क्या है पूरा मामला?
2017 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत से झींगा आयात पर व्हाइट स्पॉट वायरस के चलते रोक लगा दी थी। उस समय भारत से भेजे गए कुछ कंसाइनमेंट में यह वायरस पाया गया था, जिससे झींगों की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। इसके बाद से भारत से ऑस्ट्रेलिया झींगा नहीं मंगवा रहा था। लेकिन अब, 2025 में पहली बार, ऑस्ट्रेलिया ने भारत के आंध्र प्रदेश से एक कंसाइनमेंट को सशर्त मंजूरी दी है। यह खबर भारत के समुद्री खाद्य उत्पाद उद्योग के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।
क्यों खास है आंध्र प्रदेश?
भारत से होने वाले झींगा निर्यात का 80% हिस्सा आंध्र प्रदेश से आता है। इनमें से लगभग 70% झींगा अमेरिका को निर्यात होता था। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के तहत झींगे पर 59.72% तक टैरिफ लगाने से यह व्यापार घाटे में चला गया। इससे आंध्र प्रदेश के हजारों मछुआरे और निर्यातक बुरी तरह प्रभावित हुए थे। अब ऑस्ट्रेलिया का रुख बदलना उनके लिए एक नई आशा की किरण लेकर आया है।
नारा लोकेश की अहम भूमिका
आंध्र प्रदेश सरकार के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश, जो इन दिनों ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं, उन्होंने ही इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह फैसला भारतीय सीफूड निर्यातकों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि “व्हाइट स्पॉट वायरस के चलते जो रोक लगी थी, उसे अब शर्तों के साथ हटाया गया है। पहला कंसाइनमेंट मंजूर हो गया है, और यह मछुआरा समुदाय के लिए बड़ी राहत है।”
अब और उम्मीद किससे है?
भारत के निर्यातक अब केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहते। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के बाजार तेजी से उभरते विकल्प बन सकते हैं। ऑकलैंड स्थित हैस्पर ब्रांड लैब्स के दिलीप मद्दुकुरी ने बताया कि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के आयातक लंबे समय से अपनी सरकारों पर आयात प्रतिबंध हटाने के लिए दबाव बना रहे थे। अब यह फैसला एक नए युग की शुरुआत हो सकती है, खासकर जब अमेरिका के टैरिफ के चलते व्यापार काफी प्रभावित हुआ हो।

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