बिहार में AI संभालेगा ट्रैफिक की कमान! सड़कों पर बदल जाएगा पूरा सिस्टम

पटना। बिहार की राजधानी पटना को जाम से राहत दिलाने के लिए अब ट्रैफिक व्यवस्था को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने की तैयारी है। पथ निर्माण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पटना के ट्रैफिक को स्मार्ट और डेटा आधारित बनाने की योजना पर चर्चा की गई। इस दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने नए ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का ड्राफ्ट भी पेश किया।

40 मिनट पहले मिल सकेगा जाम का अलर्ट

प्रस्तावित AI सिस्टम अलग-अलग इलाकों से मिलने वाले ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण कर संभावित जाम का 30 से 40 मिनट पहले अनुमान लगाने में सक्षम होगा। इसके आधार पर ट्रैफिक सिग्नल और डायवर्जन को जरूरत के मुताबिक बदला जा सकेगा। इसके लिए मौजूदा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के ऊपर नई तकनीकी व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव है।

एंबुलेंस के लिए बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

नई व्यवस्था का एक अहम हिस्सा मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ा है। दुर्घटना का पता चलते ही सिस्टम नजदीकी एंबुलेंस को अलर्ट करने और उसके लिए ट्रैफिक में प्राथमिकता देने की दिशा में काम करेगा। प्रमुख अस्पतालों तक पहुंचने वाले रास्तों पर ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था से आपात स्थिति में मरीज को जल्द अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

ऑटो-ई-रिक्शा और पार्किंग पर भी नजर

जाम वाले इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा के अनियंत्रित ठहराव को नियंत्रित करने के लिए जियोफेंसिंग और डिजिटल स्टैंड जैसी तकनीक इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की पहचान, जलजमाव वाले रास्तों की निगरानी और वैकल्पिक मार्ग की जानकारी देने जैसी सुविधाओं को भी सिस्टम से जोड़ने की योजना है।

प्रमुख इलाकों पर रहेगा फोकस

डाकबंगला, पटना जंक्शन रोड, जीपीओ गोलंबर, एग्जीबिशन रोड, बोरिंग रोड, गांधी मैदान और अशोक राजपथ समेत कई प्रमुख इलाकों को ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। इन जगहों पर डेटा के आधार पर ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

इस पहल का मकसद ट्रैफिक पुलिस पर दबाव कम करने के साथ पटना की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है।

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