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सुबह खाली पेट खाएं भीगी किशमिश! शरीर को मिल सकते हैं ये 5 जबरदस्त फायदे

हेल्थ डेस्क। किशमिश स्वाद में मीठी होने के साथ कई पोषक तत्वों का स्रोत भी है। इसे रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाने का चलन लंबे समय से है। भीगी किशमिश खाने से शरीर को फाइबर, पोटैशियम और कुछ जरूरी एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

1. पाचन के लिए फायदेमंद

किशमिश में फाइबर पाया जाता है, जो आंतों की गतिविधि को बेहतर रखने में मदद कर सकता है। नियमित मात्रा में भीगी किशमिश कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में सहायक हो सकती है।

2. शरीर को मिलती है ऊर्जा

किशमिश में प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट और शुगर होती है। इसलिए सुबह थोड़ी मात्रा में इसका सेवन शरीर को ऊर्जा देने वाला विकल्प हो सकता है।

3. आयरन का अच्छा स्रोत

किशमिश में कुछ मात्रा में आयरन मौजूद होता है। संतुलित आहार के साथ इसका सेवन शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकता है।

4. हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी

किशमिश में पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर इनका सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।

5. हड्डियों के लिए भी मददगार

किशमिश में बोरॉन समेत कुछ खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य से जुड़े पोषण में योगदान कर सकते हैं। इसलिए इसका सेवन फायदेमंद हैं।

खुशखबरी का ताबड़तोड़ ऐलान! यूपी में 10वीं से MBA तक की सीधी भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा मौका सामने आया है। सेवायोजन विभाग की ओर से रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के कई जिलों में रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें हाईस्कूल से लेकर इंजीनियरिंग, पोस्ट ग्रेजुएशन, MBA और ITI तक की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं।

8 हजार से ज्यादा पदों पर मौके

जारी कार्यक्रम के मुताबिक 21 से 23 सितंबर 2026 के बीच अमेठी, एटा, प्रतापगढ़, बरेली, मिर्जापुर, महराजगंज और गाजीपुर में रोजगार मेलों का आयोजन होगा। अमेठी में करीब 2,995 पद, बरेली में 2,180, एटा में 1,183, मिर्जापुर में 753, महराजगंज में 464, प्रतापगढ़ में 250 और गाजीपुर में 225 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। इस तरह इन मेलों में कुल 8,000 से अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।

18 साल की उम्र से ले हिस्सा

रोजगार मेले में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष रखी गई है। अधिकतम उम्र अलग-अलग पदों के अनुसार निर्धारित हो सकती है। अभ्यर्थियों के लिए हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, स्नातकोत्तर, इंजीनियरिंग, डिप्लोमा, ITI और MBA जैसी योग्यताएं मांगी गई हैं।

आवेदन पूरी तरह मुफ्त

इन रोजगार मेलों की खास बात यह है कि अभ्यर्थियों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। चयन संबंधित निजी कंपनियों की जरूरत के अनुसार होगा और कई पदों पर सीधे इंटरव्यू के जरिए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। ये नौकरियां मुख्य रूप से निजी क्षेत्र और संविदा श्रेणी से संबंधित हैं।

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

रोजगार मेले में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को पहले सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उपलब्ध रोजगार मेले और संबंधित रिक्तियों की जानकारी देखकर पात्र पद के लिए आवेदन किया जा सकता है। अभ्यर्थी मेले में जाते समय अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, रिज्यूमे और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ रखें।

डायबिटीज में कौन-कौन से फल नहीं खाने चाहिए? डॉक्टर से जानें

हेल्थ डेस्क। डायबिटीज के मरीजों के लिए खान-पान का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि शुगर की समस्या होने पर सभी फलों को डाइट से बाहर कर दिया जाए। फल शरीर को विटामिन, मिनरल और फाइबर देते हैं, लेकिन कुछ फलों में प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट अपेक्षाकृत अधिक होता है। इसलिए ऐसे फलों की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

आम और केले में रखें खास सावधानी

आम और केला स्वादिष्ट होने के साथ प्राकृतिक शुगर वाले फल हैं। डायबिटीज मरीजों को इनका सेवन ज्यादा मात्रा में करने से बचना चाहिए। खासकर जिन लोगों का ब्लड शुगर पहले से नियंत्रित नहीं है, उन्हें डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार इनकी मात्रा तय करनी चाहिए।

अंगूर, चीकू और कटहल से रहें दूर

अंगूर, चीकू और कटहल में भी प्राकृतिक शुगर की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। इसलिए इनसे दूर रहना बेहतर है। मरीज को अपने ब्लड शुगर के स्तर और डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखना चाहिए। तभी किसी तरह के फल का सेवन करनी चाहिए।

चेरी और सीताफल भी सोच-समझकर

चेरी और सीताफल को भी डायबिटीज की डाइट में शामिल करते समय मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। डायबिटीज मरीजों को किसी फल को खानें से पहले उसकी कितनी मात्रा और किस समय खानी है, यह अधिक महत्वपूर्ण हैं। साथ ही डॉक्टर की सलाह भी जरूरी हैं।

ब्लड शुगर बढ़ा हो तो बरतें अतिरिक्त सावधानी

अगर ब्लड शुगर असंतुलित है तो मीठे फलों का सेवन करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा। साथ ही फलों का जूस पीने की बजाय पूरा फल खाना सामान्यतः बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि पूरे फल में फाइबर भी मिलता है।

ध्यान रखें: डायबिटीज में हर व्यक्ति की डाइट उसकी दवाओं, ब्लड शुगर और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए किसी फल को पूरी तरह बंद करने का फैसला डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें।

LPG ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट! 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले सिलेंडर पर लागू होगा नया नियम

नई दिल्ली। देशभर के घरेलू LPG ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से नया नियम लागू होने जा रहा है। सरकारी सब्सिडी के साथ निर्धारित कीमत पर LPG रिफिल बुक कराने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA) पूरा करना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि इससे सब्सिडी का लाभ वास्तविक और पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पहले से प्रमाणीकरण करा चुके ग्राहकों को राहत

जिन LPG उपभोक्ताओं ने अपना बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पहले ही पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा कोई प्रक्रिया नहीं करनी होगी। ऐसे ग्राहक सामान्य तरीके से सिलेंडर बुक कर सकेंगे। 19 सितंबर तक देश में 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ता, यानी करीब 89.9 प्रतिशत, BAA पूरा कर चुके थे।

घर बैठे भी पूरा होगा काम

जिन ग्राहकों का प्रमाणीकरण बाकी है, वे इसे सिलेंडर डिलीवरी के दौरान डिलीवरी कर्मचारी के जरिए, LPG वितरक के शोरूम पर या संबंधित कंपनी के मोबाइल ऐप से पूरा कर सकते हैं। इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP गैस के लिए HP PAY का इस्तेमाल किया जा सकता है।

BAA नहीं कराने पर क्या होगा?

सरकारी जानकारी के अनुसार, BAA पूरा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को LPG मिलना पूरी तरह बंद नहीं होगा। वे अपनी तेल कंपनी के डिजिटल माध्यमों पर विकल्प दर्ज कराकर बिना सब्सिडी बाजार मूल्य पर LPG ले सकेंगे। स्थानीय उपलब्धता के अनुसार 5 या 10 किलो के सिलेंडर की व्यवस्था भी बताई गई है।

सरकार ने बताया कि सितंबर 2026 में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर पर अप्रत्यक्ष सब्सिडी करीब 210 रुपये प्रति सिलेंडर थी। इसलिए जिन ग्राहकों को सब्सिडी के साथ रिफिल चाहिए, उनके लिए 1 अक्टूबर से पहले BAA पूरा करना जरूरी है। सहायता के लिए LPG हेल्पलाइन 1800-2333-555 पर संपर्क किया जा सकता है।

शिव कृपा से आज 6 राशियों की चमकेगी किस्मत! धन लाभ के बनेंगे प्रबल योग

राशिफल। आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को देखते हुए मेष, वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत बताए जा रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन राशियों को कामकाज, धन और अवसरों के मामले में लाभ मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए आज आय से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर बन सकते हैं। अटका हुआ पैसा मिलने की संभावना है और कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

वृषभ राशि

वृषभ जातकों को कारोबार में लाभ का मौका मिल सकता है। किसी पुराने संपर्क से फायदा होने की संभावना है। आर्थिक योजना को आगे बढ़ाने के लिए दिन अनुकूल रह सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए नौकरी और व्यापार में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। मेहनत का परिणाम मिल सकता है और आय बढ़ाने का कोई नया रास्ता सामने आ सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। कारोबार में रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी राहत मिलने की उम्मीद है।

तुला राशि

तुला जातकों के लिए आज आर्थिक स्थिति मजबूत करने वाला दिन हो सकता है। निवेश या बचत से जुड़ी योजना पर विचार कर सकते हैं, लेकिन बड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी में तरक्की का अवसर या कारोबार में नया प्रस्ताव मिल सकता है। पुराने आर्थिक मामलों में भी प्रगति हो सकती है।

भारत से अब मिसाइल खरीदेगा ये देश, चीन के उड़े होश, अमेरिका सन्न!

नई दिल्ली। भारत की ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम खबर सामने आई है। मलेशिया ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम लेने की संभावना पर बातचीत शुरू की है। हालांकि अभी इसे पक्की डील नहीं माना जा सकता, क्योंकि अंतिम फैसला मलेशियाई वायुसेना और संबंधित एजेंसियों की तकनीकी समीक्षा के बाद होगा।

मोदी-अनवर मुलाकात में हुई चर्चा

12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने रक्षा एवं सुरक्षा के अलावा व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। दोनों देशों ने अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इसके अगले दिन अनवर इब्राहिम ने पुष्टि की कि ब्रह्मोस को लेकर शुरुआती बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि आगे इस मामले को विशेषज्ञ एजेंसियां और मलेशियाई एयर फोर्स देखेगी।

ब्रह्मोस में क्यों है इतनी दिलचस्पी?

ब्रह्मोस भारत और रूस के सहयोग से विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली है। इसके विभिन्न संस्करण जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च किए जा सकते हैं। मलेशिया के लिए आधुनिक लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता उसकी रक्षा जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। दक्षिण चीन सागर से जुड़े क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों के बीच इस तरह की संभावित खरीद को रणनीतिक नजरिये से भी देखा जा रहा है।

चीन और अमेरिका पर असर?

मलेशिया अगर भविष्य में ब्रह्मोस खरीदने का फैसला करता है, तो इससे दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत के रक्षा सहयोग का दायरा बढ़ सकता है। हालांकि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे चीन या अमेरिका के साथ मलेशिया के रिश्तों में कोई निश्चित बदलाव आएगा। मलेशिया पहले से कई देशों के साथ अपने आर्थिक और सुरक्षा संबंध बनाए हुए है। ऐसे में ब्रह्मोस पर बातचीत को भारत के साथ बढ़ते रक्षा सहयोग के एक हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

अभी अंतिम सौदा बाकी

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ब्रह्मोस की खरीद पर अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। मलेशियाई पक्ष को तकनीकी जरूरत, क्षमता और उपयुक्तता का मूल्यांकन करना है। यदि यह प्रक्रिया खरीद के फैसले तक पहुंचती है, तो यह भारत-मलेशिया रक्षा संबंधों में एक महत्वपूर्ण नया कदम होगा।

यूपी में नए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी शुरू, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहा है। मुरादाबाद और अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित करीब 148.5 किलोमीटर लंबे एक्सेस कंट्रोल हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। NHAI ने करीब 189 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को भेज दिया है।

21 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

इस परियोजना के लिए मुरादाबाद सदर और बिलारी तहसील के 21 गांवों की जमीन चिन्हित की गई है। इनमें सदर तहसील के चार और बिलारी के 17 गांव शामिल बताए गए हैं। धारा 3-ए के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित जमीन मालिकों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजा वितरण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

हाईवे पर सीधे प्रवेश की सुविधा नहीं

प्रस्तावित सड़क को पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल रखने की योजना है। इसका मतलब है कि वाहन मनमाने तरीके से गांव, मकान या दुकानों के सामने से हाईवे पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। चढ़ने और उतरने के लिए निर्धारित इंटरचेंज का इस्तेमाल करना होगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी।

मुरादाबाद से अलीगढ़ तक बेहतर कनेक्टिविटी

यह हाईवे मुरादाबाद क्षेत्र से शुरू होकर कुंदरकी और संभल के सिरसी इलाके से होते हुए बुलंदशहर की दिशा में जाएगा और आगे अलीगढ़ रिंग रोड से जोड़े जाने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच आवागमन को तेज और सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

चिन्हित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक

चिन्हित गांवों में परियोजना से जुड़ी जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई गई है। भूमि अधिग्रहण की अगली प्रक्रिया अधिसूचना, आपत्तियों के निस्तारण और मुआवजे के निर्धारण के बाद आगे बढ़ेगी।

खुशखबरी! बिहार में जमीन रजिस्ट्री होगी आसान, मुफ्त मदद से दूर होगी परेशानी

पटना। बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया को डिजिटल किए जाने के बाद अब लोगों की सुविधा बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान कई लोगों को आवेदन भरने, जरूरी जानकारी दर्ज करने या दूसरे चरण पूरे करने में परेशानी होती है। ऐसे लोगों को अब निजी एजेंट या किसी अन्य व्यक्ति की मदद लेने की मजबूरी नहीं होगी।

निबंधन कार्यालय में मिलेगा फ्री हेल्प डेस्क

बेगूसराय जिले के मंझौल स्थित निबंधन कार्यालय में ‘मे आई हेल्प यू’ डेस्क बनाया गया है। यहां जमीन के निबंधन से संबंधित जानकारी लेने के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने में भी लोगों की सहायता की जाती है। खास बात यह है कि इस मदद के लिए नागरिकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।

ऑनलाइन रजिस्ट्री में भी मिलेगी सहायता

जमीन की रजिस्ट्री के लिए अब नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से कई जरूरी चरण पूरे करने होते हैं। इसके लिए सिटीजन आईडी के जरिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। अगर किसी व्यक्ति को ऑनलाइन आवेदन या रजिस्ट्रेशन के दौरान कोई तकनीकी या प्रक्रियागत परेशानी आती है, तो वह सीधे निबंधन कार्यालय के हेल्प डेस्क पर पहुंचकर जानकारी ले सकता है।

मंझौल के अवर निबंधन पदाधिकारी तुषार के अनुसार, निबंधन से जुड़ी व्यवस्था को लगातार डिजिटल और सुविधाजनक बनाया जा रहा है। इसी क्रम में हेल्प डेस्क के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया समझने और उसे पूरा करने में सहयोग दिया जा रहा है।

निजी एजेंटों पर निर्भरता होगी कम

जमीन की खरीद-बिक्री में दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में ऑनलाइन प्रक्रिया समझने के लिए अनजान व्यक्ति या निजी एजेंट की मदद लेने से लोग बच सकते हैं। सरकारी निबंधन कार्यालय में उपलब्ध मुफ्त सहायता से नागरिक सीधे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना काम पूरा कर सकेंगे।

यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तकनीकी जानकारी कम है। इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया को समझना आसान होगा और छोटी-छोटी गलतियों के कारण होने वाली परेशानी से भी बचने में मदद मिल सकती है।

यूपी सरकार का बड़ा आदेश, सभी 75 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्थायी हेलीपैड तैयार करने की योजना को अब नई दिशा दी गई है। जमीन की उपलब्धता में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने कॉलेज, सरकारी अस्पताल और अन्य संस्थानों की खाली जमीन का इस्तेमाल करने का रास्ता निकाला है। जिलाधिकारियों को संबंधित संस्थानों से समन्वय कर जमीन उपलब्ध कराने और प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

736 नए हेलीपैड बनाने की तैयारी

लोक निर्माण विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 736 नए स्थायी हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही 17 पुराने हेलीपैडों की मरम्मत भी प्रस्तावित है। अभी तक 118 स्थानों के लिए मानक के अनुरूप जमीन उपलब्ध हो चुकी है। इन 118 हेलीपैडों के निर्माण पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है।

हर 20 किलोमीटर पर मिलेगी सुविधा

योजना पूरी होने के बाद औसतन हर 20 किलोमीटर के दायरे में एक स्थायी हेलीपैड उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इनका इस्तेमाल वीवीआईपी आवागमन के अलावा आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए किया जा सकेगा। शुल्क देकर निजी हेलीकॉप्टर भी इन सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे।

जमीन के लिए तय हैं कड़े मानक

एक हेलीपैड के लिए करीब 100 मीटर लंबी और 100 मीटर चौड़ी जमीन की आवश्यकता बताई गई है। इसके अलावा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के मानकों के अनुसार पूर्व और पश्चिम दिशा में 250 मीटर तक ऊंचे अवरोध नहीं होने चाहिए। यही वजह है कि कई जगह उपयुक्त जमीन तलाशने में दिक्कत आ रही है।

नई व्यवस्था के तहत जहां सरकारी संस्थानों की खाली जमीन इन मानकों पर खरी उतरेगी, वहां लोक निर्माण विभाग स्थायी हेलीपैड विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

यूपी सरकार की नई योजना शुरू, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत सस्ते दर पर दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। 15 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत किसानों को खेती और ग्रामीण जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

6 लाख रुपये तक का ऋण

योजना के तहत छह लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह ऋण उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से दिया जाएगा। समय पर किस्तों का भुगतान करने वाले पात्र किसानों को सरकार की ओर से ब्याज पर 5 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।

लंबे समय के लिए मिलेगा कर्ज

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में किसानों को दीर्घकालिक ऋण देने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती में जरूरी पूंजी निवेश करने और अपनी आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए सस्ती वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराना है।

किन किसानों को मिल सकता है लाभ?

योजना मुख्य रूप से लघु एवं सीमांत किसानों के लिए है। लाभ लेने के लिए किसान का उत्तर प्रदेश का निवासी होना और उसके पास कृषि योग्य भूमि होना जरूरी होगा। ऋण और अनुदान की वास्तविक पात्रता संबंधित बैंक और योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार तय होगी।

सरकार की इस व्यवस्था से किसानों को खेती से जुड़े खर्च और दीर्घकालिक निवेश के लिए अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का रास्ता खुला है। योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी विस्तृत प्रक्रिया संबंधित विभाग और बैंक के नियमों के अनुसार होगी।

खुशखबरी! बिहार में लग सकती हैं बड़ी कंपनियों की यूनिट, युवाओं के लिए नई उम्मीद

पटना। बिहार में औद्योगिक विकास के साथ अब सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने हाल में SEMICON India 2026 के मंच से भी बिहार में टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए उपलब्ध अवसरों को सामने रखा।

हाईटेक उद्योगों पर सरकार का फोकस

बिहार उद्योग विभाग का दावा है कि अब ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसी देशों की बड़ी टेक-पावर कंपनियां बिहार में अपना भविष्य देख रही हैं। सेमीकंडक्टर निर्माण, चिप डिजाइन, असेंबली और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। मार्च 2026 में राज्य की एक उच्चस्तरीय औद्योगिक बैठक में भी बिहार को टेक्नोलॉजी आधारित और न्यू-एज इकोनॉमी हब के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई थी।

बोधगया-वैशाली में तैयार हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर

बिहार में टेक और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम किया जा रहा है। सरकार की योजनाओं में बोधगया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और वैशाली के राजापाकर में इलेक्ट्रॉनिक सिटी जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।

युवाओं के लिए बढ़ सकते हैं रोजगार के अवसर

अगर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र की कंपनियां राज्य में उत्पादन या डिजाइन इकाइयां स्थापित करती हैं, तो इससे तकनीकी दक्षता वाले युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर बन सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार के साथ डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और टैलेंट डेवलपमेंट पर जोर बढ़ा है।

बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को केवल बाजार के रूप में नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और आधुनिक विनिर्माण के केंद्र के रूप में विकसित करना है। हालांकि, किसी खास विदेशी कंपनी की बिहार में यूनिट स्थापित करने की अंतिम घोषणा को आधिकारिक निवेश समझौते या परियोजना स्वीकृति के बाद ही पक्का माना जाएगा।

बिहार सरकार का बड़ा आदेश, शिक्षकों के लिए आई खुशखबरी

पटना। बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए स्थानांतरण को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। शिक्षा विभाग ने सामान्य स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन की नई तारीखें जारी कर दी हैं। अब शिक्षक 4 अक्टूबर से ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे।

4 से 10 अक्टूबर तक आवेदन

शिक्षकों को सामान्य स्थानांतरण के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करने का मौका मिलेगा। इस दौरान शिक्षक अपनी पसंद और वरीयता के अनुसार उपलब्ध विद्यालयों का विकल्प चुनकर आवेदन जमा कर सकेंगे। पहले यह प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू होनी थी, लेकिन राज्य में आई बाढ़ और प्राकृतिक आपदा की स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कार्यक्रम में बदलाव किया है।

1 अक्टूबर को जारी होगी रिक्तियां

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार समायोजन और पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 अक्टूबर को विद्यालयवार संशोधित रिक्तियां प्रकाशित की जाएंगी। इसके बाद शिक्षक उपलब्ध पदों को देखकर अपनी पसंद के विद्यालयों का चयन कर सकेंगे।

नवंबर तक पूरी होगी आगे की प्रक्रिया

आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सामान्य स्थानांतरण से संबंधित सूची जारी करने, आपत्ति या अपील लेने और उनका निपटारा करने का काम भी निर्धारित समय में किया जाएगा। विभाग के कार्यक्रम के मुताबिक यह प्रक्रिया 12 अक्टूबर से 18 नवंबर के बीच पूरी की जाएगी।

इस बदलाव के बाद शिक्षकों को तबादले के लिए आवेदन करने का नया अवसर मिलेगा। संबंधित शिक्षक आवेदन की तारीखों और पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों को ध्यान से देखकर ही अपना विकल्प भरें।

मंगल होंगे मेहरबान! 4 राशियों को मिल सकती है खुशखबरी, नौकरी-कारोबार में बनेंगे लाभ के योग

राशिफल। 22 सितंबर 2026, मंगलवार को मंगल ग्रह का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल साहस, ऊर्जा, भूमि, संपत्ति और पराक्रम का कारक ग्रह है। ऐसे में इसकी स्थिति का असर करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों पर देखने को मिल सकता है।

इन 4 राशियों को मिल सकता है लाभ

मेष राशि: 

मंगल का प्रभाव आपके आत्मविश्वास और कार्यक्षमता को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कारोबार से जुड़े लोगों के लिए किसी पुराने काम में प्रगति के संकेत हैं।

वृषभ राशि: 

आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है। रुका हुआ भुगतान मिलने या आय का नया माध्यम बनने की संभावना ज्योतिषीय मान्यताओं में बताई जाती है। निवेश से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

सिंह राशि: 

कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता पर ध्यान जा सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या कारोबार में कोई महत्वपूर्ण अवसर मिलने के संकेत हैं। परिवार से भी सहयोग प्राप्त हो सकता है।

मकर राशि: 

मंगल का प्रभाव करियर और आर्थिक मामलों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। लंबे समय से अटका काम आगे बढ़ सकता है और कारोबार में नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं।

मंगल का प्रभाव क्यों खास माना जाता है?

ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस और पराक्रम से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए मंगल से जुड़े गोचर या ग्रह स्थिति में बदलाव को विशेष रूप से नौकरी, व्यापार, संपत्ति और आर्थिक मामलों से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि वास्तविक जीवन के परिणाम व्यक्ति की परिस्थितियों और निर्णयों पर निर्भर करते हैं।

केंद्र सरकार का फैसला, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नए नियम लागू

नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। सरकार ने CGHS यानी सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम की पात्रता से जुड़ी भौगोलिक पाबंदी में बदलाव किया है। नए प्रावधान से उन कर्मचारियों को राहत मिल सकती है, जो CGHS वेलनेस सेंटर से निर्धारित दूरी पर रहने या ऐसी जगह तैनात होने के कारण अब तक इस सुविधा से बाहर थे।

5 किलोमीटर की शर्त में बदलाव

पहले CGHS की सुविधा पाने में कर्मचारी के निवास या तैनाती स्थल और वेलनेस सेंटर के बीच की दूरी महत्वपूर्ण थी। अब इस तरह की भौगोलिक पात्रता शर्त को हटाने से CGHS के दायरे से बाहर रहने वाले कर्मचारियों के लिए इसमें शामिल होने का रास्ता खुला है।

CS(MA) से CGHS में आने का विकल्प

इस बदलाव का फायदा खास तौर पर उन कर्मचारियों को मिल सकता है, जो अभी Central Services (Medical Attendance) Rules, 1944 के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं ले रहे हैं। ऐसे पात्र कर्मचारियों को CGHS में शामिल होने के लिए एक बार विकल्प चुनने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए निर्धारित CGHS योगदान या सब्सक्रिप्शन जमा करना होगा।

फैसला एक बार लेने पर होगा अंतिम

कर्मचारी द्वारा CGHS चुनने के बाद यह विकल्प अंतिम माना जाएगा। साथ ही कर्मचारी के पात्र आश्रितों पर भी वही व्यवस्था लागू होगी। यानी परिवार के सदस्यों के लिए एक साथ CGHS और CS(MA) दोनों व्यवस्थाओं का लाभ लेने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, जिन कर्मचारियों के लिए CGHS कवर वाले क्षेत्र में रहना या तैनात होना लागू नियमों के तहत CGHS में शामिल होने को अनिवार्य बनाता है, उनके लिए अलग विकल्प की व्यवस्था नहीं होगी।

गलत जानकारी देने पर कार्रवाई

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि CGHS का लाभ लेते समय गलत या भ्रामक जानकारी देने पर कार्रवाई हो सकती है। यदि गलत जानकारी के आधार पर कोई अनुचित लाभ लिया गया है, तो उसकी वसूली भी की जा सकती है। नए बदलाव से CGHS सुविधा से भौगोलिक कारणों से बाहर रहने वाले पात्र केंद्रीय कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य कवरेज चुनने का नया विकल्प उपलब्ध होगा।

रेल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! बोनस को लेकर बड़ा अपडेट, 53 हजार तक की मांग

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन से पहले रेल कर्मचारियों के बोनस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने इस बार प्रोडक्शन लिंक्ड बोनस (PLB) की गणना पुराने आधार पर करने के बजाय नए न्यूनतम वेतन को ध्यान में रखकर करने की मांग उठाई है। यह मांग अभी संगठन स्तर पर है, इसे सरकार की ओर से मंजूर बोनस नहीं माना जा सकता।

17,951 से बढ़ाकर 53,855 रुपये की मांग

रेल कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से 7,000 रुपये के न्यूनतम वेतन को आधार मानकर 78 दिनों के PLB की गणना की जाती रही है। इस हिसाब से करीब 17,951 रुपये बोनस बनता है। अब संगठनों ने न्यूनतम वेतन के नए आधार को लागू करने की मांग की है। ECREU की गणना के अनुसार 21,000 रुपये को आधार मानने पर 78 दिनों का बोनस करीब 53,855 रुपये बैठता है।

क्यों उठी बोनस बढ़ाने की मांग?

कर्मचारी संगठनों ने केंद्र के वेतन संबंधी प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा है कि बोनस की गणना में लागू न्यूनतम वेतन को ध्यान में रखा जाना चाहिए। श्रम मंत्रालय के आधिकारिक दस्तावेजों में भी बोनस की गणना के लिए वैधानिक प्रावधान और गणना सीमा का उल्लेख है।

21 सितंबर को प्रदर्शन की तैयारी

बोनस की गणना में बदलाव की मांग को लेकर ECREU ने 21 सितंबर को प्रदर्शन का कार्यक्रम भी रखा है। संगठन की ओर से सरकार और रेलवे प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी जा रही है। फिलहाल 53,855 रुपये की राशि कर्मचारी संगठनों की मांग और उनकी गणना है। अंतिम बोनस कितना मिलेगा, इसका फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

सोते समय पैरों में चढ़ जाती है नस? अपनाएं ये 5 आसान उपाय, रात में मिलेगी राहत

हेल्थ डेस्क। रात को सोते समय अचानक पैर की मांसपेशियों में तेज खिंचाव या ऐंठन होने से नींद टूट जाती है। इसे आम बोलचाल में 'नस चढ़ना' कहा जाता है। यह समस्या कुछ समय के लिए बेहद दर्दनाक हो सकती है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना, ज्यादा शारीरिक मेहनत, शरीर में पानी की कमी या मांसपेशियों पर अधिक दबाव इसके कुछ संभावित कारण हो सकते हैं।

1. पैर को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें

ऐंठन शुरू होने पर पैर को सीधा रखें और पंजे को धीरे-धीरे अपनी ओर खींचें। मांसपेशी पर अचानक जोर लगाने के बजाय हल्का स्ट्रेच करने से ऐंठन कम होने में मदद मिल सकती है।

2. हल्की गर्म सिकाई करें

प्रभावित मांसपेशी पर कुछ देर गर्म सिकाई करने से मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। बहुत ज्यादा गर्म चीज सीधे त्वचा पर न लगाएं।

3. हल्की मालिश करें

ऐंठन वाली जगह पर हाथ से धीरे-धीरे मालिश की जा सकती है। इससे मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद मिल सकती है। दर्द बढ़ने पर मालिश रोक दें।

4. पर्याप्त पानी पीते रहें

दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। खासकर गर्मी, व्यायाम या अधिक पसीना आने की स्थिति में शरीर में पानी की कमी से बचना चाहिए।

5. सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग

अगर रात में बार-बार पैर में ऐंठन होती है तो सोने से पहले कुछ मिनट हल्की स्ट्रेचिंग और पैरों की गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से भी बचें।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर पैरों में ऐंठन बार-बार होती है, बहुत ज्यादा दर्द रहता है, पैर में सूजन या कमजोरी दिखाई देती है, या घरेलू उपायों के बावजूद समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। बार-बार होने वाली ऐंठन के पीछे कभी-कभी दवाओं, नसों या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े कारण भी हो सकते हैं।

खुशखबरी का जोरदार ऐलान, यूपी में 10वीं, BCA, B.Sc, B.Tech वालों की बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरी का अच्छा मौका सामने आया है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), कानपुर ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 18 पद भरे जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कई अलग-अलग पदों पर होगी भर्ती

विश्वविद्यालय की भर्ती में सीनियर सर्वर एडमिनिस्ट्रेटर, जूनियर सर्वर एडमिनिस्ट्रेटर, टेक्निकल असिस्टेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर और AI डेवलपर समेत कई पद शामिल हैं। पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग रखी गई है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित पद की योग्यता जरूर जांचनी होगी।

30 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। अभ्यर्थी 30 सितंबर 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन Samarth पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा।

आवेदन शुल्क कितना है?

सामान्य अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 1,000 रुपये निर्धारित है, जबकि SC/ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 750 रुपये रखा गया है। भर्ती के तहत नियुक्तियां कॉन्ट्रैक्ट आधार पर Self-Finance Scheme के अंतर्गत होंगी और नियुक्ति की अवधि तीन वर्ष तक होगी।

कानपुर में होगी नियुक्ति

चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती CSJMU के कल्याणपुर, कानपुर परिसर में होगी। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तें अलग हैं। ऐसे में उम्मीदवार आवेदन करने से पहले विश्वविद्यालय की ओर से जारी विस्तृत भर्ती विज्ञापन को ध्यान से पढ़कर ही फॉर्म भरें।

दरअसल, कुल 18 पदों की यह भर्ती 10वीं से लेकर तकनीकी और कंप्यूटर क्षेत्र की योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए अवसर प्रदान करती है।

बिहार के गांवों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दिए नए निर्देश!

पटना। बिहार में गांवों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में बिजली कंपनी ने नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। इसके तहत गांवों में सोलर सिस्टम की संख्या और उनके संचालन के आधार पर रैंकिंग तैयार की जाएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांवों को सोलर विलेज का दर्जा देने के साथ प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

ज्यादा सोलर सिस्टम वाले गांव आगे

सोलर विलेज चुनने के लिए गांव में लगे और चालू सोलर सिस्टम को आधार बनाया जाएगा। घरों की छतों के अलावा स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे सिस्टम भी इस गणना में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरों पर लगाए जा रहे रूफटॉप सोलर सिस्टम को भी रैंकिंग में जगह मिलेगी।

सोलर स्ट्रीट लाइट की गिनती नहीं

गांवों में लगी सोलर स्ट्रीट लाइट को इस रैंकिंग का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा। योजना का मुख्य फोकस घरों और जरूरी सार्वजनिक संस्थानों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना है। बिजली कंपनी का मानना है कि हर गांव को पूरी तरह सौर ऊर्जा पर लाना फिलहाल आसान नहीं है, इसलिए चरणबद्ध तरीके से सोलर सिस्टम की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

पहले भी हो चुका है प्रयोग

बिहार में सोलर गांव की दिशा में पहले भी प्रयोग किए जा चुके हैं। 2014 में जहानाबाद के धरनई गांव में सोलर माइक्रो ग्रिड लगाया गया था। वहीं नालंदा के नूरसराय प्रखंड का डोईया गांव भी सोलर मॉडल गांव के रूप में विकसित किया गया है।

नई रैंकिंग व्यवस्था से गांवों में सौर ऊर्जा को अपनाने की प्रतिस्पर्धा बढ़ने और स्थानीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

बिहार के LPG ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! 2.30 करोड़ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा सीधा असर

पटना। बिहार के करीब 2.30 करोड़ सक्रिय LPG उपभोक्ताओं के लिए जरूरी अपडेट है। घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ लेने वाले ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA) जरूरी किया जा रहा है। इसके बाद सब्सिडी के साथ निर्धारित खुदरा मूल्य पर घरेलू LPG रिफिल लेने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

पहले BAA करा चुके लोगों को राहत

जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही अपना बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण करा लिया है, उन्हें दोबारा BAA कराने की जरूरत नहीं होगी। तेल कंपनियों की ओर से यह व्यवस्था सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल को रोकने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।

गैस डिलीवरी के समय भी सुविधा

BAA कराने के लिए हर बार गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल ऐप के जरिए भी प्रमाणीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा घर बैठे संबंधित LPG कंपनी के मोबाइल ऐप से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

BAA नहीं कराने पर क्या होगा?

बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं होने पर LPG सिलेंडर मिलना पूरी तरह बंद नहीं होगा। ऐसे मामलों में उपभोक्ता को सब्सिडी वाले RSP के बजाय बाजार मूल्य पर रिफिल उपलब्ध कराया जा सकता है। इसलिए सब्सिडी का लाभ जारी रखने के इच्छुक ग्राहकों के लिए समय रहते BAA पूरा करना जरूरी है।

परेशानी होने पर यहां करें संपर्क

BAA, ई-केवाईसी या LPG से संबंधित किसी समस्या के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर अपने LPG वितरक से भी जानकारी ली जा सकती है।

बिहार में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर अपडेट, 1 अक्टूबर से नए नियम होंगे लागू

पटना। बिहार में जन्म और मृत्यु का पंजीकरण समय पर कराना अब और जरूरी हो जाएगा। जन्म-मृत्यु की घटनाओं का रिकॉर्ड सही समय पर दर्ज कराने के लिए संशोधित नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहे हैं। खासकर पुराने मामलों में देरी से प्रमाण पत्र बनवाने वालों को अतिरिक्त सत्यापन और मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।

21 दिन के भीतर पंजीकरण आसान

जन्म या मृत्यु के बाद 21 दिनों के अंदर पंजीकरण कराने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। अस्पताल में हुई घटना की सूचना दर्ज कराने में संबंधित अस्पताल की भूमिका होती है, जबकि घर पर हुई घटना के लिए परिवार को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जानकारी देनी होती है।

देरी होने पर बढ़ेगी औपचारिकता

21 दिन की सामान्य अवधि निकलने के बाद मामला विलंबित पंजीकरण में आता है। ऐसे मामलों में अतिरिक्त शुल्क और दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए परिवारों के लिए समय रहते पंजीकरण कराना सुविधाजनक रहेगा।

एक साल बाद किसकी मंजूरी?

यदि पंजीकरण एक साल से अधिक लेकिन दो साल के भीतर कराया जाता है, तो निर्धारित सक्षम अधिकारी की अनुमति जरूरी होगी। इसमें DM, SDM या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट स्तर से मंजूरी की व्यवस्था हो सकती है। वहीं दो साल से अधिक पुराने मामलों में प्रक्रिया और कड़ी हो जाएगी। ऐसे मामलों में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की जरूरत होगी। यानी पुराने जन्म या मृत्यु रिकॉर्ड के लिए सिर्फ सामान्य आवेदन पर्याप्त नहीं रहेगा।

बिहार के लोगों के लिए जरूरी सलाह

जन्म प्रमाण पत्र स्कूल दाखिले और जन्मतिथि से जुड़े कई कामों में उपयोगी है, जबकि मृत्यु प्रमाण पत्र बैंक, बीमा, पेंशन और संपत्ति संबंधी प्रक्रियाओं में जरूरी होता है। इसलिए परिवार में जन्म या मृत्यु होने के बाद पंजीकरण को लंबित न रखें। समय पर रिकॉर्ड दर्ज कराने से आगे की अतिरिक्त कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया से बचा जा सकता है।

खुशखबरी का योग! 22 से 28 सितंबर के बीच 5 राशियों पर रहेगी ग्रहों की खास कृपा

राशिफल। 22 से 28 सितंबर 2026 का सप्ताह ज्योतिष के लिहाज से कुछ राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव और उनके पारस्परिक प्रभाव के चलते 5 राशियों के लिए करियर, धन और कारोबार से जुड़े मामलों में सकारात्मक अवसर बनने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि ज्योतिषीय फल सामान्य गणनाओं पर आधारित होते हैं और इन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह अवधि कामकाज के लिहाज से अच्छी रह सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। रुका हुआ भुगतान मिलने या आय के नए स्रोत पर काम शुरू होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिल सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए 22 से 28 सितंबर के बीच करियर से जुड़े अच्छे अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को कोई विकल्प मिल सकता है। व्यापार में नई योजना पर काम आगे बढ़ सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह सप्ताह धन और संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। काम से जुड़ी यात्रा या नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक हो सकता है। निवेश संबंधी फैसलों में जल्दबाजी से बचना उचित रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है और कारोबार में कोई नया अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए बनाई गई योजनाओं में प्रगति हो सकती है।

यूपी में चकाचक होंगी 33 सड़कें, जल्द शुरू होगा निर्माण, लोगों को खुशखबरी!

न्यूज डेस्क: बारिश के दौरान खराब हुई सड़कों को लेकर बरेली जिले में बड़ा काम शुरू होने जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने करीब 87 करोड़ रुपये की लागत से 33 सड़कों के निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। विभाग अब ठेका देने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है।

योजना के तहत अलग-अलग इलाकों में क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत के साथ जरूरत के अनुसार नए सिरे से सड़कें भी बनाई जाएंगी। विभाग ने परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दो से सात महीने की समयसीमा तय की है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले महीने से जमीन पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

शहर और गांव दोनों क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

प्रस्तावित कार्यों में शहरी सड़कों के साथ कई ग्रामीण संपर्क मार्ग भी शामिल हैं। सुरेश शर्मा नगर में दीनदयाल उपाध्याय द्वार से नगर निगम जोन-3 कार्यालय तक सड़क निर्माण के लिए करीब 79.54 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। वहीं आशुतोष सिटी से फनसिटी के पीछे पुलिया तक मार्ग के लिए करीब 1.85 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई संपर्क मार्गों को योजना में शामिल किया गया है। दोंद की गौटिया से रामपुर सीमा, जरपा मोहनपुर, लखीमपुर-मलूकपुर और परसाखेड़ा गौटिया से नवोदय विद्यालय तक सड़क निर्माण जैसे काम प्रस्तावित हैं।

कई प्रमुख मार्गों पर खर्च होंगे करोड़ों

सेंथल-जादौपुर मार्ग से पचपेड़ा नहर मार्ग के निर्माण के लिए करीब 3.63 करोड़ रुपये, धर्मपुर से आसपुर हसनअली मार्ग के लिए 3.09 करोड़ रुपये और हल्दी से रामपुर सीमा तक सड़क के लिए करीब 2.14 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा गायत्रीनगर की सड़क, जौहरपुर-सनईया रानी मेवाकुंवर मार्ग और अन्य ग्रामीण संपर्क सड़कों पर भी निर्माण कार्य कराया जाएगा।

टेंडर के बाद शुरू होगा निर्माण

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता भगत सिंह के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा। विभाग का कहना है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान रखा जाएगा और निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी करने का प्रयास रहेगा।

CM योगी का एलान, 6 महीने में 1 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। 20 सितंबर 2026 को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

912 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र

कार्यक्रम में यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पद शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों में 173 महिलाएं भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया को विज्ञापन से लेकर परीक्षा, प्रशिक्षण और तैनाती तक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उनके अनुसार शनिवार को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए और 22 सितंबर को भी नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

हर सप्ताह भर्ती कार्यक्रम का दावा

मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को लगातार आगे बढ़ा रही है और आने वाले छह महीनों में बड़े भर्ती कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एक लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य इसी क्रम का हिस्सा है। यह फिलहाल सरकार की ओर से घोषित लक्ष्य है; वास्तविक नियुक्तियों की संख्या अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं के पूरा होने पर स्पष्ट होगी।

पुलिस भर्ती में प्रशिक्षण और नई व्यवस्था

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमता बढ़ाने का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार पुलिसकर्मियों की प्रशिक्षण क्षमता पहले करीब 6 हजार से बढ़कर 60 हजार तक पहुंची है। उन्होंने फॉरेंसिक लैब, साइबर थानों और साइबर हेल्प डेस्क जैसी व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया।

वहीं पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि करीब 35 हजार पदों पर सीधी भर्ती और 9,457 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। चयनित 912 अभ्यर्थियों का आधारभूत प्रशिक्षण 6 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी भी दी गई।

युवाओं की नजर अब आगे की भर्तियों पर

एक लाख सरकारी नौकरियों का यह लक्ष्य अलग-अलग विभागों की भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए पूरा किया जाना है। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए संबंधित भर्ती बोर्ड, आयोग और विभागों की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा। यूपी सरकार का रोजगार पोर्टल भी सरकारी और अन्य रोजगार अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराता है।

सोमवार को 2 शक्तिशाली योग, 4 राशियों के खुलेंगे भाग्य के दरवाजे, धन-समृद्धि के संकेत

राशिफल। 21 सितंबर 2026, सोमवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से खास रहने वाला है। पंचांग के अनुसार इस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रहेगी और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इसके साथ ही शाम तक शोभन योग रहेगा। वहीं एक पंचांग गणना के अनुसार सुबह के समय सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है।

ज्योतिषीय मान्यताओं में शोभन और सर्वार्थसिद्धि जैसे शुभ योगों को नए प्रयासों और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इसी आधार पर कुछ राशियों के लिए सोमवार का दिन आर्थिक और करियर के लिहाज से सकारात्मक बताया जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। कारोबारियों को पुराने संपर्कों से फायदा मिलने के संकेत हैं। अटका हुआ पैसा मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए सोमवार बातचीत और संपर्कों के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। व्यापार में नए ग्राहक या काम के अवसर मिल सकते हैं। पुराने भुगतान मिलने से आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। हालांकि अचानक होने वाले खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा।

3. कन्या राशि

कन्या राशि वालों को कामकाज में अपनी मेहनत का लाभ मिल सकता है। अटके हुए कार्य पूरे होने और कार्यशैली की सराहना होने के योग बताए जा रहे हैं। नियमित आय के साथ पुराने निवेश से भी सकारात्मक खबर मिलने की संभावना है।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए सोमवार करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या पदोन्नति से जुड़ी खबर मिल सकती है। कारोबारियों को पुराने प्रोजेक्ट से फायदा मिलने के संकेत हैं। हालांकि सफलता के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना जरूरी रहेगा।

केंद्र सरकार की शानदार योजना, देशभर के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: देशभर के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी बड़ी खबर है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए स्नातकोत्तर अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पात्र विद्यार्थी 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

10 हजार छात्रों को मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत देशभर से 10 हजार विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित छात्रों को 15 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से साल में 10 महीने तक छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह आर्थिक सहायता अधिकतम दो वर्षों तक मिल सकेगी। इससे उच्च शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहयोग मिलेगा। हालांकि, छात्रवृत्ति का लाभ उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करेंगे।

मेरिट के आधार पर होगा चयन

विद्यार्थियों का चयन अखिल भारतीय मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। योजना में कुल सीटों में 30 प्रतिशत छात्राओं के लिए आरक्षित हैं। इस श्रेणी में एकल पुत्री, जुड़वां पुत्री और सहोदर पुत्रियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान बताया गया है। वहीं, बाकी 70 प्रतिशत सीटों पर चयन स्नातक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को योजना की पात्रता और चयन से जुड़े नियमों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

31 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी सही तरीके से दर्ज करनी चाहिए। गलत या अधूरी जानकारी देने पर आवेदन प्रभावित हो सकता है। इसलिए फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।

8वें वेतन आयोग पर 6 बड़े अपडेट! सैलरी से पेंशन तक बदलेगा हिसाब

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर 8वें वेतन आयोग पर है। आयोग वेतन, भत्ते, पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े लाभों की समीक्षा कर रहा है। सरकार ने इसके लिए आयोग की शर्तें तय कर दी हैं और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

1. 8वें वेतन आयोग का काम क्या है?

आयोग केवल बेसिक सैलरी की समीक्षा नहीं करेगा। इसके दायरे में कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन, ग्रेच्युटी और सेवा शर्तों से जुड़े विषय शामिल हैं। आयोग को देश की आर्थिक स्थिति और सरकारी वित्त पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखना होगा।

2. 1 जनवरी 2026 क्यों है अहम?

सरकार ने कहा है कि पिछले वेतन आयोगों की परंपरा को देखते हुए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि नई सैलरी या पेंशन की अंतिम रकम पहले से तय हो चुकी है। वास्तविक भुगतान और नियम सरकार की मंजूरी के बाद स्पष्ट होंगे।

3. फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा नजर

नई सैलरी के अनुमान में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम मुद्दों में है। अलग-अलग कर्मचारी संगठन अलग फैक्टर की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी कोई अंतिम फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया गया है। इसलिए 2.86, 3.25 या किसी अन्य आंकड़े के आधार पर बताई जा रही नई सैलरी को फिलहाल अनुमान ही माना जाना चाहिए।

4. एरियर का क्या होगा?

अगर संशोधित वेतन और पेंशन को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी किया जाता है और भुगतान बाद में शुरू होता है, तो प्रभावी तारीख और वास्तविक भुगतान के बीच की राशि का सवाल उठेगा। यही हिस्सा संभावित एरियर का आधार बन सकता है। हालांकि एरियर की राशि और भुगतान का तरीका अभी तय नहीं हुआ है।

5. पेंशनर्स के लिए भी अहम होगा फैसला

8वां वेतन आयोग पेंशन और रिटायरमेंट लाभों की भी समीक्षा कर रहा है। इसलिए इसका असर केवल नौकरी कर रहे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। पेंशन में कितना संशोधन होगा, यह आयोग की सिफारिश और उसके बाद केंद्र सरकार के फैसले से स्पष्ट होगा।

6.सैलरी बढ़ोतरी का अंतिम आंकड़ा अभी नहीं

8वें वेतन आयोग को लेकर फिटमेंट फैक्टर, नई बेसिक सैलरी, पेंशन और एरियर के कई अनुमान चल रहे हैं, लेकिन इन्हें सरकारी अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता। कर्मचारियों और पेंशनर्स को वास्तविक लाभ का पता आयोग की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही चलेगा। आयोग ने हितधारकों से सुझाव भी आमंत्रित किए थे, जिससे प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

बिहार सरकार का फैसला, किसानों को 5.40 लाख तक की सब्सिडी

पटना: बिहार में मोटे अनाजों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने किसानों और कृषि से जुड़े उद्यमियों के लिए सब्सिडी योजना शुरू की है। इसके तहत किसान, एफपीओ, उद्यमी और अन्य पात्र पंजीकृत संस्थाएं प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए आर्थिक सहायता का लाभ ले सकती हैं।

सामान्य और एससी-एसटी वर्ग के लिए अलग अनुदान

योजना में सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत या अधिकतम 4.32 लाख रुपये तक अनुदान मिल सकता है। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए 50 प्रतिशत या अधिकतम 5.40 लाख रुपये तक सब्सिडी का प्रावधान है। यह सहायता केवल मशीनरी की खरीद पर मिलेगी। जमीन, बिजली कनेक्शन और अन्य खर्च आवेदक को खुद वहन करने होंगे।

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। आवेदक की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। एफपीओ को कम से कम दो साल से पंजीकृत और संचालित होना जरूरी है। परियोजना में आवेदक को न्यूनतम 15 प्रतिशत अपनी पूंजी लगानी होगी और बैंक ऋण लेना भी अनिवार्य है।

मशीनरी और यूनिट को लेकर नियम

प्रोसेसिंग यूनिट की क्षमता 100 से 200 किलो प्रति घंटा निर्धारित की गई है। मशीनरी BIS मानकों के अनुरूप होनी चाहिए और FSSAI से संबंधित नियमों का पालन भी जरूरी होगा। मशीन की खरीद OFMAS पोर्टल पर सूचीबद्ध विक्रेता से करने पर ही अनुदान का लाभ मिलेगा।

स्वीकृति के बाद सब्सिडी डीबीटी के जरिए बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना के तहत स्थापित यूनिट को कम से कम तीन साल तक संचालित करना होगा।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक आवेदक को डीपीआर, बैंक ऋण स्वीकृति या सहमति पत्र, आधार, बैंक विवरण और संस्था होने पर पंजीकरण प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज तैयार रखने होंगे। आवेदन farmech.bihar.gov.in या Bihar Krishi App के माध्यम से किया जा सकता है।