भारत का नया ब्रह्मास्त्र तैयार! BrahMos-NG की रफ्तार देख कांपेगा दुश्मन

नई दिल्ली। भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में BrahMos-NG को अहम परियोजना माना जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत को बरकरार रखते हुए उसे आकार और वजन में अधिक कॉम्पैक्ट बनाना है, ताकि ज्यादा लड़ाकू विमानों और अन्य प्लेटफॉर्म से इसका इस्तेमाल संभव हो सके।

क्यों जरूरी हुई BrahMos-NG?

मौजूदा ब्रह्मोस की बड़ी ताकत उसकी तेज रफ्तार और सटीक हमला करने की क्षमता है, लेकिन इसका आकार और वजन काफी अधिक है। इसी वजह से इसे भारतीय वायुसेना के सीमित प्लेटफॉर्म पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन, BrahMos-NG को इसी चुनौती को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। हल्का और छोटा डिजाइन होने के कारण इसे भविष्य में कई आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ जोड़ने की योजना है। इससे भारतीय वायुसेना की मिसाइल तैनाती क्षमता बढ़ सकती है।

छोटी होगी, लेकिन रफ्तार रहेगी तेज

BrahMos-NG के डिजाइन में आकार और वजन कम करने पर खास ध्यान दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसकी लंबाई करीब 6 मीटर और वजन लगभग 1.3 से 1.6 टन के बीच हो सकता है। तुलना में मौजूदा एयर-लॉन्च ब्रह्मोस का आकार और वजन अधिक है।

इसके बावजूद BrahMos-NG में सुपरसोनिक गति बनाए रखने का लक्ष्य है। करीब Mach 3 की रफ्तार इसे बेहद तेज क्रूज मिसाइलों की श्रेणी में रखती है। हालांकि इसकी अंतिम तकनीकी क्षमताएं और परिचालन आंकड़े परियोजना के विकास और आधिकारिक परीक्षणों के बाद ही स्पष्ट होंगे।

कई फाइटर जेट्स पर हो सकती है तैनाती

BrahMos-NG का कॉम्पैक्ट डिजाइन इसे अलग-अलग लड़ाकू विमानों के लिए उपयोगी बना सकता है। इसके संभावित प्लेटफॉर्म में Su-30MKI, Tejas Mk1A, Tejas Mk2 और TEDBF जैसे विमान शामिल बताए जाते हैं। भविष्य में AMCA जैसे प्लेटफॉर्म के साथ इसके एकीकरण की संभावना भी चर्चा में रही है।

एक विमान से ज्यादा मिसाइलें ले जाने की क्षमता

BrahMos-NG का सबसे बड़ा फायदा इसका कम वजन हो सकता है। मौजूदा भारी ब्रह्मोस की तुलना में हल्की मिसाइल होने के कारण एक लड़ाकू विमान पर एक से अधिक मिसाइलें तैनात करने की संभावना बढ़ जाती है। इससे एक ही मिशन में अधिक लक्ष्य साधने की क्षमता विकसित हो सकती है। हालांकि वास्तविक संख्या विमान के कॉन्फिगरेशन, पेलोड सीमा और एकीकरण परीक्षणों पर निर्भर करेगी।

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