छठ पर्व 2025: सूर्यदेव के 3 शक्तिशाली मंत्र जो हर संकट दूर करेंगे

पटना। बिहार में छठ पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व सूर्य उपासना का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। आस्था और तपस्या के इस महापर्व में भक्तजन भगवान सूर्य और छठी मइया की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्यता की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सूर्यदेव के विशेष मंत्रों के जाप से जीवन के तमाम संकट दूर होते हैं और व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

1. ॐ घृणि: सूर्याय नमः

यह सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली सूर्य मंत्रों में से एक है। इस मंत्र के जाप से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होती है। यह नकारात्मकता को दूर कर जीवन में प्रकाश और स्पष्टता लाता है।

कैसे करें जाप: सूर्योदय के समय जल से अर्घ्य देते हुए कम से कम 11 या 21 बार मंत्र का उच्चारण करें।

2. ॐ आदित्याय नमः

यह मंत्र आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने वाला माना गया है। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि सूर्यदेव ‘आदित्य’ रूप में समस्त रोगों का नाश करते हैं। नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने से शरीर में तेज, बल और उत्साह बढ़ता है।

कैसे करें जाप: पूर्व दिशा की ओर मुख करके, सूर्य को नमन करते हुए 108 बार इस मंत्र का जप करें।

3. ॐ भास्कराय नमः

‘भास्कर’ का अर्थ है ‘प्रकाश देने वाला’। इस मंत्र के जाप से घर और जीवन में अंधकार व दुर्भाग्य दूर होते हैं। यह सफलता, समृद्धि और प्रतिष्ठा प्रदान करने वाला मंत्र माना गया है।

कैसे करें जाप: छठ पूजा या रविवार के दिन शुद्ध मन से जल अर्पण करते हुए इस मंत्र का जाप करें।

श्रद्धा और शुद्धता से करें जाप

धार्मिक आस्थाओं के अनुसार, सूर्य मंत्रों का प्रभाव तभी फलदायी होता है जब उन्हें श्रद्धा, अनुशासन और निष्ठा के साथ किया जाए। छठ पर्व के अवसर पर इन मंत्रों का जाप न केवल सूर्यदेव की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनता है, बल्कि यह जीवन में नई ऊर्जा, आत्मबल और सकारात्मक सोच भी लाता है।

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