इन जिलों से होकर गुजरेगा फोरलेन
इस परियोजना का फायदा सारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी को सीधे तौर पर मिलेगा। सड़क के लिए कुल 107 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। इनमें सारण के 10, गोपालगंज के 13, पूर्वी चंपारण के 48, शिवहर के 5 और सीतामढ़ी के 31 गांव शामिल हैं।
मंजूरी के बाद शुरू होगी प्रक्रिया शुरू
केंद्र से डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और फिर निर्माण के लिए निविदा जारी की जाएगी। तीसरे पैकेज में मशरख से शिवहर तक करीब 76 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं राम-जानकी पथ के पहले और दूसरे पैकेज में करीब 90 किलोमीटर सड़क का काम पहले से चल रहा है।
कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन को भी फायदा
राम-जानकी पथ का मकसद उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल सीमा के बीच संपर्क को बेहतर करना है। पूरी परियोजना तैयार होने के बाद इन इलाकों में आवागमन आसान होने के साथ धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह सड़क अयोध्या और सीतामढ़ी-जनकपुर क्षेत्र के बीच संपर्क को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
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