अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बढ़ी
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका लैटिन अमेरिका में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने यूएसएस गेराल्ड फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर और इसके साथ पांच विध्वंसक युद्धपोतों को इस क्षेत्र में तैनात करने का आदेश दिया है। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बताया कि यह कदम अमेरिकी मातृभूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पश्चिमी गोलार्ध में अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
ड्रग्स तस्करी या बहाना
ट्रंप प्रशासन ने दावा किया है कि वेनेजुएला के खिलाफ यह कार्रवाई ड्रग तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए है। हालांकि, अमेरिका की सैन्य तैयारी इसके दायरे से कहीं आगे है। यूएसएस गेराल्ड फोर्ड के स्ट्राइक ग्रुप में पांच विध्वंसक जहाज और 4,500 अतिरिक्त सैनिक शामिल हैं। इससे पहले ही अमेरिका के आठ युद्धपोत 6,000 नाविक और मरीन के साथ इस क्षेत्र में तैनात थे।
वेनेजुएला का कड़ा रुख
वेनेजुएला ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा। देश के 5,000 से अधिक एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल पूरे देश में तैनात हैं, जो किसी भी अमेरिकी हमले को रोकने के लिए तैयार हैं। विदेश मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो ने कहा कि वेनेजुएला शांति चाहता है, लेकिन किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।
अमेरिका का डबल स्टैंडर्ड
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका बार-बार लोकतंत्र और मानवाधिकार का ढोंग करते हुए दूसरे देशों पर सैन्य दबाव डालता रहा है। वियतनाम, इराक और अफगानिस्तान में इसके उदाहरण मिलते हैं। ट्रंप प्रशासन का यह दावा कि मादुरो सरकार ड्रग्स और अवैध आप्रवासन के जरिए अमेरिका पर हमला कर रही है।
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