चीन को लेकर भारत का बड़ा कदम! ग्लाइसिन को लेकर जांच शुरू

नई दिल्ली। भारत ने चीन से आने वाले ग्लाइसिन के आयात पर डंपिंग-रोधी जांच शुरू की है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने यह कार्रवाई घरेलू कंपनी एविड ऑर्गेनिक्स की शिकायत के बाद शुरू की है। कंपनी का आरोप है कि चीन से कम कीमत पर ग्लाइसिन के आयात से घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंच रहा है।

ग्लाइसिन का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ दवा उद्योग में भी किया जाता है। शिकायत के आधार पर अब DGTR यह पता लगाएगा कि क्या चीन से आने वाला उत्पाद सामान्य कीमत से कम दाम पर भारतीय बाजार में बेचा जा रहा है और इससे घरेलू निर्माताओं पर कितना असर पड़ा है।

जांच के बाद क्या होगा?

यदि जांच में डंपिंग और घरेलू उद्योग को गंभीर नुकसान की पुष्टि होती है, तो DGTR डंपिंग-रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश कर सकता है। हालांकि, शुल्क लागू करने का अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय के स्तर पर होगा।

CPVC रेजिन पर भी जांच

DGTR ने चीन और दक्षिण कोरिया से आने वाले CPVC रेजिन को लेकर भी एक अलग जांच शुरू की है। आरोप है कि इन देशों के उत्पादों पर लागू एंटी-डंपिंग शुल्क को दूसरे देशों के रास्ते आयात करके दरकिनार किया जा रहा है।

डीसीडब्ल्यू, एपिग्राल और लुब्रिजोल एडवांस्ड मैटेरियल्स इंडिया ने आरोप लगाया है कि चीन और दक्षिण कोरिया के उत्पादों को जापान, मलेशिया और थाईलैंड के रास्ते भारत लाकर शुल्क से बचने की कोशिश की जा रही है। CPVC रेजिन का इस्तेमाल मुख्य रूप से औद्योगिक पाइपिंग में किया जाता है। अब DGTR इन आरोपों की भी जांच करेगा।

0 comments:

Post a Comment