इस परियोजना पर लगभग 845.27 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं और अब तक 87.14 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल ओवरब्रिज के संपर्क मार्ग, अंडरपास कनेक्शन और कुछ हिस्सों में कंक्रीट का काम बाकी है।
बाढ़ और जमीन विवाद बनी बड़ी चुनौती
गंगा के आसपास के इलाके में हर साल कई महीनों तक बाढ़ और जलजमाव रहने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। वहीं करीब 9.5 किलोमीटर हिस्से में जमीन मुआवजे से जुड़े विवाद के कारण भी काम की रफ्तार धीमी रही। बाद में प्रशासनिक स्तर पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाकर इन अड़चनों को दूर किया गया।
पांड ऐश से तैयार हुआ तटबंध
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तटबंध निर्माण के लिए पर्याप्त मिट्टी नहीं मिल पाने पर NTPC से पांड ऐश मंगाकर उसका इस्तेमाल किया गया। इससे निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में मदद मिली और परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है।
बेहतर होगी कनेक्टिविटी
फोरलेन शुरू होने के बाद मुंगेर से भागलपुर, बांका और झारखंड सीमा की ओर आवागमन आसान होने की उम्मीद है। आगे यह मार्ग मिर्जाचौकी और साहिबगंज के जरिए झारखंड से जुड़ता है। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने और समय व परिवहन खर्च घटने में मदद मिल सकती है।
0 comments:
Post a Comment