दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन का लक्ष्य
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश गेहूं और चावल में आत्मनिर्भर तो बन गया है, लेकिन दलहन और तिलहन उत्पादन अभी भी चुनौती बने हुए हैं। इस नई योजना के तहत दलहन की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 350 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जो वर्तमान में लगभग 252 लाख टन है। इसके लिए 11,440 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज और रोग-प्रतिरोधी फसलों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही, सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों से दलहन की 100 प्रतिशत उपज खरीद कर उनकी आमदनी बढ़ाने का भी संकल्प ले रही है। इस पहल से दलहन की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में सुधार होगा।
प्रधानमंत्री धन धान्य योजना: 100 जिलों में सुधार के लिए
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना का उद्देश्य 100 कम प्रदर्शन वाले जिलों में कृषि की उत्पादकता बढ़ाना है। इस योजना के तहत फसल विविधीकरण, सिंचाई सुधार, भंडारण सुविधाओं का विकास और कृषि कर्ज पहुंच को सुनिश्चित किया जाएगा। योजना का बजट 24,000 करोड़ रुपये है और इसका लाभ सीधे 1.7 करोड़ किसानों तक पहुंचेगा।
यह योजना 11 मंत्रालयों की 36 विभिन्न योजनाओं का समन्वय सुनिश्चित करेगी, ताकि किसानों को कृषि के हर पहलू में बेहतर मदद मिल सके। इसके अलावा, प्रधानमंत्री प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों को भी सम्मानित करेंगे, जिससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा।
मच्छली पालन, पशुधन और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में भी निवेश
पीएम मोदी द्वारा पूसा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य पालन, पशुधन और फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों से संबंधित 3,681 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया जाएगा। ये क्षेत्र कृषि की विविधता को बढ़ाने में मदद करेंगे और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत उपलब्ध कराएंगे।।
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