भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा, आर्थिक मजबूती के संकेत

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार मजबूती की ओर बढ़ रहा है। 17 अक्टूबर 2025 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में $4.496 बिलियन की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक सप्ताह पहले इसमें $2.176 बिलियन की गिरावट आई थी। अब देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार $702.280 बिलियन तक पहुँच गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 27 सितंबर 2024 को यह भंडार $704.885 बिलियन के रिकार्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका था।

विदेशी मुद्रा आस्तियों में गिरावट

हालांकि, रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Assets – FCA) में कमी देखी गई। 17 अक्टूबर 2025 को समाप्त सप्ताह में FCA में $1.692 बिलियन की गिरावट दर्ज हुई। इससे पहले भी FCA में $5.605 बिलियन की गिरावट हुई थी। वर्तमान में इसका स्तर $570.411 बिलियन पर आ गया है। FCA में डॉलर के अलावा यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के प्रभाव भी शामिल होते हैं, इसलिए इनके मूल्य में उतार-चढ़ाव भंडार में बदलाव का कारण बनते हैं।

सोने के भंडार में इजाफा

देश के सोने के भंडार में भी बढ़ोतरी जारी है। 17 अक्टूबर 2025 को समाप्त सप्ताह में सोने के भंडार में $6.181 बिलियन का इजाफा हुआ। इससे एक सप्ताह पहले यह वृद्धि $3.595 बिलियन रही थी। इस समय आरबीआई के पास सोने का कुल भंडार 880 टन से अधिक हो गया है, जिसकी वर्तमान वैल्यू $108.546 बिलियन के करीब है। सोने का यह भंडार देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 14.7% हिस्सा है। दिवाली के आस-पास सोने की कीमतों में तेजी के कारण भंडार का मूल्य बढ़ा।

SDR और IMF में मामूली बदलाव

स्पेशल ड्रॉइंग राइट (SDR) में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है। इसी सप्ताह SDR में $38 मिलियन का इजाफा हुआ, जबकि एक सप्ताह पहले इसमें $130 मिलियन की गिरावट आई थी। IMF के पास रखे गए भारत के भंडार में $30 मिलियन की कमी हुई और अब यह $4.602 बिलियन पर है।

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