लाल रंग के पीछे क्या है कारण?
खून का लाल रंग मुख्य रूप से हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन की वजह से होता है। यह प्रोटीन लाल रक्त कोशिकाओं यानी रेड ब्लड सेल्स (RBC) में पाया जाता है। हीमोग्लोबिन में आयरन मौजूद होता है, जो ऑक्सीजन के साथ जुड़कर रक्त को चमकीला लाल रंग देता है।
जब खून फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के अलग-अलग अंगों तक पहुंचता है, तब उसका रंग अपेक्षाकृत चमकीला लाल दिखाई देता है। वहीं, जब रक्त शरीर की कोशिकाओं से कार्बन डाइऑक्साइड लेकर वापस फेफड़ों की ओर लौटता है, तो उसका रंग गहरा लाल दिखाई दे सकता है।
शरीर में खून बनता कहां है?
अधिकतर रक्त कोशिकाओं का निर्माण बोन मैरो यानी अस्थि मज्जा में होता है। यह हड्डियों के अंदर मौजूद मुलायम ऊतक होता है। यहां मौजूद विशेष कोशिकाएं लगातार नई रक्त कोशिकाएं बनाती रहती हैं। खून मुख्य रूप से तीन तरह की कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। लाल रक्त कोशिकाएं, सफेद रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स।
आपको बता दें की लाल रक्त कोशिकाएं शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं, सफेद रक्त कोशिकाएं शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करती हैं, जबकि प्लेटलेट्स चोट लगने पर खून का थक्का बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ब्लड बनने की प्रक्रिया कैसे चलती है?
बोन मैरो में मौजूद स्टेम सेल्स से अलग-अलग प्रकार की रक्त कोशिकाएं विकसित होती हैं। शरीर को जितनी जरूरत होती है, उसके अनुसार इन कोशिकाओं का निर्माण और नवीनीकरण लगातार चलता रहता है। लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में आयरन, विटामिन B12 और फोलेट जैसे पोषक तत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
लाल रक्त कोशिकाएं बनने के बाद रक्त में शामिल होकर शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाती हैं। सामान्य तौर पर एक लाल रक्त कोशिका करीब 120 दिनों तक काम करती है। पुरानी या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को शरीर से हटाया जाता है और उनकी जगह नई कोशिकाएं बनती रहती हैं।

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