आंध्र मॉडल से बदलेगी व्यवस्था
आंध्र प्रदेश ने राशन की दुकानों के जरिए दिए जाने वाले चावल में टूटे दानों की मात्रा 10 प्रतिशत तक सीमित करने का प्रयोग किया था। इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर गुणवत्ता का चावल उपलब्ध कराने के साथ उसकी खपत बढ़ाना था। पायलट के सफल रहने के बाद अब इसी मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की बात कही गई है।
चावल के साथ दाल और तेल पर भी राहत
आंध्र प्रदेश सरकार के मुताबिक राज्य में लोगों को सस्ती दर पर जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की भी तैयारी है। तूर दाल और पाम ऑयल को बाजार कीमत से करीब 30 प्रतिशत कम दर पर उपलब्ध कराने की योजना बताई गई है। प्रत्येक पात्र कार्डधारक को एक किलो तूर दाल देने की बात कही गई है।
1000 मी-मार्ट खोलने की तैयारी
कम कीमत पर बेहतर सामान उपलब्ध कराने के लिए आंध्र प्रदेश में एनसीसीएफ से जुड़कर करीब 1,000 मी-मार्ट शुरू किए जा रहे हैं। इनमें रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं कम कीमत पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके अलावा राज्य सरकार आगामी खरीफ सीजन में करीब 38 लाख टन धान खरीदने की तैयारी भी कर रही है।
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