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चीन-रूस ने कर दिया खेल! अमेरिका की बढ़ी टेंशन, अब भारत क्या करेगा?

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय कारोबार में अमेरिकी डॉलर का दबदबा अभी कायम है, लेकिन चीन और रूस के बीच बढ़ता स्थानीय मुद्रा में कारोबार वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में बदलाव का संकेत दे रहा है। पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद रूस ने चीन के साथ व्यापार में युआन और रूबल के इस्तेमाल को काफी बढ़ाया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 90% से ज्यादा व्यापार का भुगतान रूबल और युआन में हो रहा है।

चीन-रूस का बढ़ता युआन-रूबल कारोबार

रूस के लिए चीन अब बेहद अहम व्यापारिक साझेदार है। ऊर्जा समेत कई बड़े सौदों में डॉलर की जगह दोनों देशों की राष्ट्रीय मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ा है। इसी के साथ चीन का CIPS और रूस का SPFS जैसे भुगतान ढांचे भी पश्चिमी वित्तीय नेटवर्क के बाहर लेनदेन के विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं।

लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। IMF के अनुसार 2026 की पहली तिमाही में दुनिया के आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार में अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी 57.13% थी। इसके मुकाबले चीनी युआन की हिस्सेदारी करीब 2% है। यानी चीन-रूस की पहल महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन अभी डॉलर के वैश्विक प्रभुत्व को खत्म करने की स्थिति नहीं बनी है।

अमेरिका के लिए चुनौती कितनी बड़ी?

चीन की ताकत उसके विशाल व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क में है। अगस्त 2026 में चीन का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 3.438 ट्रिलियन डॉलर था, जो दुनिया में सबसे बड़ा है। उसी महीने युआन डॉलर के मुकाबले 0.49% मजबूत हुआ। इसलिए अगर चीन और उसके व्यापारिक साझेदार स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन बढ़ाते हैं, तो लंबे समय में डॉलर की मांग के कुछ हिस्से पर असर पड़ सकता है।

भारत के लिए क्या है बड़ा मौका?

भारत के लिए यह बदलाव चुनौती के साथ अवसर भी लेकर आता है। रूस के साथ भारत ने रुपये-रूबल आधारित भुगतान व्यवस्था को मजबूत किया है। सितंबर 2026 में रूसी बैंकिंग अधिकारियों ने बताया कि दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार का करीब 96% हिस्सा रुपये और रूबल में निपट रहा है। भारत-रूस व्यापार 2024 में रिकॉर्ड करीब 70 अरब डॉलर तक पहुंचा था।

खुशखबरी का पिटारा खुला! यूपी में 1 बड़ी भर्ती शुरू, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने पशुपालन निदेशालय के तहत वेटरिनरी फार्मासिस्ट के 1,308 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। भर्ती का विज्ञापन संख्या 18-परीक्षा/2026 है।

इस भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 14 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 5 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

PET-2025 पास अभ्यर्थी ही कर सकेंगे आवेदन

इस भर्ती में सभी अभ्यर्थियों के लिए एक अहम शर्त रखी गई है। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का UPSSSC PET-2025 में शामिल होना और वैध स्कोर कार्ड होना जरूरी है। साथ ही निर्धारित मानदंड के अनुसार उम्मीदवार का नॉर्मलाइज्ड/एब्सोल्यूट स्कोर पात्र होना चाहिए।

1,308 पदों पर होगी नियुक्ति

भर्ती अभियान के तहत कुल 1,308 वेटरिनरी फार्मासिस्ट पद भरे जाएंगे। ये पद उत्तर प्रदेश के पशुपालन निदेशालय के अंतर्गत हैं। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आयोग की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना में पद की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और अन्य शर्तों को ध्यान से देखना चाहिए।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

सबसे पहले upsssc.gov.in पर जाएं। भर्ती से संबंधित लिंक खोलकर PET-2025 के विवरण से लॉगिन करें। इसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन शुल्क/अन्य निर्धारित प्रक्रिया पूरी करें और फॉर्म सबमिट कर दें।

बिहार वालों के लिए खुशखबरी! 5 एक्सप्रेस-वे से रफ्तार पकड़ेगा विकास, सफर होगा तेज

पटना। बिहार में आने वाले समय में सड़क कनेक्टिविटी का बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है। राज्य में करीब 80 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली पांच बड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर अलग-अलग स्तर पर काम आगे बढ़ रहा है। इनसे बिहार के साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल सीमा तक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

1. बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे

करीब 336 किलोमीटर लंबा छह लेन का यह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे बक्सर से भागलपुर तक प्रस्तावित है। इसका रास्ता भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका जैसे जिलों से होकर गुजरने की योजना है। इससे दक्षिण बिहार के कई हिस्सों को तेज कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

2. आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे

करीब 190 किलोमीटर लंबा चार लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर गया के आमस से दरभंगा तक बनाया जा रहा है। यह एनएच-119डी का हिस्सा है और गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा क्षेत्र को जोड़ेगा। परियोजना पूरी होने पर इन इलाकों के बीच यात्रा आसान और तेज होने की उम्मीद है।

3. पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे

यह परियोजना पटना क्षेत्र को उत्तर-पूर्वी बिहार से जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। प्रस्तावित मार्ग हाजीपुर क्षेत्र से आगे समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा होते हुए पूर्णिया क्षेत्र तक जाने की योजना है। रास्ते में इंटरचेंज, पुल, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास जैसी सुविधाएं विकसित की जानी हैं।

4. रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे

करीब 585 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का बिहार में हिस्सा लगभग 408 किलोमीटर बताया गया है। यह नेपाल सीमा के पास स्थित रक्सौल को पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह से जोड़ेगा। इससे नेपाल और बिहार से आने वाले माल को बंदरगाह तक पहुंचाने में आसानी हो सकती है और व्यापार तथा माल ढुलाई को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

5. गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे

छह लेन के इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का बिहार में हिस्सा करीब 417 किलोमीटर बताया जा रहा है। इससे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे जिले बेहतर सड़क नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। आगे यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र से कनेक्टिविटी मजबूत करने में मदद कर सकता है।

उम्र 40 के पार तो थाली में रखें ये 4 सब्जियां, सेहत और ताकत को मिलेगा सहारा

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। मांसपेशियों की ताकत, पाचन, हड्डियों और दिल की सेहत पर पहले से ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसे में संतुलित खानपान बेहद अहम हो जाता है। रोज की डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों को शामिल करके शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और फाइबर मिल सकते हैं। 40 की उम्र के बाद ये 4 सब्जियां खास तौर पर डाइट का हिस्सा बनाई जा सकती हैं।

1. पालक

पालक में आयरन, फोलेट, विटामिन K और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह हरी पत्तेदार सब्जी संतुलित डाइट का अच्छा हिस्सा हो सकती है। इसे सब्जी, सूप या दाल के साथ लिया जा सकता है।

2. गाजर

गाजर बीटा-कैरोटीन, फाइबर और कई पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। शरीर बीटा-कैरोटीन को विटामिन A में बदलता है, जो आंखों और सामान्य प्रतिरक्षा कार्य के लिए जरूरी है। सलाद या सब्जी के रूप में गाजर को भोजन में शामिल किया जा सकता है।

3. शिमला मिर्च

शिमला मिर्च में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसमें कैलोरी भी कम होती है, इसलिए यह संतुलित डाइट के लिए उपयोगी विकल्प है। इसे सब्जी, सलाद या अन्य व्यंजनों में आसानी से शामिल किया जा सकता है।

4. ब्रोकली

ब्रोकली में फाइबर, विटामिन C, विटामिन K और फोलेट जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन के लिए उपयोगी हो सकता है। इसे हल्का पकाकर या अन्य सब्जियों के साथ खाना बेहतर विकल्प हो सकता है।

8वें वेतन आयोग में ग्रुप-B और ग्रुप-C कर्मचारियों की कितनी होगी सैलरी? जानें पूरा गणित

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर काफी चर्चा है। खासकर ग्रुप-B और ग्रुप-C कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी कितनी होगी, इसे लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं। हालांकि, अभी सरकार ने नई सैलरी या फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम फैसला नहीं किया है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों को केवल अनुमानित गणना के तौर पर देखना चाहिए।

फिटमेंट फैक्टर से तय होगी नई बेसिक सैलरी

8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की नई बेसिक पे तय करने में फिटमेंट फैक्टर की अहम भूमिका होगी। उदाहरण के तौर पर यदि 2.57 फिटमेंट फैक्टर लगाया जाता है तो लेवल-2 की मौजूदा ₹19,900 बेसिक करीब ₹51,143 और लेवल-3 की ₹21,700 बेसिक करीब ₹55,769 हो सकती है। वहीं, यदि 3.68 के आसपास का फिटमेंट फैक्टर माना जाए तो यही बेसिक क्रमशः करीब ₹73,232 और ₹79,856 तक पहुंच सकती है।

ग्रुप-C के दूसरे स्तरों का अनुमान

लेवल-4 में मौजूदा ₹25,500 बेसिक 2.57 फैक्टर पर करीब ₹65,535 और 3.68 फैक्टर पर करीब ₹93,840 हो सकती है। इसी तरह लेवल-5 की ₹29,200 बेसिक क्रमशः करीब ₹75,044 और ₹1,07,456 तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

ग्रुप-B कर्मचारियों को कितना फायदा?

ग्रुप-B में लेवल-6 की ₹35,400 बेसिक 2.57 फैक्टर पर करीब ₹90,978, जबकि 3.68 फैक्टर पर करीब ₹1.30 लाख हो सकती है। लेवल-7 में मौजूदा ₹44,900 बेसिक के आधार पर यह रकम लगभग ₹1.15 लाख से ₹1.65 लाख के बीच बैठती है। इसी तरह लेवल-8 और लेवल-9 के लिए 2.57 फैक्टर पर अनुमानित बेसिक क्रमशः ₹1,22,332 और ₹1,36,467 हो सकती है।

सिर्फ बेसिक पे ही नहीं, भत्तों पर भी असर

नई बेसिक सैलरी तय होने के बाद DA, HRA और TA जैसे भत्तों की गणना पर भी असर पड़ेगा। हालांकि नए वेतन ढांचे में इन भत्तों की वास्तविक दरें सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगी।

अभी आंकड़ों को लेकर सावधानी जरूरी

कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग की जा रही है, लेकिन 2.57, 3.68 या इससे अधिक फिटमेंट फैक्टर अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हैं। इसलिए सोशल मीडिया या रिपोर्टों में दिए गए सैलरी आंकड़ों को पक्की नई सैलरी नहीं माना जा सकता।

आयोग की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही ग्रुप-B और ग्रुप-C कर्मचारियों की वास्तविक नई बेसिक सैलरी की तस्वीर साफ होगी।

बिहार में इन शिक्षकों और कर्मचारियों की कटेगी सैलरी, आदेश जारी

पटना। बिहार के अनुदानित इंटरमीडिएट और संबद्ध डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर अनुदान की राशि रोकी जा सकती है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सख्ती बढ़ाते हुए संबंधित कॉलेजों से उपस्थिति की रिपोर्ट मांगी है।

235 कॉलेजों से मांगी गई रिपोर्ट

विभाग ने करीब 235 अनुदानित कॉलेजों के प्राचार्यों से बायोमेट्रिक उपस्थिति से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों का पालन नहीं करने वाले शिक्षकों और कर्मियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

दरअसल, विभाग ने इसी साल मई में स्पष्ट किया था कि अनुदानित कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच अनुदान राशि का वितरण बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर किया जाएगा। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू है।

स्कूलों पर भी लागू है व्यवस्था

सिर्फ कॉलेज ही नहीं, परीक्षाफल के आधार पर अनुदान पाने वाले माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों व कर्मचारियों के बीच अनुदान राशि बांटने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को आधार बनाया गया है।

चार श्रेणियों में बांटे गए पद

अनुदान वितरण के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों के पदों को चार श्रेणियों में रखा गया है। पहली श्रेणी में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक, दूसरी में शिक्षक और व्याख्याता, तीसरी में प्रयोगशाला तकनीशियन, कंप्यूटर सहायक, पुस्तकालयाध्यक्ष और कार्यालय सहायक तथा चौथी श्रेणी में केयरटेकर और ऑफिस अटेंडेंट/गार्ड शामिल हैं।

निर्धारित फार्मूले के अनुसार सबसे अधिक राशि प्रधानाचार्य-प्रधानाध्यापक श्रेणी को और उसके बाद शिक्षक-व्याख्याताओं को मिलेगी। ऐसे में संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अब बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। विभागीय रिपोर्ट के आधार पर ही अनुदान राशि के वितरण और आगे की कार्रवाई का फैसला किया जाएगा।

यूपी में जमीन की पैमाइश अब डिजिटल! लाखों जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन की पैमाइश और सीमांकन की प्रक्रिया अब आधुनिक तकनीक के जरिए करने की तैयारी तेज हो गई है। राजस्व विभाग ने पारंपरिक जंजीर और फीते से होने वाली पैमाइश के साथ डिजिटल सर्वे तकनीक को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। प्रदेश की करीब 350 तहसीलों में रोवर के जरिए फील्ड सर्वेक्षण शुरू कराया गया है।

इसके अलावा 10 शहरी स्थानीय निकायों को नक्शा तैयार करने वाली परियोजनाओं के लिए 143 रोवर उपलब्ध कराए गए हैं। लेखपालों और राजस्व कर्मचारियों को भी इस तकनीक के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही है।

सेंटीमीटर तक सटीक होगी पैमाइश

इस डिजिटल सर्वे में GNSS रोवर का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह उपग्रहों से मिलने वाले सिग्नल के आधार पर जमीन के किसी स्थान की सटीक स्थिति निर्धारित करता है। नेटवर्क से कनेक्ट होने पर इससे करीब 1 से 5 सेंटीमीटर तक की सटीकता हासिल की जा सकती है।

जमीन विवादों में मिल सकती है राहत

डिजिटल पैमाइश से मानवीय गलती की संभावना कम होने की उम्मीद है। सर्वे के दौरान जुटाए गए आंकड़ों को GIS और भूमि रिकॉर्ड सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा। इससे जमीन की स्थिति और सीमाओं से जुड़े रिकॉर्ड को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी।

हरदोई स्थित चकबंदी प्रशिक्षण केंद्र में भी रोवर लगाए गए हैं, जबकि लेखपाल प्रशिक्षण संस्थानों में उपलब्ध कराए गए उपकरणों से कर्मचारियों को नई तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

पेंशनर्स की बल्ले-बल्ले! 8वें वेतन आयोग में मिल सकता है 5 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के पेंशनर्स की नजरें अब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हैं। आयोग के गठन के बाद पेंशनर संगठनों की ओर से पेंशन में बढ़ोतरी और उम्र के आधार पर अतिरिक्त लाभ समेत कई मांगें रखी जा रही हैं। हालांकि, अभी इन मांगों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, इसलिए संभावित लाभों को सरकारी घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।

1. पेंशन 67% तक करने की मांग

मौजूदा व्यवस्था में सामान्य तौर पर पूर्ण पेंशन अंतिम वेतन/औसत परिलब्धियों के 50% के आसपास निर्धारित होती है। पेंशनर संगठनों ने इसे बढ़ाकर 67% करने का प्रस्ताव दिया है। कुछ संगठनों ने परिवार पेंशन को मौजूदा 30% से बढ़ाकर 50% करने की भी मांग रखी है।

2. 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव

NC-JCM की ओर से 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी गई है और पेंशनर्स के लिए भी कर्मचारियों के समान फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसी प्रस्ताव में न्यूनतम बेसिक पे ₹69,000 करने की मांग भी शामिल है। हालांकि, यह आयोग के सामने रखा गया प्रस्ताव है, सरकार द्वारा स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर नहीं।

3. कम्यूटेशन की अवधि 15 से 11 साल करने की मांग

फिलहाल पात्र केंद्रीय कर्मचारी अपनी बेसिक पेंशन का अधिकतम 40% हिस्सा कम्यूट करके एकमुश्त राशि ले सकते हैं और कम्यूटेड हिस्से की बहाली 15 साल बाद होती है। पेंशनर संगठनों ने इस अवधि को घटाकर 11 साल करने की मांग की है।

4. मेडिकल अलाउंस में बड़ा इजाफा

पेंशनर संगठनों ने Fixed Medical Allowance यानी FMA बढ़ाने की मांग भी की है। AIFPA ने इसे ₹5,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव रखा है। संगठन का कहना है कि इसे महंगाई के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए। फिलहाल यह भी केवल मांग है, अंतिम मंजूरी नहीं।

5. उम्र बढ़ने के साथ अतिरिक्त पेंशन

मौजूदा व्यवस्था में 80 वर्ष की उम्र पूरी होने पर अतिरिक्त पेंशन 20% से शुरू होती है और आगे उम्र के साथ इसमें बढ़ोतरी होती है। पेंशनर संगठनों ने उम्र आधारित पेंशन बढ़ोतरी को और बेहतर बनाने की मांग की है। कुछ प्रस्तावों में 90 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए अंतिम वेतन के 100% तक पेंशन बढ़ाने की बात भी रखी गई है।

क्या है सबसे अहम?

8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को कई तरह की उम्मीदें हैं, लेकिन फिटमेंट फैक्टर, नई बेसिक पेंशन, DR, मेडिकल अलाउंस और कम्यूटेशन अवधि पर अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही साफ होगी। इसलिए अभी सामने आ रहे आंकड़ों को संभावित अनुमान और पेंशनर संगठनों की मांग के तौर पर ही देखना बेहतर है।

4 राशियों के लिए गोल्डन टाइम! ग्रहों के संयोग से धन और सफलता के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 17 सितंबर को सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या राशि में पहले से मौजूद बुध ग्रह के साथ सूर्य की युति होगी, जिससे बुधादित्य योग का निर्माण होगा। बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है, जबकि सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व और मान-सम्मान से जुड़े हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों का यह संयोग कुछ राशियों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ आय बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को भी नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है।

2. मिथुन राशि

बुध मिथुन राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह संयोग इस राशि के जातकों के लिए खास माना जा सकता है। आपकी बुद्धिमत्ता और संवाद क्षमता का लाभ कार्यक्षेत्र में मिलेगा। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं।

3. कन्या राशि

सूर्य और बुध की युति कन्या राशि में ही बनने जा रही है। ऐसे में इस राशि के लोगों को आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और कार्यक्षमता में बढ़ोतरी महसूस हो सकती है। नौकरी और कारोबार में प्रगति के साथ आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बन सकते हैं।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए भी यह समय करियर और धन के लिहाज से अनुकूल रह सकता है। मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने और कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ने के संकेत हैं। निवेश या आर्थिक फैसलों में भी लाभ के अवसर बन सकते हैं।

भारत और वियतनाम के बीच बड़ी डील, चीन के उड़े होश!

नई दिल्ली। भारत और वियतनाम के रिश्तों में अब रक्षा और रणनीतिक सहयोग का नया अध्याय जुड़ता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों ने रक्षा उपकरणों की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन, तकनीक और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग के बीच हुई बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

भारत और वियतनाम रक्षा उपकरणों के निर्माण और आपूर्ति के साथ-साथ प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहयोग को भी आगे बढ़ाएंगे। दोनों देश पहला विदेश-रक्षा 2+2 संवाद आयोजित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समन्वय और मजबूत होने की उम्मीद है।

2030 तक 25 अरब डॉलर का लक्ष्य

रक्षा के साथ आर्थिक रिश्तों को भी नई गति देने की तैयारी है। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए व्यापारिक बाधाएं कम करने, निवेश बढ़ाने और बाजार तक पहुंच आसान बनाने पर जोर दिया जाएगा।

समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत पर फोकस

दक्षिण चीन सागर की संवेदनशील स्थिति के बीच भारत और वियतनाम की बढ़ती नजदीकी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने समुद्री कानून और यूएनसीएलओएस के नियमों का सम्मान करने तथा क्षेत्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की बात कही है।

अंतरिक्ष से परमाणु ऊर्जा तक सहयोग मजबूत

दोनों देश हवाई और समुद्री संपर्क बढ़ाने के अलावा अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक शोध में भी सहयोग बढ़ाने की तैयारी में हैं। सीधी उड़ानों और कनेक्टिविटी को मजबूत करने से दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों के संपर्क को भी फायदा मिल सकता है।

यूपी सरकार ने दी सौगात, बुजुर्गों के लिए आई बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुजुर्ग पेंशन लाभार्थियों के लिए राहत की खबर है। राज्य में वृद्धावस्था पेंशन की राशि किस्तों में लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह से कई जिलों में DBT के जरिए पेंशन की राशि ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कुछ लाभार्थियों के खातों में अभी पैसा नहीं पहुंचा है।

पेंशन नहीं आने के पीछे e-KYC अधूरी होना, आधार का बैंक खाते से लिंक नहीं होना, NPCI मैपिंग की समस्या या बैंक खाते की गलत जानकारी जैसी वजहें हो सकती हैं। इसलिए लाभार्थियों को इन सभी जानकारियों की जांच कर लेनी चाहिए।

चेक करें पेंशन का स्टेटस

लाभार्थी उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर जाकर अपनी वृद्धावस्था पेंशन का स्टेटस देख सकते हैं। अगर आवेदन या भुगतान से जुड़ी कोई गलती दिखाई देती है, तो उसे समय रहते ठीक कराना जरूरी है।

e-KYC पूरा होना जरूरी

अगर e-KYC अभी तक पूरी नहीं हुई है तो इसे जल्द पूरा करा लें। स्मार्टफोन से OTP के जरिए या नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक के माध्यम से e-KYC कराई जा सकती है।

बैंक खाते की भी करा लें जांच

e-KYC पूरी होने के बाद भी पेंशन नहीं आई है तो बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग और DBT की स्थिति जरूर जांचें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि खाते की जानकारी और NPCI मैपिंग सही है।

समस्या बनी रहे तो कहां करें शिकायत?

यदि सभी जानकारी सही होने के बावजूद पेंशन नहीं मिल रही है, तो लाभार्थी जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। साथ में आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पेंशन से संबंधित विवरण रखना उपयोगी रहेगा। जरूरत पड़ने पर 14567 या 1076 हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

इसलिए जिन बुजुर्गों के खाते में पेंशन की राशि नहीं पहुंची है, उन्हें घबराने के बजाय पहले e-KYC, आधार लिंकिंग और बैंक खाते की DBT स्थिति की जांच करा लेनी चाहिए। सही जानकारी अपडेट होने के बाद लंबित भुगतान की स्थिति भी स्पष्ट हो सकती है।

BRICS में भारत नंबर-1! आर्थिक रफ्तार में चीन से आगे, बढ़ा देश का दबदबा

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी मजबूत रफ्तार का संकेत दिया है। हालिया आर्थिक आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में भारत दुनिया की प्रमुख बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाले देशों में बना हुआ है। यही वजह है कि BRICS के मंच पर भी भारत की आर्थिक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। वहीं, चीन की अर्थव्यवस्था को इस समय कमजोर घरेलू मांग, रियल एस्टेट संकट और निवेश में सुस्ती जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

भारत की GDP ग्रोथ ने चौंकाया

भारत की आर्थिक रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हालिया तिमाही में देश की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 फीसदी दर्ज की गई। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से बेहतर रहा और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। IMF ने भी भारत के नए GDP आंकड़ों और सांख्यिकीय ढांचे को लेकर सकारात्मक रुख जताया है।

वहीं, चीन की अर्थव्यवस्था में तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है। अगस्त 2026 में चीन का औद्योगिक उत्पादन 5.2 फीसदी बढ़ा, लेकिन खुदरा बिक्री की वृद्धि केवल 0.4 फीसदी रही। इसके अलावा जनवरी से अगस्त के बीच फिक्स्ड एसेट इन्वेस्टमेंट में 7.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि चीन के सामने घरेलू मांग और निवेश से जुड़ी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

BRICS में भारत की बढ़ती ताकत

BRICS अब केवल पांच देशों का समूह नहीं रह गया है। इसका विस्तार होने के बाद यह दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है और वैश्विक आबादी के करीब आधे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। इस बदलते आर्थिक परिदृश्य में भारत की तेज विकास दर उसे BRICS के भीतर खास स्थिति देती है। चीन की अर्थव्यवस्था आकार में भारत से काफी बड़ी है, लेकिन विकास की गति के मामले में भारत लगातार आगे नजर आ रहा है। इसलिए भारत को BRICS की भविष्य की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख इंजनों में गिना जा रहा है।

चीन से तुलना में क्या तस्वीर है?

यहां यह समझना जरूरी है कि GDP का आकार और GDP की वृद्धि दर दो अलग-अलग चीजें हैं। चीन की कुल अर्थव्यवस्था अभी भारत से काफी बड़ी है। लेकिन भारत अपेक्षाकृत तेज दर से बढ़ रहा है। उपलब्ध 2026 के अनुमानों में भारत की नाममात्र GDP करीब 4.15 ट्रिलियन डॉलर और चीन की करीब 20.85 ट्रिलियन डॉलर बताई गई है। वहीं PPP के आधार पर भी चीन भारत से काफी आगे है। इसलिए भारत नंबर-1 का मतलब कुल GDP के आकार में चीन से आगे निकलना नहीं, बल्कि आर्थिक विकास दर की रफ्तार में बढ़त से है।

30 की उम्र के बाद महिलाएं न करें लापरवाही, जरूर कराएं ये 5 टेस्ट

हेल्थ डेस्क। 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी हो जाता है। समय-समय पर कुछ सामान्य मेडिकल टेस्ट कराने से स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर रखने और किसी परेशानी का समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है।

1 .ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर: हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ ब्लड शुगर कई बार शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देते। इसलिए नियमित जांच फायदेमंद रहती है।

2 .लिपिड प्रोफाइल: इस टेस्ट से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर की जानकारी मिलती है। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर आगे की सलाह दे सकते हैं।

3 .थायरॉइड टेस्ट: महिलाओं में थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं आम हो सकती हैं। थकान, वजन में बदलाव या मासिक धर्म में अनियमितता जैसी शिकायत होने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराई जा सकती है।

4 .पैप स्मीयर/एचपीवी टेस्ट: सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए डॉक्टर उम्र और जोखिम के अनुसार पैप टेस्ट या एचपीवी टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

5 .ब्रेस्ट जांच: 30 की उम्र के बाद महिलाओं को अपने स्तनों में किसी असामान्य बदलाव पर ध्यान देना चाहिए। गांठ, आकार में बदलाव या असामान्य स्राव जैसी समस्या महसूस होने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

ध्यान दें। हर महिला के लिए जांच की जरूरत और अंतराल अलग हो सकता है। इसलिए अपनी उम्र, पारिवारिक इतिहास और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेकर टेस्ट कराना बेहतर है।

Bank of India में निकली 205 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू, ऐसे करें अप्लाई

नई दिल्ली। बैंक में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। Bank of India (BOI) ने Specialist Officer Recruitment 2026 के तहत 205 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती में Civil Engineer, Officer, Manager और Senior Manager समेत कई पद शामिल हैं।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 सितंबर 2026 से शुरू हो चुके हैं, जबकि आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार तय समय सीमा के भीतर बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

205 पदों पर होगी भर्ती

भर्ती के तहत अलग-अलग Specialist streams में पद भरे जाएंगे। इनमें Scale I से Scale IV तक के विभिन्न पद शामिल हैं। उम्मीदवारों का चयन संबंधित पद की योग्यता और भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा।

ऐसे करें आवेदन

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को Bank of India की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां Recruitment/Careers सेक्शन में संबंधित भर्ती लिंक खोलकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड कर आवेदन शुल्क, यदि लागू हो, जमा करके फॉर्म सबमिट करना होगा।

उम्मीदवार आवेदन जमा करने से पहले भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना में अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तें जरूर जांच लें। इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों की पोस्टिंग भारत में कहीं भी हो सकती है।

केंद्र सरकार की बड़ी योजना! बिना गारंटी मिलेगा 20 लाख तक का लोन

नई दिल्ली। अगर आप अपना कारोबार शुरू करने का सपना देख रहे हैं या पहले से चल रहे छोटे व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र कारोबारियों को बिना गारंटी 20 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है।

पहले मुद्रा योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता था। अब सरकार ने इसकी सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है। हालांकि, 20 लाख रुपये तक की राशि ‘तरुण प्लस’ श्रेणी में आती है और इसके लिए कुछ खास पात्रता शर्तें रखी गई हैं।

चार श्रेणियों में मिलता है लोन

मुद्रा योजना के तहत कारोबार की जरूरत के हिसाब से चार तरह के लोन दिए जाते हैं। शिशु श्रेणी में 50 हजार रुपये तक, किशोर में 50 हजार से 5 लाख रुपये तक और तरुण में 5 से 10 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। वहीं, तरुण प्लस के तहत 10 से 20 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद का प्रावधान है।

किसे मिलेगा 20 लाख तक का लोन?

20 लाख रुपये तक के तरुण प्लस लोन का लाभ मुख्य रूप से उन उद्यमियों को मिलेगा, जिन्होंने पहले मुद्रा योजना के तहत तरुण श्रेणी का लोन लिया हो और उसे समय पर सफलतापूर्वक चुका दिया हो। छोटे दुकानदार, निर्माता, सर्विस सेक्टर और अन्य पात्र गैर-कृषि छोटे कारोबार भी योजना के दायरे में आते हैं।

इस लोन की खास बात यह है कि पात्र मामलों में घर, जमीन या दुकान जैसी संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। आवेदन JanSamarth Portal या संबंधित बैंक शाखा के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन से पहले आधार, पैन, फोटो और कारोबार से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।

माता-पिता ध्यान दें! बच्चों के आधार को लेकर बड़ा अपडेट, 30 सितंबर तक मौका

नई दिल्ली। अगर आपके बच्चे का आधार कार्ड बना हुआ है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। UIDAI की ओर से 7 से 15 साल की उम्र के बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा 30 सितंबर 2026 तक मुफ्त रखी गई है। ऐसे में जिन बच्चों का अपडेट अभी बाकी है, उनके माता-पिता समय रहते यह काम करा सकते हैं।

आधार में क्या होगा अपडेट?

बायोमेट्रिक अपडेट के दौरान बच्चे की नई फोटो, फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन दर्ज किया जाता है। उम्र बढ़ने के साथ बच्चों की बायोमेट्रिक पहचान में बदलाव आता है, इसलिए आधार रिकॉर्ड को अपडेट रखना जरूरी माना जाता है।

30 सितंबर के बाद लग सकता है शुल्क

मुफ्त अपडेट की सुविधा 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध है। इसके बाद पात्र मामलों में बायोमेट्रिक अपडेट के लिए शुल्क देना पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार यह शुल्क 125 रुपये तक हो सकता है।

कहां कराएं अपडेट?

माता-पिता बच्चे को लेकर नजदीकी आधार सेवा केंद्र जा सकते हैं। वहां जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे का बायोमेट्रिक डेटा अपडेट किया जाएगा। इसके अलावा 5 साल की उम्र के बाद पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट और 15 साल के बाद भी निर्धारित नियमों के तहत अपडेट का प्रावधान है।

पानी-पानी होगा बिहार, 22 जिलों में तेज हवा और बारिश के आसार

पटना। बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने आज 22 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।

अलर्ट वाले जिलों में पटना, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद, गया, नवादा और शिवहर शामिल हैं।

18 सितंबर तक बदलता रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 15 से 18 सितंबर तक बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। 16 सितंबर को सीमांचल के कुछ जिलों में तेज बारिश, जबकि 17 सितंबर को मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय और खगड़िया में भारी बारिश के आसार हैं। 18 सितंबर को पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है। राज्य में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 24 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आंधी और बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी बारिश और वज्रपात के दौरान खेतों में काम नहीं करने की अपील की गई है।

यूपी वालों सावधान! 7 से अधिक जिलों में बारिश का अलर्ट, 50 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और गोरखपुर समेत कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, इन इलाकों में बारिश के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की भी संभावना है। दिल्ली से सटे यूपी के जिलों में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश के आसार हैं।

हालांकि, 19 और 20 सितंबर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम के अधिकतर शुष्क रहने का अनुमान है। इस दौरान तापमान करीब 32 डिग्री अधिकतम और 24 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम रह सकता है।

किसानों और लोगों को सावधानी की सलाह

मौसम को देखते हुए किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आंधी या बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचें। किसानों को भी अपने जिले का मौसम अपडेट और स्थानीय चेतावनी देखकर ही जरूरी काम करने की सलाह दी गई है।

खुशखबरी का जोरदार ऐलान, बिहार में 2000 पदों पर भर्ती, युवाओं को मौका

पटना: बिहार में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रोजगार पाने का अच्छा अवसर सामने आया है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की ओर से 16 सितंबर को दीघा स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें निजी क्षेत्र की कई कंपनियां युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराएंगी।

इस रोजगार मेले में निर्माण, रिटेल, ऑटोमोबाइल, सर्विस और आईटी सहित विभिन्न क्षेत्रों की करीब 25 कंपनियों के पहुंचने की उम्मीद है। विभाग की ओर से मेले के माध्यम से 2 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में अलग-अलग योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह नौकरी पाने का बेहतर मौका हो सकता है।

कई योग्यता वाले अभ्यर्थी ले सकेंगे हिस्सा

मेले में सिर्फ किसी एक डिग्री या कोर्स के युवाओं को ही मौका नहीं मिलेगा। 10वीं और 12वीं पास के साथ आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी भी इसमें शामिल हो सकेंगे। अलग-अलग कंपनियों में उपलब्ध पदों के अनुसार उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध

रोजगार मेले में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी सेतु पोर्टल के माध्यम से निशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। अगर किसी युवा ने पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो उसे भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। आयोजन स्थल पर बनाए गए हेल्प डेस्क और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंचकर पंजीकरण कराया जा सकेगा।

जरूरी कागजात लेकर पहुंचें युवा

मेले में जाने वाले अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेज पूरे रखने होंगे। उन्हें बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान पत्र की मूल प्रति के साथ छायाप्रति भी साथ ले जानी होगी। कंपनियां अपनी जरूरत और निर्धारित योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करेंगी।

नवपंचम योग से होगा मंगल ही मंगल! 16 सितंबर से इन 4 राशियों के अच्छे दिन शुरू

नई दिल्ली। ज्योतिष के अनुसार 16 सितंबर 2026 को गुरु और चंद्रमा की विशेष स्थिति से नवपंचम योग का निर्माण होने जा रहा है। इस शुभ योग को कई राशियों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। खासतौर पर मेष, मिथुन, तुला और धनु राशि के जातकों को इसका लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए यह योग करियर और आर्थिक मामलों में अच्छे अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है और मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। रुके हुए काम भी आगे बढ़ सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए नवपंचम योग लाभकारी साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को काम में सफलता मिल सकती है, जबकि व्यापारियों को नई डील का फायदा मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को इस दौरान भाग्य का साथ मिल सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा और करियर से जुड़े फैसलों में भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह योग तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। धन संबंधी मामलों में राहत मिलने के साथ निवेश या बचत को लेकर भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।