करीब 9,850 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से भोपाल, सागर, सतना, रीवा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। एक्सप्रेसवे बनने के बाद भोपाल से वाराणसी का सफर मौजूदा समय की तुलना में काफी कम समय में पूरा होने की उम्मीद है।
इन जिलों को मिलेगा फायदा
यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के सागर, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी और रीवा जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सागर और सतना के बीच यात्रा का समय भी घटने की उम्मीद है। वहीं भोपाल से रीवा जाने वाले यात्रियों को भी तेज कनेक्टिविटी का फायदा मिल सकता है।
सतना के आगे सड़क संपर्क के जरिए प्रयागराज, मिर्जापुर और वाराणसी जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान होगी। इससे यात्रियों के साथ माल परिवहन को भी फायदा मिलने की संभावना है।
एमपी-यूपी के लिए बनेगा नया हाईस्पीड कॉरिडोर
सागर-सतना एक्सप्रेसवे को भविष्य में प्रस्तावित सागर-कोटा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जोड़ने की योजना भी बताई जा रही है। इससे मध्य प्रदेश के रास्ते राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को और मजबूती मिल सकती है।
फिलहाल परियोजना की DPR अंतिम चरण में बताई जा रही है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। परियोजना पूरी होने पर यह मार्ग बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के लिए परिवहन और कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम साबित हो सकता है।

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