योजना के तहत दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस माफ करने या उसकी भरपाई सरकार की ओर से करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से बेटियों की पढ़ाई को लेकर परेशान होते हैं।
सात जिलों से मांगी गई फीस की जानकारी
योजना को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने निजी स्कूलों से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सात प्रमुख जिलों के अधिकारियों से स्कूलों में ली जा रही ट्यूशन फीस का पूरा विवरण मांगा है। इसमें यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े निजी विद्यालयों की कक्षा 9 से 12 तक की फीस की जानकारी शामिल है। इस डेटा के आधार पर यह तय किया जाएगा कि योजना को किस तरह लागू किया जाए।
एक जुलाई को होगी अहम बैठक
महिला कल्याण विभाग ने इस योजना को लेकर एक जुलाई को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक में योजना के स्वरूप, पात्रता और लाभ देने की प्रक्रिया पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक परेशानी के कारण बेटियों की शिक्षा प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर पढ़ाई के अवसर मिल सकें।
बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
सरकार लगातार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। निजी स्कूलों में पढ़ने वाली जरूरतमंद बेटियों को फीस में राहत देने का यह कदम भी इसी दिशा में देखा जा रहा है। अगर योजना लागू होती है तो हजारों परिवारों को फायदा मिल सकता है और बेटियों की पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक मदद मिलेगी।
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