खुशखबरी का बड़ा धमाका! भारत की जबरदस्त छलांग, दुनिया में चौथा स्थान

नई दिल्ली। भारत ने विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश का फॉरेक्स रिजर्व बढ़कर 785.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी के साथ भारत ने विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में रूस को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में चौथा स्थान हासिल कर लिया है। अब भारत से आगे केवल चीन, जापान और स्विट्जरलैंड हैं।

रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने बदली तस्वीर

4 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 44.9 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। इतनी बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को नए रिकॉर्ड पर पहुंचा दिया। इस उछाल में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों की बढ़ी हुई हिस्सेदारी का अहम योगदान माना जा रहा है।

FCNR(B) योजना से आई बड़ी विदेशी रकम

विदेशी मुद्रा की इस तेज आवक के पीछे आरबीआई की FCNR(B) डिपॉजिट योजना भी प्रमुख वजहों में रही। योजना के तहत विदेशों से भारत में बड़ी मात्रा में डॉलर आया। रिपोर्ट के मुताबिक, योजना शुरू होने के करीब 11 सप्ताह के भीतर ही लगभग 73 अरब डॉलर की रकम देश में आई। लक्ष्य तय समय से पहले पूरा हो जाने के बाद आरबीआई ने योजना को निर्धारित समय से पहले ही बंद कर दिया था।

सोने के भंडार में आई कमी के बावजूद रिकॉर्ड

खास बात यह है कि इसी सप्ताह भारत के गोल्ड रिजर्व के मूल्य में करीब 2.59 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज हुई और यह 113.81 अरब डॉलर रह गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आई नरमी इसका प्रमुख कारण रही। हालांकि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में हुई बड़ी बढ़ोतरी ने सोने के भंडार में आई कमी की भरपाई कर दी।

सिस्टम में बढ़ी नकदी, RBI उठाएगा बड़ा कदम

विदेशी मुद्रा की भारी आवक का असर बैंकिंग सिस्टम की नकदी पर भी पड़ा है। बाजार में अतिरिक्त पैसा बढ़ने के कारण आरबीआई ने इसे नियंत्रित करने के लिए सरकारी बॉन्ड की बिक्री का फैसला किया है। करीब 1 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड 17 से 28 सितंबर के बीच तीन चरणों में बेचे जाने हैं। इससे पहले भी केंद्रीय बैंक ने VRRR नीलामी के जरिए बैंकिंग सिस्टम से 3.53 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त नकदी सोखी थी।

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