बाद ताजगी महसूस होती है। हालांकि, यह कब्ज या पेट की दूसरी समस्याओं का निश्चित इलाज नहीं है। पाचन बेहतर रखने के लिए फाइबरयुक्त भोजन, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी हैं।

बिहार के 20 जिलों में बरसेंगे बादल, आंधी-बारिश को लेकर रहें सतर्क

पटना। बिहार में मानसून की विदाई के बीच मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। 9 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दिन 20 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 10 अक्टूबर से किसी जिले के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है।

इन 20 जिलों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, 9 अक्टूबर को बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, अरवल और जहानाबाद में खराब मौसम की आशंका है।

इन इलाकों में बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।

9 से 12 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?

पटना के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहने की संभावना है। 10 अक्टूबर को अधिकतम तापमान बढ़कर 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री तक पहुंच सकता है।

11 अक्टूबर को भी तापमान लगभग 33 डिग्री अधिकतम और 23 डिग्री न्यूनतम रहने का अनुमान है। इसके बाद 12 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

12 अक्टूबर तक बढ़ सकती है गर्मी

पूर्वानुमान के मुताबिक, 12 अक्टूबर को पटना में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। हालांकि, दोपहर या शाम के समय आसमान में आंशिक बादल दिखाई दे सकते हैं। कुल मिलाकर, 9 अक्टूबर को आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना के बाद अगले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत साफ हो सकता है। साथ ही, तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

FD कराने वालों के लिए खुशखबरी! ब्याज दरों में वृद्धि, चेक करें नई दरें

नई दिल्ली। अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Bajaj Finance ने अपनी FD पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। कंपनी ने अलग-अलग अवधि की जमा योजनाओं पर 15 से 40 बेसिस पॉइंट तक ब्याज बढ़ाया है। नई दरें 7 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुकी हैं।

इस बदलाव के बाद सामान्य निवेशकों को FD पर अधिकतम 7.75% सालाना, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को अधिकतम 8.15% सालाना ब्याज मिल सकता है। ये दरें 12 महीने से 60 महीने तक की FD के लिए हैं। ब्याज दरें योजना और ग्राहक की पात्रता के अनुसार अलग हो सकती हैं।

60 महीने तक की FD पर ज्यादा ब्याज

कंपनी ने लंबी अवधि की FD पर सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की है। 31 से 60 महीने की FD पर सामान्य ग्राहकों को अब 7.40% के बजाय 7.75% ब्याज मिलेगा। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए दर 7.75% से बढ़ाकर 8.15% कर दी गई है।

छोटी अवधि की FD में भी बदलाव हुआ है। 12 से 17 महीने की जमा पर सामान्य निवेशकों को 6.80% और 18 से 30 महीने की FD पर 7% सालाना ब्याज मिलेगा।

वरिष्ठ नागरिकों को इन अवधियों के लिए क्रमशः 7.20% और 7.40% ब्याज मिल सकता है। कंपनी ने उनके लिए अतिरिक्त ब्याज लाभ को भी बढ़ाया है।

FD रिन्यू कराने पर 8.25% तक ब्याज

जिन ग्राहकों की FD मैच्योर हो रही है, उनके लिए भी एक विकल्प है। Bajaj Finance ने FD रिन्यू कराने पर अतिरिक्त 0.10% ब्याज का लाभ देना शुरू किया है। इसके बाद सामान्य निवेशकों को अधिकतम 7.85% और वरिष्ठ नागरिकों को 8.25% सालाना तक ब्याज मिल सकता है। यह अधिकतम दर 31 से 60 महीने की रिन्यूअल FD पर लागू हो सकती है।

हर महीने भी ले सकते हैं ब्याज

निवेशकों को ब्याज प्राप्त करने के लिए कई विकल्प मिलते हैं। वे चाहें तो मैच्योरिटी पर पूरा ब्याज ले सकते हैं या मासिक, तिमाही, छमाही और सालाना भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। कंपनी के अनुसार, 31 से 60 महीने की FD में मासिक ब्याज चुनने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए दर 7.86% सालाना है।

₹15,000 से शुरू कर सकते हैं निवेश

Bajaj Finance FD में न्यूनतम 15,000 रुपये और अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। कंपनी की जानकारी के मुताबिक, उसकी FD को CRISIL और ICRA से AAA Stable रेटिंग मिली हुई है। ग्राहक ऑनलाइन या कंपनी की शाखा के माध्यम से FD खुलवा और रिन्यू करा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर FD के बदले लोन लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।

केंद्र सरकार की 10 बड़ी घोषणाएं, जानें किन लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली। जीएसटी से जुड़े कारोबारियों और टैक्सपेयर्स के लिए कई अहम बदलावों की तैयारी है। जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन रजिस्ट्रेशन, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट और माल ढुलाई से जुड़े नियमों को आसान बनाने पर जोर दिया गया। इन कदमों का मकसद कारोबारियों की कागजी कार्रवाई घटाना और टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाओं को तेज करना है।

1 .कम जोखिम वाले कारोबारियों को 3 दिन में रजिस्ट्रेशन

कम जोखिम वाले आवेदकों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन तीन कार्यदिवस में देने की व्यवस्था जारी रहेगी। जिन कारोबारियों की संबंधित आउटपुट टैक्स देनदारी 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं है, उन्हें भी इस व्यवस्था का लाभ मिल सकता है। व्यापार नाम या अतिरिक्त कारोबार स्थल जैसी कुछ जानकारियों में बदलाव की प्रक्रिया भी स्वचालित बनाने पर जोर है।

2 .रिफंड मिलने की प्रक्रिया होगी तेज

रिफंड आवेदनों पर निर्णय लेने की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने का प्रस्ताव है। जोखिम आकलन के आधार पर करीब 90 फीसदी रिफंड राशि को सिस्टम के जरिए मंजूरी देने और आदेश तीन कार्यदिवस में जारी करने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इससे कारोबारियों का पैसा लंबे समय तक अटकने की समस्या कम हो सकती है।

3 .सेवा निर्यात को बढ़ावा देने की तैयारी

विदेशी ग्राहकों के लिए भारत में माल की जांच, मरम्मत, प्रमाणन या प्रोसेसिंग जैसी सेवाओं को निर्यात सेवा का दर्जा देने से जुड़े नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को सेवाएं देने वाली भारतीय कंपनियों को लाभ मिल सकता है।

4 .छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को राहत

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए दूसरे राज्यों में सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों के लिए रजिस्ट्रेशन आसान बनाने पर जोर दिया गया है। कुछ शर्तों के तहत प्लेटफॉर्म के दूसरे राज्य में मौजूद वेयरहाउस को विक्रेता के कारोबार स्थल के रूप में घोषित करने की सुविधा भी प्रस्तावित है। इससे छोटे विक्रेताओं के लिए देशभर में सामान बेचना आसान हो सकता है।

5 .कर्मचारियों के बीमा पर ITC की सुविधा

कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जीवन बीमा सहित कुछ खर्चों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट देने से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाया गया है। टेलीकॉम टावर, फैक्टरी परिसर के बाहर पाइपलाइन, मुफ्त नमूनों और एक्सपायर्ड स्टॉक जैसे मामलों को लेकर भी नियम स्पष्ट करने पर जोर दिया गया है।

6 .कुछ सेवाओं पर दोहरे टैक्स से राहत

एक ही कारोबारी लेनदेन में सेवा की दोबारा खरीद-बिक्री होने पर दोहरी कर देनदारी से बचाने के लिए बदलाव किए जा रहे हैं। होटल बुकिंग, रेस्तरां और कैटरिंग तथा यात्री परिवहन जैसी सेवाओं से जुड़े मामलों में इससे राहत मिलने की उम्मीद है।

7 .ईमानदार खरीदारों के ITC पर होगा विचार

कई बार सप्लायर की गलती के कारण खरीदार को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने में परेशानी होती है। इस मुद्दे पर अधिकारियों की समिति बनाई जाएगी, जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। इसका उद्देश्य जरूरी शर्तें पूरी करने वाले ईमानदार खरीदारों के हितों की रक्षा करना है।

8 .छोटे कारोबारियों के लिए सालाना रिटर्न का विकल्प

पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले और केवल उपभोक्ताओं को सामान या सेवाएं देने वाले पात्र करदाताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके तहत साल में एक बार रिटर्न दाखिल करने और हर तिमाही टैक्स भुगतान का विकल्प मिल सकता है। विस्तृत नियमों पर आगे निर्णय होना है।

9 .GST गिरफ्तारी और अभियोजन के नियमों में बदलाव

जीएसटी कानून के तहत गिरफ्तारी की शक्ति हटाने, अभियोजन की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने और न्यूनतम सजा का प्रावधान हटाने जैसे बदलावों का प्रस्ताव रखा गया है। सामान्य पेनल्टी की अधिकतम राशि को 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये करने की भी बात है। इन प्रावधानों की वास्तविक लागू स्थिति आधिकारिक अधिसूचना से जांचना जरूरी है।

10 .माल ढुलाई के दौरान जांच के नियम होंगे सख्त लेकिन सीमित

माल लेकर जा रहे वाहनों को सामान्य रूप से रोकने के बजाय विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर जांच करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके लिए संयुक्त आयुक्त या उससे ऊपर के अधिकारी की पूर्व अनुमति जरूरी होगी। जांच को माल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले राज्यों तक सीमित रखने का उद्देश्य अनावश्यक देरी कम करना है।

GST दरों में फिलहाल बदलाव नहीं

जीएसटी परिषद की इस बैठक में टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। मुख्य ध्यान कारोबारियों की प्रक्रियागत परेशानियां कम करने, रिफंड तेज करने और नियमों को अधिक स्वचालित बनाने पर रहा।

यूपी के कर्मचारियों को खुशखबरी? क्या चुनाव से पहले लागू होगा 8वां वेतन आयोग!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें अब 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच वेतन बढ़ोतरी और नए फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा जारी है। ऐसे में यूपी के कर्मचारी भी जानना चाहते हैं कि उन्हें बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन के लिए कितना इंतजार करना पड़ सकता है। अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या चुनाव से पहले योगी सरकार इस संबंध में कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

कब आ सकती है 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वां वेतन आयोग मई 2027 तक केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप सकता है। इसके बाद वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम मूल वेतन जैसे अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार फैसला लेगी। हालांकि, रिपोर्ट सौंपे जाने और सिफारिशों को लागू किए जाने के बीच कितना समय लगेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

यूपी में कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?

उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक राज्य के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। इस संबंध में राज्य कैबिनेट की मंजूरी को लेकर भी फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों को इसका लाभ मिल जाएगा।

केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों की वेतन व्यवस्था अलग-अलग फैसलों पर निर्भर करती है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से आयोग की सिफारिशें लागू किए जाने के बाद भी यूपी सरकार को अपने कर्मचारियों के लिए अलग से निर्णय लेना होगा।

पिछले वेतन आयोगों पर क्या रहा यूपी सरकार का रुख?

पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश सरकार ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को दिसंबर 2016 में मंजूरी दी थी और इन्हें 1 जनवरी 2017 से लागू किया गया था। वहीं, 6वें वेतन आयोग के मामले में राज्य सरकार ने अगस्त 2008 में मंजूरी दी थी। इसकी प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2006 रखी गई थी और कर्मचारियों को बकाया राशि का लाभ भी मिला था।

इन उदाहरणों से पता चलता है कि राज्य सरकार पिछले वेतन आयोगों के मामले में केंद्र के फैसलों के आसपास अपने कर्मचारियों के लिए निर्णय ले चुकी है। हालांकि, पुराने उदाहरणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि 8वां वेतन आयोग भी उसी समयसीमा में लागू होगा।

चुनाव से पहले कर्मचारियों को मिल सकती है खुशखबरी?

विधानसभा चुनाव से पहले वेतन आयोग को लेकर कोई घोषणा होती है या नहीं, यह पूरी तरह राज्य सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा। फिलहाल कर्मचारियों को आधिकारिक आदेश का इंतजार करना चाहिए। जब तक सरकार तारीख, वेतनमान और लागू होने की शर्तों की जानकारी नहीं देती, तब तक सैलरी में बढ़ोतरी या एरियर मिलने को लेकर किसी निश्चित दावे पर भरोसा करना ठीक नहीं होगा।

हालांकि, यूपी के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें जरूर हैं, लेकिन चुनाव से पहले इसे लागू किए जाने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। कर्मचारियों के लिए सबसे अहम संकेत केंद्र सरकार की आगे की प्रक्रिया और उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक घोषणा होगी।

यूपी सरकार की बड़ी घोषणा, युवाओं के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शिक्षा विभाग से अहम खबर सामने आई है। योगी सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है। इसी कड़ी में प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में कुल 17,059 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इन भर्तियों में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग के पद शामिल हैं।

छह महीने में एक लाख पदों पर भर्ती का लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह महीने के भीतर एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती का संकल्प जताया है। सरकार के मिशन रोजगार के तहत विभिन्न विभागों में नियुक्तियों की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग की भर्तियां इसी अभियान का अहम हिस्सा हैं।

प्राचार्य और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से वर्ष 2026 में जारी भर्ती विज्ञापनों में उच्च शिक्षा विभाग के महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्राचार्य के 111 पद और सहायक आचार्य यानी असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पद विज्ञापित किए गए हैं।

सहायक आचार्य पदों के लिए परीक्षा 19 और 20 नवंबर को प्रस्तावित है। इन पदों के लिए तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को आयोग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार परीक्षा कार्यक्रम और अन्य निर्देशों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

माध्यमिक शिक्षा में भी भर्ती के अवसर

माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के 897 पद और प्रवक्ता यानी पीजीटी के 2,607 पद शामिल हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, सहायक अध्यापक पदों की परीक्षा 3 और 4 दिसंबर को आयोजित होनी है। वहीं, प्रवक्ता पदों के लिए 15 और 16 दिसंबर की तारीखें प्रस्तावित की गई हैं।

इन भर्तियों से माध्यमिक शिक्षा में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सकता है। उम्मीदवारों को परीक्षा की तारीखों में किसी बदलाव की जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहना चाहिए।

बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा पद

इन भर्तियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की बताई गई है। यहां प्राथमिक स्तर पर सहायक अध्यापक के शहरी यानी अर्बन श्रेणी के 11,508 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर को प्रस्तावित है।

इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी स्पेशल टीईटी भी आयोजित की जा रही है। इससे संबंधित पात्रता, आवेदन और परीक्षा की जानकारी आधिकारिक अधिसूचना के आधार पर ही देखनी चाहिए।

युवाओं को क्या करना चाहिए?

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को संबंधित भर्ती विज्ञापन ध्यान से पढ़ना चाहिए। इसमें शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी जाती है। परीक्षा कार्यक्रम प्रस्तावित होने के कारण आवेदन या परीक्षा से जुड़ी अंतिम तारीखों की पुष्टि आयोग की आधिकारिक सूचना से करना जरूरी है।

शनि का तेज प्रभाव शुरू! कल से 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते, दूर होंगी परेशानियां

राशिफल। ज्योतिष में शनिदेव को कर्म, अनुशासन, न्याय और मेहनत का फल देने वाला ग्रह माना जाता है। शनि की चाल और स्थिति में बदलाव को ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में शनि के प्रभाव को लेकर कुछ राशियों के लिए करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन में सकारात्मक संभावनाओं की चर्चा की जाती है।

1. मेष राशि:

मेष राशि वालों के लिए शनि का प्रभाव अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने की प्रेरणा दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने का अवसर मिल सकता है। वहीं, कारोबार करने वाले लोगों के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना फायदेमंद रह सकता है। जल्दबाजी में कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचना बेहतर होगा।

2. वृषभ राशि:

वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक योजनाओं पर गंभीरता से काम करने का समय माना जा सकता है। रुके हुए कामों को पूरा करने और खर्चों को व्यवस्थित करने से राहत मिल सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने या कारोबार में कामकाज को बेहतर बनाने के अवसर तलाशे जा सकते हैं। निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी रहेगा।

3. सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए अनुशासन और निरंतर प्रयास सफलता की राह आसान बना सकते हैं। कार्यस्थल पर अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई से लाभ मिल सकता है। पारिवारिक मामलों में भी धैर्य और समझदारी से परिस्थितियों को बेहतर बनाया जा सकता है।

4. तुला राशि:

तुला राशि वालों के लिए शनि का प्रभाव लंबित कार्यों को व्यवस्थित करने और पुरानी समस्याओं का समाधान खोजने की प्रेरणा दे सकता है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन लगातार मेहनत करने से अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद रखी जा सकती है। रिश्तों में स्पष्ट बातचीत और आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

5. मकर राशि: 

मकर राशि का स्वामी शनि माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस राशि के जातकों के लिए धैर्य, अनुशासन और मेहनत विशेष महत्व रखते हैं। कामकाज में निरंतरता बनाए रखने से नए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है। कारोबारियों को लंबी अवधि की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए, जबकि नौकरीपेशा लोगों के लिए कौशल बढ़ाना लाभकारी हो सकता है।

यूपी सरकार के 4 बड़े फैसले, किसानों के लिए आई खुशखबरी, उठाएं लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए रबी सीजन को लेकर राहत भरी खबर है। योगी सरकार ने फसलों की बुवाई के लिए बीज और उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी तेज कर दी है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों तक समय पर बीज और खाद पहुंचे। साथ ही वितरण में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

12 लाख क्विंटल बीज बांटने का लक्ष्य

रबी सत्र में कुल 12 लाख क्विंटल बीज वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें गेहूं के 10.45 लाख क्विंटल बीज के अलावा चना, मसूर और मटर के बीज भी शामिल हैं। इसके साथ ही दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए 7.65 लाख से अधिक मिनीकिट मुफ्त बांटने की योजना है।

बीज खरीद पर मिलेगा अनुदान

सरकार अलग-अलग फसलों की निर्धारित प्रजातियों पर सब्सिडी भी दे रही है। मसूर की आठ वर्ष से कम अवधि वाली प्रजातियों पर 100 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। वहीं, कुछ निर्धारित अवधि वाली चना, मटर और मसूर की प्रजातियों पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। गेहूं, जौ और कुछ दलहन-तिलहन प्रजातियों पर अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। लाभ के लिए किसान संबंधित कृषि विभाग से पात्रता और शर्तों की जानकारी जरूर लें।

खाद की उपलब्धता पर भी नजर

प्रदेश में सालाना 68.50 लाख टन उर्वरक उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, अब तक 34.19 लाख टन खाद उपलब्ध कराई जा चुकी है। कृषि मंत्री ने सहकारी समितियों और निजी दुकानों के माध्यम से होने वाले वितरण पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को खाद की उपलब्धता में परेशानी न हो।

फसल नुकसान के मुआवजे में तेजी के निर्देश

कृषि मंत्री ने अधिक क्षतिपूर्ति दावे वाले जिलों में सर्वे का काम तेज करने और पात्र किसानों को जल्द भुगतान करने पर भी जोर दिया। इससे फसल नुकसान झेल रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

यूपी में लिंक एक्सप्रेस-वे का काम जल्द होगा शुरू! इन जिलों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर काम तेज होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर निर्माण कार्य तय समयसीमा में आगे बढ़ाया जाए। इससे संबंधित क्षेत्रों में आवागमन आसान होने और विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

इन जिलों में आगे बढ़ेंगी परियोजनाएं

यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे की निविदा प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। वहीं, अन्य परियोजनाओं के लिए भी जमीन जुटाने और टेंडर से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं में भूमि उपलब्धता का काम करीब 80 से 91 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। बाकी जमीन का अधिग्रहण जारी है। लक्ष्य है कि जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करके निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार शुरू किया जाए।

बाधाएं दूर करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि भूमि अधिग्रहण, मंजूरी और विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित बहुउद्देशीय माल परिवहन केंद्र का निर्माण भी तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया है। इस परियोजना के लिए कुल 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा मिल चुका है।

लोगों को क्या होगा फायदा?

लिंक एक्सप्रेस-वे बनने से संबंधित जिलों की प्रमुख सड़कों और एक्सप्रेस-वे के बीच संपर्क बेहतर हो सकता है। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक फायदा परियोजनाओं के निर्माण और चालू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

दिवाली से पहले यूपीवासियों को मिल सकती हैं 8 बड़ी खुशखबरी, मुफ्त सिलेंडर से लेकर इलेक्ट्रिक बसों तक पर नजर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले आम लोगों, महिलाओं, किसानों और कारोबारियों को राहत देने वाले कई प्रस्तावों पर फैसला हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 9 अक्टूबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में करीब तीन दर्जन मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी और शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। हालांकि, प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद ही इन्हें लागू करने की स्थिति स्पष्ट होगी।

यूपीवासियों के लिए ये हैं 8 बड़े प्रस्ताव

1. उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर: दिवाली पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिल सकती है।

2. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी: करीब तीन लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी देने का प्रस्ताव बैठक में रखा जा सकता है।

3. 18 शहरों में इलेक्ट्रिक बसें: आगरा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद और नोएडा समेत 18 शहरों में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना पर फैसला हो सकता है। अगले चार वित्तीय वर्षों में 6,650 बसें लाने का प्रस्ताव है।

4. यूपी में एआई मिशन: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश एआई मिशन की स्थापना और संचालन से जुड़े प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।

5. स्टार्टअप को सरकारी खरीद में मौका: उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 के जरिए राज्य में विकसित स्टार्टअप के उत्पादों और सेवाओं को सरकारी खरीद में अवसर देने की तैयारी है।

6. व्यापारियों को ब्याज में राहत: उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने का प्रस्ताव कारोबारियों के लिए राहत भरा हो सकता है। इसके साथ जीएसटी संशोधन अध्यादेश पर भी विचार होने की उम्मीद है।

7. धान और मोटे अनाज की खरीद नीति: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान, मक्का, बाजरा और ज्वार की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद से जुड़ी नीति को मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। इससे किसानों के लिए सरकारी खरीद की व्यवस्था तय होगी।

8. मेडिकल इंटर्न के भत्ते में बढ़ोतरी: राजकीय आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी संस्थानों से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि के प्रस्ताव पर भी फैसला हो सकता है।

भदोही का नाम बदलने का प्रस्ताव भी चर्चा में

कैबिनेट के सामने भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। इसके अलावा औद्योगिक विकास, शहरी विस्तार और अन्य प्रशासनिक विषयों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

ध्यान दें की ये सभी खबरें बैठक के लिए बताए गए प्रस्तावों पर आधारित हैं। मुफ्त सिलेंडर, भत्ते में वृद्धि और अन्य सुविधाओं को मंजूरी मिलने या लागू होने की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश जारी होने के बाद ही मानी जानी चाहिए।

बिहार शिक्षक भर्ती में बल्ले-बल्ले! TRE-4 में बढ़ीं रिक्तियां

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 में पदों की संख्या बढ़कर 33,396 होने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। शिक्षा विभाग ने 76 अतिरिक्त पदों को भी भर्ती में शामिल करने के प्रस्ताव पर सहमति दी है। ये पद कृषि विषय से संबंधित बताए जा रहे हैं।

पहले भी बढ़ाई गई थीं 932 रिक्तियां

बीपीएससी ने TRE-4 के लिए शुरुआत में 32,388 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद 29 सितंबर को 932 अतिरिक्त पद शामिल किए गए, जिससे कुल रिक्तियों की संख्या बढ़कर 33,320 हो गई। इन अतिरिक्त पदों में कक्षा 9वीं और 10वीं के शिक्षकों के 493 पद, जबकि कक्षा 11वीं और 12वीं के शिक्षकों के 439 पद शामिल थे।

अब 33,396 पदों पर भर्ती की तैयारी

शिक्षा विभाग को अब विभिन्न विषयों में 76 और पदों की जानकारी मिली है। इन पदों को भी TRE-4 की भर्ती प्रक्रिया में शामिल कराने की तैयारी की जा रही है। ऐसा होने पर कुल रिक्तियां 33,396 तक पहुंच जाएंगी।

अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?

पदों की संख्या बढ़ने से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि, इन 76 पदों को अंतिम रिक्तियों में शामिल किए जाने की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही होगी। उम्मीदवारों को बीपीएससी की वेबसाइट पर भर्ती से जुड़े नए अपडेट और विज्ञापन में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए।

10 से 20 अक्टूबर तक शुभ योग! 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के बनेंगे योग

राशिफल। अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा कुछ लोगों के लिए नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति और शुभ योगों को जीवन, करियर, कारोबार तथा आर्थिक मामलों से जोड़कर देखा जाता है। 10 से 20 अक्टूबर के बीच किन राशियों के लिए अनुकूल परिस्थितियों की संभावना मानी जा सकती है, आइए जानते हैं।

1. वृषभ राशि:

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय बजट बनाने और आर्थिक योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिहाज से उपयोगी माना जा सकता है। नौकरी करने वालों को अपनी जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभाने का अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को पुराने ग्राहकों से संपर्क मजबूत करने और नए काम की संभावनाएं तलाशने पर ध्यान देना चाहिए। खर्च बढ़ने से बचाने के लिए अनावश्यक खरीदारी पर नियंत्रण रखें।

2. मिथुन राशि:

मिथुन राशि के लोगों के लिए कामकाज में संवाद और संपर्क महत्वपूर्ण रह सकते हैं। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को नए अवसरों की जानकारी मिल सकती है। व्यापार में नई योजना शुरू करने से पहले उसकी लागत और संभावित लाभ का आकलन करना बेहतर होगा। विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई और अभ्यास से फायदा मिल सकता है।

3. सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर बन सकता है। किसी पुराने काम को पूरा करने या नई जिम्मेदारी संभालने की संभावना पर ध्यान दिया जा सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना और निवेश से पहले पूरी जानकारी जुटाना जरूरी रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक सुकून मिल सकता है।

4. तुला राशि:

तुला राशि के लोगों के लिए आपसी सहयोग और समझदारी महत्वपूर्ण रह सकती है। नौकरी में सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलने से काम आसान हो सकता है। कारोबार करने वालों को साझेदारी से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। धन के मामले में बचत की आदत पर ध्यान देना आगे चलकर उपयोगी हो सकता है।

5. मकर राशि:

मकर राशि के जातकों को अनुशासन और निरंतर मेहनत से लाभ मिलने की संभावना पर ध्यान देना चाहिए। नौकरी में लंबित कार्यों को पूरा करने और अपने कौशल को बेहतर बनाने का यह अच्छा अवसर हो सकता है। कारोबारी लंबी अवधि की योजनाओं की समीक्षा कर सकते हैं। हालांकि, किसी बड़े आर्थिक फैसले से पहले जोखिम और अपनी जरूरतों का आकलन जरूर करें।

गैस्ट्रिक कैंसर के 5 बड़े संकेत, पेट में दिखें ये लक्षण तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। पेट से जुड़ी समस्याओं को अक्सर लोग गैस, एसिडिटी या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बार-बार सामने आएं, तो उनकी जांच कराना जरूरी है। गैस्ट्रिक कैंसर, जिसे पेट का कैंसर भी कहा जाता है, पेट की अंदरूनी परत की कोशिकाओं में शुरू होता है। शुरुआती चरणों में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं भी हो सकते हैं, इसलिए लगातार बनी रहने वाली परेशानी पर ध्यान देना अहम है।

1. बार-बार अपच और पेट में असहजता

खाना खाने के बाद लगातार अपच, पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता या जलन महसूस होना पेट के कैंसर सहित कई स्थितियों में दिखाई दे सकता है। हालांकि, ये लक्षण आम पाचन समस्याओं में भी होते हैं। अगर परेशानी लगातार बनी रहे या पहले से अलग महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।

2. थोड़ी मात्रा में खाना खाने पर पेट भर जाना

यदि सामान्य से कम खाना खाने पर ही पेट भरा हुआ महसूस होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार ऐसा होने पर भूख और भोजन की मात्रा में बदलाव पर ध्यान दें। इसकी वजह जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।

3. बिना वजह वजन कम होना

बिना डाइट बदले या व्यायाम बढ़ाए वजन लगातार घटना एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत हो सकता है। पेट के कैंसर के अलावा कई अन्य बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं। ऐसे में वजन घटने को केवल कमजोरी या तनाव मानकर छोड़ना उचित नहीं है।

4. लगातार पेट दर्द या मतली

पेट के ऊपरी हिस्से में लगातार दर्द, मतली या बार-बार उल्टी होना पाचन तंत्र से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है। यदि ये लक्षण लंबे समय तक रहें, बढ़ने लगें या भोजन करने में परेशानी पैदा करें, तो चिकित्सकीय जांच कराएं।

5. मल में खून या खून की कमी

मल का काला, तारकोल जैसा होना या उसमें खून दिखाई देना पाचन तंत्र में रक्तस्राव का संकेत हो सकता है। लगातार खून की कमी, थकान और कमजोरी भी जांच की जरूरत दर्शा सकती है। ऐसे लक्षणों के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?

पेट के कैंसर का जोखिम उम्र बढ़ने, पेट के कैंसर की पारिवारिक हिस्ट्री, H. pylori संक्रमण, धूम्रपान और कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियों से बढ़ सकता है। जोखिम वाले लोगों को डॉक्टर से अपनी स्थिति के अनुसार सलाह लेनी चाहिए।

यदि पेट की परेशानी लगातार बनी रहे, बिना वजह वजन घटे, भूख कम हो या निगलने में कठिनाई हो, तो जल्द चिकित्सकीय सलाह लें। खून की उल्टी, काला तारकोल जैसा मल, बेहोशी या तेज कमजोरी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें। ध्यान रखें की इन पांच लक्षणों का मतलब यह नहीं कि किसी व्यक्ति को गैस्ट्रिक कैंसर ही है। इसकी पुष्टि डॉक्टर की जांच और जरूरत पड़ने पर एंडोस्कोपी व बायोप्सी जैसी जांचों से होती है।

45+ पुरुषों के लिए 5 सुपरफूड, सेहत और ताकत का रखें ख्याल

हेल्थ डेस्क। उम्र 45 साल के पार होने के बाद पुरुषों के शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। मांसपेशियों की ताकत बनाए रखना, हड्डियों को स्वस्थ रखना और दिल की सेहत का ध्यान रखना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में संतुलित आहार के साथ कुछ पोषक तत्वों से भरपूर बीज डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इनमें प्रोटीन, फाइबर, अच्छे फैट, विटामिन और खनिज पाए जाते हैं, जो शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को सहारा देते हैं।

1. कद्दू के बीज:

कद्दू के बीज में प्रोटीन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे पोषक तत्व होते हैं। ये मांसपेशियों के सामान्य कामकाज और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में मदद करते हैं। पुरुष इन्हें सीमित मात्रा में नाश्ते के तौर पर या सलाद में डालकर खा सकते हैं।

2. अलसी के बीज:

अलसी में फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक पौध-आधारित रूप अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में यह हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। अलसी को हल्का पीसकर दही, दलिया या स्मूदी में मिलाया जा सकता है। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

3. चिया सीड्स:

चिया सीड्स में फाइबर, कुछ प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं। फाइबर पाचन को बेहतर रखने और पेट भरा महसूस कराने में मदद कर सकता है। इन्हें पानी या दूध में भिगोकर, दही अथवा दलिया के साथ लिया जा सकता है। सूखे बीज सीधे अधिक मात्रा में खाने से बचें।

4. सूरजमुखी के बीज

सूरजमुखी के बीज में विटामिन ई, अच्छे फैट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। विटामिन ई शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में भूमिका निभाता है। इन्हें बिना ज्यादा नमक वाले रूप में थोड़ी मात्रा में सलाद या नाश्ते में शामिल किया जा सकता है।

5. तिल:

तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम और असंतृप्त वसा जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये संतुलित आहार के जरिए हड्डियों और शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को सहारा देने में योगदान कर सकते हैं। तिल को सब्जी, सलाद या रोटी के साथ खाया जा सकता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, छोटे कारोबारियों के लिए खुशखबरी, GST पर अपडेट!

नई दिल्ली। छोटे कारोबारियों और जीएसटी टैक्सपेयर्स के लिए राहत की खबर है। जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में टैक्स से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं। सबसे बड़ी राहत जुर्माने और छोटे टैक्स डिमांड से जुड़े मामलों में दी गई है।

बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सामान्य जीएसटी पेनल्टी को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये किया गया है। इसके अलावा 10 हजार रुपये से कम की डिमांड पर कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करने का फैसला लिया गया है। इससे छोटे कारोबारियों को छोटी टैक्स संबंधी चूक पर बड़ी कार्रवाई से राहत मिलने की उम्मीद है।

रिफंड प्रक्रिया भी होगी तेज

काउंसिल ने रिफंड व्यवस्था को आसान बनाने पर भी जोर दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक रिफंड आवेदन को 10 दिनों के भीतर मंजूरी देने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, एक्नॉलेजमेंट मिलने के बाद करीब 3 दिनों के भीतर रिफंड जारी करने की व्यवस्था की जाएगी।

मुकदमे की सीमा बढ़ी

जीएसटी मामलों में मुकदमा चलाने की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा जीएसटी कानून के तहत अधिकारियों के Power of Arrest को खत्म करने का फैसला भी लिया गया है।

फार्मा और FMCG को ITC

1 नवंबर से फार्मा और FMCG सेक्टर को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ मिलने की बात कही गई है। इससे इन क्षेत्रों में कारोबार करने वाली कंपनियों को टैक्स क्रेडिट के स्तर पर राहत मिल सकती है।

GST दरों में फिलहाल बदलाव नहीं

काउंसिल की बैठक में फिलहाल जीएसटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दरों की साल में एक बार समीक्षा की जाएगी और किसी बदलाव को लागू करने की तारीख 1 अप्रैल रखी जाएगी। इन फैसलों का उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाना और छोटे कारोबारियों को छोटी टैक्स संबंधी गलतियों या कम रकम के मामलों में अनावश्यक परेशानी से राहत देना है।

दिमाग की नस में सूजन के 5 बड़े संकेत, शरीर में दिखें ये लक्षण तो तुरंत हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। दिमाग हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। इससे जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। दिमाग में सूजन या उसके आसपास दबाव बढ़ने की स्थिति कई कारणों से हो सकती है। संक्रमण, चोट, स्ट्रोक, ट्यूमर या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं इसके पीछे वजह हो सकती हैं। ऐसे में शरीर में दिखाई देने वाले कुछ संकेतों को समय रहते पहचानना जरूरी है।

1. लगातार या तेज सिरदर्द

दिमाग से जुड़ी समस्या में सिरदर्द आम संकेतों में शामिल हो सकता है। खासतौर पर अगर सिरदर्द लगातार बना रहे, पहले की तुलना में ज्यादा तेज हो या समय के साथ बढ़ता जाए तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2. बार-बार उल्टी या मतली

बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार मतली आना या उल्टी होना भी चेतावनी संकेत हो सकता है। अगर इसके साथ तेज सिरदर्द, चक्कर या दूसरे न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी मौजूद हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

3. देखने में परेशानी

दिमाग पर दबाव बढ़ने या उससे जुड़ी कुछ स्थितियों में नजर धुंधली होना, दो-दो दिखाई देना या देखने में अचानक बदलाव महसूस हो सकता है। ऐसा होने पर खासकर अचानक शुरू हुए लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए।

4. शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी

हाथ-पैर में अचानक कमजोरी, सुन्नपन, चलने में परेशानी या शरीर का संतुलन बिगड़ना दिमाग से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण अचानक दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

5. व्यवहार या चेतना में बदलाव

अचानक भ्रम की स्थिति, अत्यधिक नींद आना, बोलने या समझने में परेशानी, बेहोशी या व्यवहार में असामान्य बदलाव भी गंभीर चेतावनी संकेत हो सकते हैं। ऐसे मामलों में देरी करना जोखिम भरा हो सकता है।

कब तुरंत अस्पताल जाना चाहिए?

अगर तेज सिरदर्द के साथ बार-बार उल्टी, बेहोशी, दौरा, बोलने में परेशानी, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या अचानक देखने में समस्या हो, तो इसे आपात स्थिति मानकर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। दिमाग में सूजन का पता केवल लक्षणों से नहीं लगाया जा सकता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार न्यूरोलॉजिकल जांच और CT स्कैन या MRI जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं।

शनि अमावस्या पर 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, शनि देव की कृपा से दूर होंगे संकट

राशिफल। 10 अक्टूबर को शनि अमावस्या पड़ रही है। ज्योतिष में शनि अमावस्या को शनिदेव की उपासना और उन्हें प्रसन्न करने के लिए विशेष दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शनिदेव की पूजा, दान और सेवा करने से शनि से जुड़े कष्टों में राहत मिल सकती है। इस बार कुछ राशियों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि अमावस्या राहत लेकर आ सकती है। कामकाज में लंबे समय से आ रही रुकावटें कम हो सकती हैं। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होने के संकेत हैं। मेहनत का फल मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शनि अमावस्या पर परिस्थितियां अनुकूल होने की मान्यता है। रुके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। पैसों से जुड़ी परेशानी कम होने और पुराने तनाव से राहत मिलने के योग बन सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह शनि अमावस्या शुभ मानी जा रही है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिल सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ परिवार में भी सकारात्मक माहौल बनने की संभावना है। पुराने कष्टों से धीरे-धीरे राहत मिल सकती है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए शनि अमावस्या पर शनिदेव की विशेष कृपा रहने की मान्यता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों को किसी नई डील या काम से फायदा हो सकता है। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक या पारिवारिक चिंता कम होने के संकेत हैं।

5. मकर राशि

मकर राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं, इसलिए शनि अमावस्या का दिन इस राशि के लिए विशेष महत्व रखता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए पूजा-पाठ और दान का सकारात्मक प्रभाव मिल सकता है। नौकरी और कारोबार में स्थिरता बढ़ सकती है और अटके हुए काम पूरे होने की संभावना बन सकती है। मानसिक तनाव कम होने से राहत महसूस हो सकती है।

यूपी में महिलाओं के लिए खुशखबरी, 12वीं पास के लिए सीधी भर्ती

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी विभाग में नौकरी की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। मुरादाबाद में आंगनवाड़ी सहायिका के 316 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक और पात्र महिला उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर आवेदन कर सकती हैं।

भर्ती प्रक्रिया बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित की जा रही है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे और इसके लिए आधिकारिक पोर्टल upanganwadibharti.in का इस्तेमाल करना होगा।

316 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत आंगनवाड़ी सहायिका के कुल 316 पद भरे जाएंगे। नौकरी का स्थान मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश रहेगा। नोटिफिकेशन में वेतन से संबंधित निश्चित राशि का उल्लेख नहीं किया गया है, इसलिए उम्मीदवारों को इस संबंध में आधिकारिक विज्ञप्ति की शर्तों को ध्यान से देखना चाहिए। भर्ती का विज्ञापन संख्या 2025/3313/58-1-2025(1917687) है। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है।

28 अक्टूबर तक आवेदन

आंगनवाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 28 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम दिन का इंतजार न करते हुए समय रहते आवेदन पूरा कर लें।

उम्र सीमा क्या है?

इस भर्ती में आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवार की उम्र 18 वर्ष से कम और 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उम्र की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। उम्मीदवार की जन्मतिथि के सत्यापन के लिए उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट और प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि को मान्य माना जाएगा।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें

महिला उम्मीदवार आवेदन करने से पहले भर्ती की पात्रता, जरूरी दस्तावेज और अन्य शर्तों को आधिकारिक विज्ञप्ति में अच्छी तरह जांच लें। ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल upanganwadibharti.in के माध्यम से किया जा सकता है।

बिहार से होकर गुजरेगा 4-लेन सड़क, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसी कड़ी में भागलपुर-भलजोर फोरलेन रोड बनने जा रहा है। इस सड़क के तैयार होने से बिहार के कई इलाकों के साथ झारखंड तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

67 किलोमीटर लंबी होगी सड़क

भागलपुर-भलजोर फोरलेन की कुल लंबाई करीब 67 किलोमीटर बताई जा रही है। इस परियोजना पर लगभग 1,720 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में भागलपुर से खड़हरा तक और दूसरे चरण में खड़हरा से भलजोर तक सड़क विकसित की जाएगी।

NH-133E का हिस्सा बनेगा

यह सड़क NH-133E का हिस्सा होगी। खड़हरा से भलजोर के बीच करीब 36.630 से 63.630 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाने की योजना है। सड़क के बीच करीब 3 मीटर चौड़ा डिवाइडर भी बनाया जाएगा, जिससे यातायात को व्यवस्थित करने और जाम की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।

टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ी

परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी दी गई है। जमीन अधिग्रहण से जुड़ी अड़चनों को भी दूर किए जाने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू होने की तैयारी है। प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।

इन जिलों को फायदा

इस सड़क का सीधा लाभ भागलपुर और बांका समेत आसपास के इलाकों को मिलने की उम्मीद है। फोरलेन बनने के बाद बिहार से झारखंड की ओर आने-जाने में समय और परेशानी कम हो सकती है। सड़क के आसपास कारोबार बढ़ने, स्थानीय बाजारों तक पहुंच आसान होने और निर्माण के दौरान रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

CM सम्राट का बड़ा ऐलान, बिहारवासियों के लिए 9 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अगले कुछ वर्षों के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक माहौल को मजबूत करने पर सरकार का विशेष जोर रहेगा। इसी के तहत एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

1. एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य

सरकार ने 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

2. ‘मेड इन बिहार’ को सरकारी खरीद में प्राथमिकता

बिहार में तैयार होने वाले उत्पादों को सरकारी खरीद में 25 से 40 प्रतिशत तक प्राथमिकता देने की व्यवस्था की गई है।

3. बिहार में उत्पादन पर जोर

सरकार चाहती है कि जिन वस्तुओं का उत्पादन बिहार में संभव है, उन्हें दूसरे राज्यों से मंगाने के बजाय राज्य में ही तैयार किया जाए।

4. 50 करोड़ तक के टेंडर में स्थानीय उद्यमियों को फायदा

50 करोड़ रुपये तक की सरकारी परियोजनाओं में बिहार का उद्यमी L2, L3 या L4 पर होने के बावजूद L1 की दर पर काम करने को तैयार है, तो उसे काम देने का प्रावधान बताया गया है।

5. 45 हजार नए उद्यमी तैयार होंगे

सरकार के अनुसार करीब 45 हजार नए उद्यमियों को तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम में लगभग 7 हजार लाभार्थियों को पहली या अगली किस्त भी दी गई।

6. हर उद्यमी को 10 लाख रुपये तक की मदद

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में पात्र लाभार्थी को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का सहयोग मिलता है। इसमें 5 लाख रुपये अनुदान और 5 लाख रुपये ऋण शामिल है।

7. करीब ढाई लाख रोजगार की उम्मीद

सरकार के अनुमान के मुताबिक यदि करीब 44 हजार उद्यमी औसतन पांच लोगों को रोजगार देते हैं, तो लगभग 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है।

8. पलायन रोकने पर जोर

सरकार का लक्ष्य रोजगार के अवसर बढ़ाकर उन करीब 12 लाख लोगों के पलायन को कम करना है, जो काम की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते हैं।

9. एक जिला-एक क्लस्टर और एक जिला-एक उत्पाद

बिहार एमएसएमई नीति 2026 के तहत एक करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य बताया गया है। साथ ही क्लस्टर विकास योजना के जरिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्लस्टर’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ को बढ़ावा दिया जाएगा।

यूपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, सख्त निर्देश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए मिशन कर्मयोगी के तहत ऑनलाइन प्रशिक्षण को लेकर शासन ने जरूरी निर्देश जारी किए हैं। सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्मयोगी पोर्टल पर निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना होगा।

9 अक्टूबर शाम 4 बजे तक पूरा करना होगा कोर्स

मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके अधीन काम करने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारी 9 अक्टूबर की शाम 4 बजे तक दो अनिवार्य ऑनलाइन कोर्स पूरे कर लें। इस अवधि में प्रशिक्षण प्रभावित न हो, इसलिए विभागों को अन्य बैठक, समीक्षा या दूसरे कार्यक्रम आयोजित नहीं करने के लिए कहा गया है। प्राथमिकता कर्मचारियों का प्रशिक्षण समय पर पूरा कराने की होगी।

6.47 लाख कोर्स पूरे, फिर भी कई कर्मचारी सक्रिय नहीं

शासन की समीक्षा में सामने आया कि 1 से 2 अक्टूबर के बीच कर्मयोगी पोर्टल पर जुड़े कर्मचारियों की संख्या में 44,625 की बढ़ोतरी हुई। इसी अवधि में करीब 6,47,443 कोर्स सफलतापूर्वक पूरे किए गए। हालांकि, बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी अभी भी हैं जिन्होंने एक भी कोर्स पूरा नहीं किया है। विभागों को ऐसे कर्मचारियों का प्रशिक्षण जल्द पूरा कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

विभागों को भेजनी होगी रिपोर्ट

अक्टूबर 2026 में मिशन कर्मयोगी के तहत प्रदेशस्तरीय कार्यशाला प्रस्तावित है। इससे पहले सभी विभागों को अपने कर्मचारियों की प्रशिक्षण प्रगति का पूरा विवरण तैयार करना होगा। निर्धारित प्रारूप में यह रिपोर्ट डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी को भेजनी होगी। शासन ने काम में लापरवाही बरतने वाले विभागों और कर्मचारियों के प्रति सख्ती के संकेत भी दिए हैं।

14 अक्टूबर को बनेगा अमृत सिद्धि योग, 5 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ

राशिफल। ज्योतिष में कुछ योगों को शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। इन्हीं में से एक अमृत सिद्धि योग है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग में किए गए शुभ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है। 14 अक्टूबर को बनने वाला यह योग कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। इस दौरान करियर, कारोबार, धन और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए अमृत सिद्धि योग उत्साह और नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद बन सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से फायदा मिल सकता है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह योग धन संबंधी मामलों में सकारात्मक रह सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते मिल सकते हैं और व्यापार में अच्छा सौदा हाथ लग सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपने काम के लिए प्रशंसा मिल सकती है। परिवार के साथ भी अच्छा समय बीतेगा। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में वरिष्ठ या अनुभवी व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। नौकरी बदलने या नई जिम्मेदारी की तलाश कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर परिणाम के लिए मेहनत का लाभ मिल सकता है। कारोबार में नई योजना शुरू करने का विचार आगे बढ़ सकता है। साथ ही पुराने आर्थिक तनाव में कुछ राहत मिलने की संभावना है।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए अमृत सिद्धि योग आत्मविश्वास और सफलता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की तारीफ हो सकती है। व्यापारियों को नए ग्राहक या नए प्रोजेक्ट से फायदा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है और किसी जरूरी काम के लिए धन की व्यवस्था हो सकती है। परिवार में भी सकारात्मक माहौल रहने की संभावना है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह योग नई शुरुआत के अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ के नए रास्ते मिल सकते हैं। विदेश या दूसरे शहर से जुड़े काम में भी प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। व्यक्तिगत जीवन में भी रिश्तों को लेकर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 25 हजार रुपये तक की मदद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेटियों की शिक्षा और बेहतर भविष्य को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है। कुल मिलाकर एक बालिका को 25 हजार रुपये तक की मदद मिल सकती है।

6 चरणों में मिलती है आर्थिक सहायता

योजना में बेटी की उम्र और शिक्षा के अलग-अलग पड़ाव के आधार पर राशि दी जाती है। इसका लाभ छह चरणों में मिलता है।

बेटी के जन्म पर: 5,000 रुपये

एक साल के भीतर पूरा टीकाकरण: 2,000 रुपये

कक्षा 1 में दाखिले पर: 3,000 रुपये

कक्षा 6 में प्रवेश: 3,000 रुपये

कक्षा 9 में दाखिला: 5,000 रुपये

स्नातक या दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश: 7,000 रुपये

इस तरह सभी निर्धारित चरण पूरे होने पर कुल 25,000 रुपये की सहायता मिलती है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ लेने के लिए परिवार का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। इसके अलावा परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना के नियमों के मुताबिक परिवार में सामान्य तौर पर अधिकतम दो बच्चे होने चाहिए। कुछ विशेष परिस्थितियों, जैसे जुड़वा बेटियों के मामले में नियमों के तहत छूट का प्रावधान है।

ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन

इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र परिवार को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र लाभार्थी को सहायता राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को शिक्षा के अलग-अलग पड़ाव पर सहायता देकर उनके बेहतर भविष्य की राह आसान करना है।