रेल मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश में 49 रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनकी कुल लंबाई करीब 3,807 किलोमीटर बताई गई है। परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर करने और भविष्य में अधिक ट्रेनें चलाने में मदद मिलेगी।
गोंडा कचहरी-बुढ़वल पर बनेगी चौथी लाइन
गोंडा कचहरी से बुढ़वल के बीच करीब 55.75 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर चौथी लाइन तैयार की जाएगी। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। परियोजना में सरयू नदी पर करीब 1,037 मीटर लंबे रेल पुल का निर्माण भी शामिल है। इसके लिए करीब 796.30 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
कई रेलखंडों की बढ़ेगी क्षमता
डोमिनगढ़-खलीलाबाद के बीच चौथी लाइन के सर्वे को भी मंजूरी मिली है। इसके अलावा मनकापुर-खलीलाबाद रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। सीतापुर-बुढ़वल के बीच भी दोनों नई लाइनों का काम स्वीकृत है।
नई रेल लाइनों से सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा, बुढ़वल, गोरखपुर, खलीलाबाद, भटनी और छपरा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे व्यस्त रूट पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और रेल संचालन अधिक सुचारु हो सकेगा।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद मौजूदा ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की गुंजाइश होगी। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का संचालन भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। इससे आने वाले वर्षों में यूपी के इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की कनेक्टिविटी और क्षमता दोनों मजबूत होने की उम्मीद है।
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