दूध देनें की मशीन है ये 4 गाय, किसानों को बना रही हैं लखपति!

लखनऊ। गांव की अर्थव्यवस्था में अगर कोई असली "कमाई की मशीन" है, तो वह है देसी गाय। आधुनिक दौर में जहां किसान खेती से पर्याप्त मुनाफा नहीं निकाल पा रहे, वहीं भारत की कुछ देसी गायें ऐसी भी हैं जो हर दिन इतना दूध दे रही हैं कि किसानों की किस्मत चमक रही है। इन गायों ने न सिर्फ दूध उत्पादन में रिकॉर्ड बनाए हैं, बल्कि डेयरी व्यवसाय को ग्रामीण भारत की रीढ़ बनाने का काम भी किया है।

1. साहीवाल:

साहीवाल नस्ल की गायें मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश में पाई जाती हैं। इन्हें भारत की सबसे बेहतरीन देसी दूध देने वाली नस्ल माना जाता है। यह गाय प्रतिदिन औसतन 10 से 15 लीटर दूध देती है। साहीवाल की खास बात यह है कि यह गर्म और शुष्क जलवायु में भी अच्छी तरह ढल जाती है, जिससे किसानों को इसके रखरखाव में ज़्यादा खर्च नहीं करना पड़ता। इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी अच्छी मानी जाती है।

2. गिर:

गिर गायें भारत की सबसे अधिक दूध देने वाली देसी नस्लों में शुमार हैं। ये मूलतः गुजरात के गिर जंगलों से आती हैं और अब देशभर में डेयरी फार्मिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। गिर गायें एक दिन में 30 लीटर तक दूध दे सकती हैं। यह आंकड़ा इन्हें देश की हाई यील्डिंग ब्रीड बनाता है। इनकी मजबूत कद-काठी, शांत स्वभाव और उच्च दुग्ध क्षमता ने इन्हें न केवल देश, बल्कि विदेशों तक में लोकप्रिय बना दिया है।

3. लाल सिंधी:

लाल सिंधी नस्ल की गायें पहले सिर्फ सिंध (अब पाकिस्तान में) में पाई जाती थीं। लेकिन अब यह भारत के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और ओडिशा जैसे राज्यों में भी सफलतापूर्वक पाली जा रही हैं। इनकी दूध देने की क्षमता, शांत स्वभाव और कम देखरेख की ज़रूरत ने इन्हें खास बनाया है। औसतन यह गायें प्रतिदिन 12 से 20 लीटर तक दूध दे सकती हैं।

4. राठी:

राजस्थान की पालीत नस्ल राठी गाय मुख्यतः बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में पाई जाती है। यह नस्ल अपने दुग्ध उत्पादन और कठोर मौसम में जीवित रहने की क्षमता के लिए जानी जाती है। राठी गायें रोजाना 15 से 20 लीटर तक दूध देती हैं। यह नस्ल कम चारे में भी अच्छा उत्पादन देती है, जिससे यह छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के लिए बहुत लाभकारी साबित होती है।

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