नई व्यवस्था के तहत उपचार शुरू होने के 30 दिन के भीतर विभाग को इसकी सूचना देनी होगी, जबकि 90 दिन के अंदर जनहित स्वास्थ्य पोर्टल पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति का दावा दाखिल करना होगा। इसके लिए इलाज से जुड़े जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
आपको बता दें की दावा मिलने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत 45 कार्यदिवस के अंदर प्रतिपूर्ति राशि के भुगतान की कार्रवाई की जाएगी। राशि का निर्धारण एसजीपीजीआइ लखनऊ और एम्स दिल्ली की निर्धारित चिकित्सा दरों के आधार पर होगा।
लाखों कर्मचारियों-पेंशनरों को फायदा
इस नई व्यवस्था का लाभ करीब 16.35 लाख कर्मचारियों और 11.53 लाख पेंशनरों को मिलेगा। अब तक दावों की जांच में कागजी कार्रवाई और भौतिक पत्राचार के कारण काफी समय लगता था। ऑनलाइन व्यवस्था से प्रक्रिया में पारदर्शिता आने के साथ निस्तारण भी आसान होने की उम्मीद है।
कर्मचारी जनहित स्वास्थ्य पोर्टल पर लॉगिन बनाकर चिकित्सा प्रतिपूर्ति का विकल्प चुन सकेंगे। इलाज के बिल, डिस्चार्ज विवरण, जांच रिपोर्ट, दवाओं और अन्य जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। विभागों को भी कर्मचारियों के सेवा अभिलेख, आश्रितों की जानकारी और संबंधित कोड समय पर अपडेट करने होंगे।
सरकार ने साफ किया है कि अब चिकित्सा प्रतिपूर्ति के दावे भौतिक रूप से स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों और पेंशनरों को दावा निपटाने में होने वाली परेशानी काफी कम होने की उम्मीद है।

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