यह जानकारी प्रदेश के उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बी.एल. शर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न डिग्री महाविद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की योजना बनाई गई है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके और संस्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार हो।
इतने पदों पर होगी भर्ती
घोषित भर्ती में कुल 2270 पद शामिल हैं। इनमें से 1253 पद राजकीय महाविद्यालयों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन पदों के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पहले ही विज्ञापन जारी कर चुका है और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा 1017 पद सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भरे जाएंगे। इन पदों के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
खाली पदों का डाटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू
सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में रिक्त पदों की सही जानकारी जुटाने के लिए ई-अधियाचन पोर्टल को सक्रिय कर दिया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से महाविद्यालयों से खाली पदों का विवरण लिया जा रहा है। इसके बाद पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके।
शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए नई व्यवस्था
राज्य में कार्यरत शिक्षकों के लिए स्थानांतरण व्यवस्था को भी आसान बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणाली लागू की जाएगी। इस व्यवस्था में महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रबंधन को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनापत्ति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था के अनुसार कोई भी शिक्षक स्थानांतरण के लिए तभी आवेदन कर सकेगा जब उसने कम से कम तीन वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। साथ ही पूरी सेवा अवधि में केवल एक बार स्थानांतरण का अवसर मिलेगा।
प्रदेश में अब उच्च शिक्षा के विस्तार पर भी जोर
प्रदेश में उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। पिछले वर्ष राज्य में 46 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए गए थे। इसके अलावा महाविद्यालयों की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक नई रैंकिंग व्यवस्था भी लागू की जा रही है। इस रैंकिंग के तहत राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों का मूल्यांकन कई मानकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले शीर्ष दस महाविद्यालयों को सरकार की ओर से दो करोड़ रुपये की विशेष सहायता दी जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी पहल
सरकार का मानना है कि नई भर्तियों और सुधारात्मक कदमों से उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर होगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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