मुख्य बिंदु
विद्युत नियामक आयोग ने 17 अक्टूबर को स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर का रेट उसकी ओर से तय नहीं किया गया। इसके बावजूद पावर कारपोरेशन उपभोक्ताओं से मीटर की कीमत वसूल रहा है। परिषद ने मांग की है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य करने की व्यवस्था पर भी रोक लगाई जाए।
उपभोक्ताओं के हित में कदम
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आयोग को पावर कारपोरेशन प्रबंधन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी मांग की कि अब तक उपभोक्ताओं से वसूले गए लगभग 13 करोड़ रुपये को वापस कराया जाए।
संदेश उपभोक्ताओं के लिए
इस प्रस्ताव के बाद यह संभावना है कि नए कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर की वसूली पर रोक लगाई जा सकती है और मीटर की कीमत पर पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी अतिरिक्त वसूली के मामले में आयोग या परिषद से संपर्क करें।

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