केंद्र से ₹78 हजार, राज्य से ₹20 हजार तक
केंद्र की ओर से 1 किलोवाट के प्लांट पर ₹30 हजार, 2 किलोवाट पर ₹60 हजार और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के लिए अधिकतम ₹78 हजार की सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा बिहार सरकार 1.1 किलोवाट तक ₹10 हजार और 3 किलोवाट तक अधिकतम ₹20 हजार अतिरिक्त सहायता देगी।
534 प्रखंडों में खुलेंगे सोलर मार्ट
योजना को गांवों तक पहुंचाने के लिए बिहार के सभी 534 प्रखंडों में सोलर मार्ट स्थापित करने की तैयारी है। इन्हें जीविका दीदियों के सहयोग से संचालित करने की योजना है। इसके लिए उन्हें सौर ऊर्जा प्रणालियों से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
किसानों तक भी पहुंचेगी सौर बिजली
सरकार का अगला फोकस कृषि क्षेत्र है। अगले दो वर्षों में कृषि फीडरों को पूरी तरह सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि किसानों को दिन के समय सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध कराई जा सके। सरकार के अनुसार इससे कृषि बिजली सब्सिडी में करीब ₹5,000 करोड़ तक की बचत का लक्ष्य है।
इसके अलावा पीएम-कुसुम योजना के तहत करीब 2,500 कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा। बिहार में ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नीति लाने की तैयारी है, जिसमें करीब ₹16 हजार करोड़ के निवेश की संभावना जताई गई है।
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