वेतन संरचना में इस अंतर को कंप्रेशन रेशियो कहा जाता है। आसान भाषा में समझें तो यह बताता है कि सबसे कम बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी और सबसे ज्यादा बेसिक सैलरी पाने वाले अधिकारी के वेतन में कितना फर्क है।
अभी कितना है वेतन का अंतर?
7वें वेतन आयोग के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये प्रति माह है, जबकि अधिकतम बेसिक वेतन 2.50 लाख रुपये प्रति माह तक है। यानी न्यूनतम और अधिकतम वेतन के बीच अनुपात करीब 1:13.9 का है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह अंतर काफी ज्यादा है और इसे कम करने की जरूरत है।
8वें वेतन आयोग में क्या मांग कर रहे कर्मचारी?
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि नए वेतन आयोग में वेतन अंतर को कम किया जाए। कुछ संगठनों ने न्यूनतम और अधिकतम वेतन का अनुपात करीब 1:8 रखने की मांग रखी है। अगर इस मांग पर विचार किया जाता है तो सबसे ज्यादा फायदा निचले स्तर के कर्मचारियों को मिल सकता है। इससे उनकी बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है 8वां वेतन आयोग?
8वां वेतन आयोग केवल वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसमें वेतन असमानता, भत्तों और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखने की उम्मीद है। अब कर्मचारियों की नजर आयोग की सिफारिशों पर है। आने वाले समय में तय होगा कि नए वेतन ढांचे में कितना बदलाव किया जाता है और इसका फायदा किन कर्मचारियों को कितना मिलता है।
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