5 लाख युवाओं को AI की ट्रेनिंग
यूपी AI मिशन के तहत करीब 5 लाख युवाओं को AI में दक्ष बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा प्रदेश में 200 से अधिक हैंड्स-ऑन AI लैब और 20 से ज्यादा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे। हर जिले में ‘CM AI Fellow’ के जरिए AI से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
इस साल 225 करोड़ का बजट
सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में AI मिशन के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसके जरिए AI आधारित रिसर्च, स्टार्टअप, MSME और उन्नत कंप्यूटिंग सुविधाओं को बढ़ावा देने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की GSDP में AI का कम से कम एक प्रतिशत प्रत्यक्ष योगदान सुनिश्चित करना भी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में भी होगा इस्तेमाल
AI का उपयोग केवल रोजगार और उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। उच्च शिक्षा में स्मार्ट कंटेंट, ऑटोमेटेड मूल्यांकन और AI आधारित प्रवेश जैसी व्यवस्थाओं पर काम किया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल इमेजिंग, बीमारी की शुरुआती पहचान और डॉक्टरों के निर्णय में सहायता जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं भी तलाशने की तैयारी है।
युवाओं और स्टार्टअप को मिलेगा फायदा
मिशन के तहत AI टैलेंट, भविष्य की स्किल, रिसर्च, स्टार्टअप और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे प्रदेश में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए नए करियर विकल्प तैयार हो सकते हैं। सरकार का फोकस AI को नागरिक सेवाओं और शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल करने पर भी रहेगा।

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