लेकिन भारत ने इस संकट को अवसर में बदलने की रणनीति अपनाई। सरकार और उद्योग जगत ने मिलकर अमेरिकी निर्भरता को कम करने और नए बाजारों की तलाश की दिशा में ठोस कदम उठाए। अब इसके परिणाम स्पष्ट तौर पर दिखने लगे हैं।
अमेरिका को निर्यात घटा, पर कुल निर्यात में सुधार
अमेरिकी टैरिफ का असर सीधा निर्यात आंकड़ों में नजर आया। मई 2025 में भारत ने अमेरिका को लगभग 8.8 अरब डॉलर का निर्यात किया था, जो सितंबर तक गिरकर 5.5 अरब डॉलर रह गया, यानि करीब 37.5% की गिरावट। लेकिन अच्छी खबर यह रही कि अन्य देशों को होने वाला निर्यात इस गिरावट की भरपाई कर गया। भारत ने न केवल निर्यात के लिए नए देश खोजे, बल्कि पहले से मौजूद व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंधों को भी मजबूत किया। यह कदम भारत की "एक ही बाजार पर निर्भरता कम करने" की रणनीति का हिस्सा था।
24 देशों में निर्यात में बढ़त: मिली बड़ी सफलता
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत ने 24 देशों में निर्यात में वृद्धि दर्ज की है, जिनमें कोरिया, जर्मनी, UAE, रूस, कनाडा, ब्राज़ील, इटली और थाईलैंड प्रमुख हैं। ये देश भारत के कुल निर्यात का करीब 59% हिस्सा रखते हैं, जो बाजार विविधीकरण की सफलता को दर्शाता है।
नई व्यापार नीति का असर: दुनिया की ओर नया रुख
स्पेन, यूएई, चीन, बांग्लादेश जैसे देशों को भी भारत का निर्यात तेज़ी से बढ़ा है। साथ ही, अफ्रीका, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों में भी भारत ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई। यह रणनीतिक बदलाव न केवल टैरिफ के असर को कम करने में मददगार रहा, बल्कि लंबे समय के लिए व्यापार विविधता की नींव भी मजबूत की।
भारत का व्यापार घाटा बढ़ा, लेकिन आर्थिक स्थिरता बरकरार
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 155 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल 145 अरब डॉलर था। हालांकि, इस अवधि में कुल निर्यात 3% बढ़कर 220 अरब डॉलर और आयात 4.5% बढ़कर 375 अरब डॉलर हो गया, जो घरेलू मांग की मजबूती और अर्थव्यवस्था की स्थिरता का संकेत है।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता: IMF ने सराहा भारत का प्रदर्शन, बताया शानदार
भारत की नीतियों और लचीलापन को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी सराहा है। IMF की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की जीडीपी ग्रोथ दर 6.6% रहने का अनुमान है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ है। यह दर्शाता है कि भारत सिर्फ झटकों को झेलने में नहीं, बल्कि उनसे उबरकर आगे बढ़ने में भी सक्षम है।

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