660 मेगावाट यूनिट शुरू होने को तैयार
कंपनी के मुताबिक दूसरी यूनिट का व्यावसायिक परिचालन 12 सितंबर की मध्यरात्रि से प्रभावी होगा। इससे पहले यूनिट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन और 72 घंटे का सफल ट्रायल रन पूरा किया जा चुका है। अंतिम तकनीकी और सुरक्षा जांच के बाद व्यावसायिक संचालन की तैयारी पूरी हुई है।
बिहार को मिलेगी 85% बिजली
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा बिहार को मिलने की उम्मीद है। बिजली खरीद समझौते के तहत संयंत्र से बनने वाली कुल बिजली का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा बिहार की बिजली वितरण कंपनियों को दिया जाएगा। इससे राज्य में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने और मांग के समय आपूर्ति को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
गर्मी और त्योहारों में मिलेगी राहत
प्लांट के पूरी क्षमता से चलने के बाद बिहार में अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी। इससे गर्मी और त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली बिजली की मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है। साथ ही राज्य में उद्योगों और दूसरे बिजली आधारित कामों को भी बेहतर आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
चौसा पावर प्लांट आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है और इसके पूरी क्षमता से संचालन के बाद बिहार के बिजली ढांचे को मजबूती मिलने की संभावना है।

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