सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। सार्वजनिक अवकाश घोषित होने का अर्थ है कि अब यह छुट्टी सभी सरकारी संस्थानों पर समान रूप से लागू होगी, जबकि निर्बंधित अवकाश में कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्तर पर अवकाश चुनने की छूट होती थी।
इस संबंध में प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन एस.वी.एस. रंगा राव की ओर से आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, वर्ष 2026 की अवकाश सूची में संशोधन किया गया है, जिसे पहले 17 नवंबर को जारी किया गया था। संशोधित सूची में मकर संक्रांति के अवकाश की तिथि और प्रकृति दोनों में बदलाव किया गया है।
मकर संक्रांति का पर्व उत्तर भारत में विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है और दान, स्नान व उत्सव से जुड़ा होता है। ऐसे में सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से लोग पारिवारिक और धार्मिक गतिविधियों में अधिक सहजता से भाग ले सकेंगे।

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