रिकॉर्ड स्तर से नीचे आया भंडार
गौरतलब है कि इससे पहले 27 सितंबर 2024 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $704.885 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, हाल के हफ्तों में जारी गिरावट के कारण यह अब $699.960 बिलियन पर आ गया है। सिर्फ एक सप्ताह पहले ही इसमें $2.33 बिलियन की कमी दर्ज की गई थी, जो इस गिरावट की निरंतरता को दर्शाता है।
फॉरेन करेंसी एसेट्स में भारी गिरावट
इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण Foreign Currency Assets (FCAs) में आई कमी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में FCAs में $4.049 बिलियन की गिरावट देखी गई। इससे पहले सप्ताह में भी यह घटकर $4.393 बिलियन कम हुआ था। अब FCA का स्तर $577.708 बिलियन पर आ गया है। विदेशी मुद्रा आस्तियां डॉलर में मापी जाती हैं, लेकिन इनका मूल्यांकन यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य मुद्राओं के मुकाबले भी होता है। इन वैश्विक मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का असर FCAs पर सीधा पड़ता है।
सोने के भंडार में जबरदस्त इजाफा
हालांकि विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के बीच एक सकारात्मक पहलू भी देखने को मिला है की स्वर्ण भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि। पिछले सप्ताह सोने के भंडार में $3.753 बिलियन की वृद्धि हुई है। इससे पहले भी यह आंकड़ा $2.238 बिलियन बढ़ा था। अब भारत का कुल स्वर्ण भंडार बढ़कर $98.770 बिलियन हो गया है। मार्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 की शुरुआत से RBI लगभग 75 टन सोने की खरीद कर चुका है, जिससे देश का कुल स्वर्ण भंडार अब 880 टन तक पहुंच गया है। यह कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 14% हिस्सा है।

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