इस योजना के तहत वेदांता समूह की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया जाएगा। इसका उद्देश्य पुराने आंगनबाड़ी केंद्रों को ऐसा मॉडल बनाना है, जहां बच्चों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और महिलाओं को कौशल विकास के अवसर मिल सकें।
पहले चरण में इन जिलों के केंद्रों का चयन
योजना के शुरुआती चरण में पटना, गया, पूर्णिया, सीतामढ़ी, जमुई और शेखपुरा समेत कई जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों को शामिल किया जाएगा। पहले उन केंद्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास अपना भवन उपलब्ध है, ताकि वहां आधुनिक सुविधाओं को आसानी से विकसित किया जा सके।
बच्चों को मिलेगी स्मार्ट पढ़ाई की सुविधा
नंद घर में बच्चों के लिए पढ़ाई का तरीका भी बदलेगा। यहां टीवी, ऑडियो-विजुअल माध्यम और आधुनिक शिक्षण सामग्री के जरिए खेल-खेल में सीखने की व्यवस्था होगी। तीन से छह साल के बच्चों के लिए प्ले स्कूल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे उनकी शुरुआती शिक्षा मजबूत हो सके।
माताओं और गर्भवती महिलाओं को भी फायदा
इस योजना का लाभ सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रहेगा। गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए पोषण संबंधी सहायता और स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने की योजना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी।
सोलर बिजली और साफ पानी की व्यवस्था होगी
आधुनिक नंद घरों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। इन केंद्रों में सोलर पैनल के जरिए बिजली की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा बच्चों और महिलाओं के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वॉटर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे।

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