क्यों किया गया यह बदलाव?
सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद स्थायी वित्तीय सुरक्षा मिल सके। बहुत से कर्मचारी लंबे समय से ऐसी पेंशन स्कीम की मांग कर रहे थे, जिसमें उन्हें निश्चित राशि के रूप में पेंशन मिले, सिर्फ मार्केट आधारित रिटर्न पर निर्भर न रहना पड़े। UPS इसी दिशा में एक कदम है, जो NPS के ढांचे के तहत लाया गया है, लेकिन इसमें तय पेंशन और अन्य लाभ भी जोड़े गए हैं।
NPS से UPS में स्विच करने की प्रक्रिया
वित्त मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, जो भी पात्र कर्मचारी UPS में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें फॉर्म A1 भरकर अपने विभाग में जमा करना होगा। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2025 से लागू की गई हैं। स्विच करने का निर्णय सेवानिवृत्ति से कम से कम एक साल पहले, या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) से तीन महीने पहले किया जाना चाहिए।
UPS स्कीम की खास बातें
1 .गारंटीड पेंशन: UPS में रिटायरमेंट के बाद निश्चित राशि के रूप में हर महीने पेंशन मिलेगी।
2 .एकमुश्त राशि और ग्रेच्युटी: कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय लंपसम पेमेंट और ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा।
3 .मार्केट और गारंटी का मिश्रण: यह स्कीम NPS की तरह मार्केट-आधारित फंड्स से जुड़ी है, लेकिन इसके साथ एक निश्चित पेंशन भी तय की गई है, यानी जोखिम और स्थिरता दोनों का संतुलन।
NPS में वापसी का भी मौका
यदि कोई कर्मचारी UPS में शामिल होने के बाद महसूस करता है कि यह स्कीम उसके लिए उपयुक्त नहीं है, तो उसे एक बार फिर NPS में लौटने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, यह अवसर केवल एक बार ही दिया जाएगा और पूरे सेवा काल में दोबारा नहीं मिलेगा।

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