छह हिस्सों में आगे बढ़ेगा काम
योजना के तहत डीडीयू से किऊल तक तीसरी और चौथी लाइन, जबकि किऊल से झाझा के बीच तीसरी लाइन विकसित की जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट को छह सेक्शन में बांटा गया है। डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा। रेलवे की ओर से अलग-अलग हिस्सों में काम को आगे बढ़ाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?
डीडीयू से झाझा का यह रूट दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर के व्यस्त रेल मार्गों में शामिल है। यहां यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियां भी चलती हैं। अतिरिक्त लाइन बनने से ट्रेनों के संचालन के लिए ज्यादा क्षमता उपलब्ध होगी और परिचालन का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
इसका फायदा राजधानी और सुपरफास्ट ट्रेनों समेत दूसरी यात्री सेवाओं को भी मिल सकता है। ट्रेनों के आउटर पर रुकने और परिचालन में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है। साथ ही बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बीच यात्री आवागमन व माल ढुलाई को भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल सकती है।
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