चार साल तक मिलेगी आर्थिक मदद
इस योजना के लिए ₹55 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। चयनित छात्राओं को हर महीने ₹10 हजार की फेलोशिप दी जाएगी। यह सहायता अधिकतम चार वर्षों तक जारी रहने का प्रस्ताव है। इस हिसाब से एक छात्रा को पूरी अवधि में ₹4.80 लाख तक मिल सकते हैं।
1,000 छात्राओं का होगा चयन
योजना के तहत 1,000 छात्राओं को लाभ देने की तैयारी है। चयन विशेषज्ञों की कमेटी के जरिए किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पीएचडी और शोध कार्य के लिए आर्थिक सहयोग देना तथा उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। फेलोशिप जारी रखने से पहले छात्राओं के शोध कार्य की प्रगति भी देखी जाएगी। नियमित समीक्षा के आधार पर अगली किस्त जारी करने का फैसला होगा।
केंद्रीय फेलोशिप से ज्यादा प्रस्तावित राशि
प्रस्तावित योजना में ₹10 हजार मासिक सहायता रखी गई है, जो केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पीएचडी के लिए बताई गई ₹9 हजार मासिक फेलोशिप से अधिक है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगस्त में इस योजना की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे राज्य के विश्वविद्यालयों में लागू करने का रास्ता साफ होगा।
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