योजना के तहत महिलाओं को एक साथ पूरा लोन नहीं मिलेगा, बल्कि इसे अलग-अलग चरणों में उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआत में ₹20 हजार तक का कर्ज दिया जाएगा। पहली किस्त समय पर चुकाने पर महिला को दूसरी बार ₹30 हजार तक का लोन मिल सकेगा। इसके बाद भुगतान का रिकॉर्ड बेहतर रहने पर तीसरे चरण में ₹50 हजार तक का क्रेडिट दिया जाएगा। इस तरह तीनों चरणों को मिलाकर महिला को कुल ₹1 लाख तक ब्याज-मुक्त कर्ज मिल सकता है।
कारोबार शुरू करने में मिलेगी मदद
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और छोटे कारोबार से जोड़ना भी है। लोन की मदद से महिलाएं अपनी जरूरत के मुताबिक छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं या पहले से चल रहे काम को बढ़ा सकती हैं।
डिजिटल सुविधाओं से भी जोड़ने की तैयारी
योजना के तहत महिला उद्यमियों को विशेष क्रेडिट कार्ड देने की भी तैयारी है। इसके जरिए उन्हें डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बिक्री, डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय सेवाओं जैसी सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अपने उत्पाद बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा महिलाओं के लिए महिला शक्ति केंद्र और ई-रिक्शा जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार का फोकस स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सरकारी योजनाओं और रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर है।
.png)
0 comments:
Post a Comment