दूसरी किश्त के 454 करोड़ रुपये से होगा काम
बैठक में डिजिटल पुस्तकालय योजना के तहत मिलने वाली दूसरी किश्त के 454 करोड़ रुपये के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। इस राशि से प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए जाने हैं। विभागीय मंत्री के अनुसार, दूसरी किश्त से होने वाले काम को जल्द शुरू कराने की तैयारी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और विद्यार्थियों को गांव में ही पढ़ाई से जुड़े डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पहली किश्त का काम भी अंतिम चरण में
इस योजना की पहली किश्त के तौर पर भी 454 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे। इन पैसों से 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय बनाने का काम चल रहा है। विभाग के अनुसार, पहली किश्त से जुड़े अधिकांश कार्य अगले महीने तक पूरे होने की उम्मीद है।
दूसरी किश्त के काम पर क्या है पेंच?
दूसरी किश्त की राशि से पुस्तकालयों की स्थापना किस माध्यम से कराई जाए, इसे लेकर पहले विभागीय स्तर पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद संबंधित फाइल निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजी गई। अब सरकार इस काम को किसी राज्य स्तरीय तकनीकी संस्था के माध्यम से कराने पर विचार कर सकती है।
इस योजना के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण युवाओं को अपने ही गांव में डिजिटल तरीके से अध्ययन करने की सुविधा मिल सकेगी। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।

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