यूपी में घर-घर जाएंगे BLO, मतदाता सूची होगी शुद्ध और अपडेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का काम जोर-शोर से हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग की समय-सारिणी जारी होने के बाद प्रदेश में पूरी तैयारी कर ली गई है और अब बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाता सूची का निरीक्षण करेंगे।

1. 1.62 लाख BLO की ड्यूटी:

एसआईआर के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में 1.62 लाख बीएलओ को तैनात किया गया है। इन अधिकारियों का काम मतदाताओं की सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना होगा। बीएलओ घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि सूची में शामिल सभी मतदाता वास्तविक और सही पते पर हैं।

2. सूची में बदलाव:

एसआईआर के दौरान ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे जिनका दो स्थानों पर नाम दर्ज है, जो एक स्थान से दूसरे स्थान चले गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, या गलती से किसी विदेशी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल हो गया है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि प्रदेश की मतदाता सूची पूरी तरह से अद्यतित और विश्वसनीय हो।

3. अधिकारियों की तैनाती:

बीएलओ के साथ ही उत्तर प्रदेश में 2,445 रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) तैनात किए गए हैं। प्रदेश के सभी 75 जिलों में डीएम जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे और एसआईआर की निगरानी करेंगे।

4. राजनीतिक दलों की भूमिका:

राजनीतिक दलों ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया है और 1.92 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) बनाए गए हैं। प्रत्येक पोलिंग बूथ के लिए लगभग 1,000 मतदाताओं के आधार पर व्यवस्था की गई है।

5. प्रशिक्षण और तैयारी:

बीते दिनों चुनाव आयोग की ओर से सभी बीएलओ और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि कार्य में कोई त्रुटि न हो और प्रत्येक मतदाता सूची का सत्यापन सही तरीके से किया जा सके।

6. एसआईआर का इतिहास:

चुनाव आयोग वर्ष 1951 से लेकर 2004 तक आठ बार एसआईआर कर चुका है। अब 21 साल बाद फिर से यह प्रक्रिया पूरे प्रदेश में लागू की जा रही है, ताकि सभी मतदाता सूची पूर्णत: अद्यतन और शुद्ध हों।

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