किसानों के चेहरे पर मुस्कान, बिहार सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के किसानों के लिए यह वाकई राहत भरी खबर है। अब उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। राज्य सरकार ने कृषि विपणन व्यवस्था में बड़ा सुधार करते हुए मंडियों को आधुनिक “कृषि सुपर बाजार” के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की है। यह कदम कृषि रोड मैप 2023–28 के तहत उठाया गया है, जिसका सीधा फायदा किसानों की आमदनी बढ़ाने में मिलेगा।

आधुनिक बाजार व्यवस्था से मजबूत होगा किसान

राज्य में इस समय 53 कृषि उपज बाजार प्रांगण कार्यरत हैं। इनमें से 22 प्रमुख बाजारों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इन बाजारों में किसानों को फसल बेचने, भंडारण करने और बेहतर दाम पाने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव के अनुसार, इन बाजारों को आधुनिक ढांचे में ढालकर किसानों को मजबूत और पारदर्शी विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।

किन बाजारों का हो रहा है कायाकल्प

जिन बाजार प्रांगणों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, उनमें मुसल्लहपुर (पटना), बिहटा, पूर्णिया (गुलाबबाग),  आरा, हाजीपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सासाराम, बेगूसराय, कटिहार, फारबिसगंज, जहानाबाद, दरभंगा, किशनगंज, छपरा, मोतिहारी, गया, बेतिया, दाउदनगर, मोहनिया और बिहारशरीफ (स्मार्ट सिटी योजना के तहत) शामिल हैं।

‘कृषि रोड मैप’ साबित हो रहा गेम चेंजर

सरकार के अनुसार दाउदनगर, वैशाली, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और मोहनिया जैसे कई बाजारों में विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि अन्य स्थानों पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। इन बाजारों में: आधुनिक शेड, पक्की आंतरिक सड़कें, पेयजल और बिजली, स्वच्छता व्यवस्था, कार्यालय भवन, भंडारण और गोदाम जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

किसानों को मिलेगा फसल का सही दाम

इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाना है। भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मूल्य संवर्द्धन की सुविधाओं से किसान अपनी फसल को बेहतर तरीके से बाजार में उतार सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका स्वतः कम होगी और किसान का मुनाफा बढ़ेगा।

ई-नाम से जुड़कर खुलेगा देशभर का बाजार

बिहार के 20 कृषि उपज बाजार प्रांगणों को पहले ही ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) से जोड़ा जा चुका है। इसके जरिए किसान अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी उपज बेच पा रहे हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और प्रतिस्पर्धा के कारण बेहतर कीमत मिलने लगी है।

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