सेक्स-सॉर्टेड सीमेन पर रहेगा जोर
नए स्टेशन में सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उत्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे बेहतर आनुवंशिक क्षमता वाले दुधारू पशुओं की मादा संतति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसका सीधा असर आने वाले समय में पशुओं की नस्ल और दुग्ध उत्पादन क्षमता पर पड़ सकता है।
पशुपालकों को मिलेगी बड़ी राहत
बिहार में सेक्स-सॉर्टेड सीमेन की उपलब्धता फिलहाल जरूरत के मुकाबले काफी कम है। नया केंद्र शुरू होने से इस कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और गाय-भैंस पालकों को बेहतर प्रजनन तकनीक तक पहुंच मिल सकेगी। इससे पशुधन की गुणवत्ता सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद है।
सरकार और NDDB मिलकर करेंगे काम
यह परियोजना राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत स्वीकृत की गई है। इसके क्रियान्वयन में डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग और COMFED की भूमिका रहेगी, जबकि निर्माण व तकनीकी मामलों में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) सहयोग करेगा। उम्मीद है कि इस पहल से बिहार में नस्ल सुधार के साथ पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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