केंद्र सरकार का बड़ा कदम: LPG छोड़ PNG अपनाने की अपील

नई दिल्ली। देश में ईंधन की बढ़ती मांग और सप्लाई पर दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम पहल की है। सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं से अपील की है कि जहां संभव हो, वे पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर शिफ्ट करें। इस कदम का उद्देश्य न केवल एलपीजी पर दबाव कम करना है, बल्कि साफ और सुरक्षित ईंधन के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देना है।

क्यों की गई यह अपील?

सरकार का मानना है कि लगातार बढ़ती मांग के कारण एलपीजी सप्लाई पर दबाव बनता जा रहा है। ऐसे में जिन इलाकों में PNG का इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद है, वहां उपभोक्ताओं को इस विकल्प को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे गैस वितरण प्रणाली अधिक संतुलित हो सकेगी।

31 मार्च तक मिलेगा खास फायदा

सरकार और गैस वितरण कंपनियां मिलकर उपभोक्ताओं को PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। 31 मार्च 2026 तक शिफ्ट करने वालों के लिए कई तरह के इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। Indraprastha Gas Limited (IGL) ग्राहकों को 500 रुपये की मुफ्त गैस दे रही है।

वहीं, Mahanagar Gas Limited (MGL) ने रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दी है और कमर्शियल ग्राहकों के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट खत्म कर दिया है। जबकि GAIL Gas Limited भी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त गैस का लाभ दे रही है। Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) ने कमर्शियल कनेक्शन पर सिक्योरिटी डिपॉजिट में राहत दी है।

PNG क्यों है बेहतर विकल्प?

PNG को एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है। इसकी सप्लाई पाइपलाइन के जरिए सीधे होती है, जिससे सिलेंडर की जरूरत खत्म हो जाती है। इसके कई फायदे हैं, सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी की झंझट नहीं, स्टोरेज की समस्या से राहत, कम प्रदूषण और ज्यादा सुरक्षित, लगातार गैस सप्लाई।

CGD नेटवर्क का तेजी से विस्तार

पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा शहरों और कस्बों तक PNG पहुंचाना है। इससे घरों के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक उपभोक्ता संबंधित गैस कंपनियों की वेबसाइट, ग्राहक पोर्टल, ईमेल या कॉल सेंटर के जरिए PNG कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे संभावित ग्राहकों तक पहुंच बनाएं और इस बदलाव को आसान बनाएं।

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