यूपी में 'बिजली उपभोक्ताओं' के लिए 1 बड़ा अपडेट!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग में विरोध प्रस्ताव दाखिल कर नए कनेक्शन पर उपभोक्ताओं से 6,016 रुपये वसूले जाने पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। परिषद का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत का निर्धारण आयोग ने नहीं किया है, ऐसे में पावर कारपोरेशन द्वारा वसूली करना नियमों का उल्लंघन है।

मुख्य बिंदु

विद्युत नियामक आयोग ने 17 अक्टूबर को स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर का रेट उसकी ओर से तय नहीं किया गया। इसके बावजूद पावर कारपोरेशन उपभोक्ताओं से मीटर की कीमत वसूल रहा है। परिषद ने मांग की है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य करने की व्यवस्था पर भी रोक लगाई जाए।

उपभोक्ताओं के हित में कदम

परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आयोग को पावर कारपोरेशन प्रबंधन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी मांग की कि अब तक उपभोक्ताओं से वसूले गए लगभग 13 करोड़ रुपये को वापस कराया जाए।

संदेश उपभोक्ताओं के लिए

इस प्रस्ताव के बाद यह संभावना है कि नए कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर की वसूली पर रोक लगाई जा सकती है और मीटर की कीमत पर पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी अतिरिक्त वसूली के मामले में आयोग या परिषद से संपर्क करें।

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