केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, बिना प्रमोशन मिलेगी हाई-लेवल सैलरी!

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कुछ अधिकारियों के लिए वेतन से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन (NFU) व्यवस्था के तहत पात्र अधिकारियों को नियमित पदोन्नति के बिना भी ऊंचे पे-लेवल का वित्तीय लाभ मिल सकता है। यानी कर्मचारी का पद और जिम्मेदारी पहले जैसी रह सकती है, लेकिन निर्धारित शर्तें पूरी होने पर उसकी सैलरी उच्च स्तर के अनुरूप बढ़ सकती है।

क्या है NFU की व्यवस्था?

NFU का पूरा नाम Non-Functional Upgradation है। यह व्यवस्था मुख्य रूप से संगठित ग्रुप 'ए' सेवाओं के पात्र अधिकारियों के लिए लागू होती है। इसका उद्देश्य ऐसी स्थिति में वित्तीय समानता बनाए रखना है, जब किसी बैच के समकक्ष अधिकारी को उच्च स्तर पर पदोन्नति मिल जाए, लेकिन दूसरे अधिकारी को पदोन्नति के लिए तत्काल अवसर न मिल पाए।

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी बैच के एक अधिकारी को उच्च पद के अनुरूप पे-लेवल मिल जाता है और समान परिस्थितियों वाला दूसरा अधिकारी नियमित प्रमोशन से वंचित रह जाता है, तो नियमों के तहत वह NFU के लिए पात्र हो सकता है। हालांकि इसका लाभ अपने आप नहीं मिलता, बल्कि निर्धारित पात्रता और प्रक्रियाओं को पूरा करना जरूरी होता है।

बिना प्रमोशन के बढ़ सकती है सैलरी

NFU की सबसे खास बात यही है कि इसमें वित्तीय अपग्रेडेशन मिल सकता है, जबकि कर्मचारी का वास्तविक पद नहीं बदलता। यानी पे-लेवल और उससे जुड़ा वेतन लाभ बढ़ सकता है, लेकिन अधिकारी का पदनाम, जिम्मेदारियां और प्रशासनिक अधिकार पहले वाले पद के ही रहेंगे। इसलिए इसे नियमित प्रमोशन समझना सही नहीं होगा। यह मूल रूप से वेतन संबंधी लाभ देने की व्यवस्था है।

किन शर्तों पर मिलता है यह लाभ?

NFU के लिए अधिकारियों को संबंधित नियमों के तहत कई शर्तें पूरी करनी होती हैं। इनमें वर्तमान ग्रेड में निर्धारित सेवा अवधि पूरी करना और प्रमोशन के लिए जरूरी सेवा रिकॉर्ड या प्रदर्शन मानकों को पूरा करना शामिल है। अधिकारी की पात्रता संबंधित सेवा नियमों और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर तय की जाती है।

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