परिवहन आयुक्त के निर्देश के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 129 के तहत दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठे दोनों राइडर्स के लिए ISI मार्क (BIS प्रमाणित) हेलमेट पहनना जरूरी है। नियम का उल्लंघन करने पर धारा 194-डी के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जुर्माना और सजा
जुर्माना: बिना हेलमेट पकड़े जाने पर ₹1000 का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना चालक और पीछे बैठे दोनों पर लागू हो सकता है, लेकिन मुख्य जिम्मेदारी चालक की होगी।
लाइसेंस पर कार्रवाई: गंभीर या दोहराव वाले मामलों में चालक का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।
नई बाइक-स्कूटी खरीद पर नई शर्त
अब वाहन डीलरों को निर्देश दिया गया है कि नई दोपहिया वाहन बेचते समय ग्राहक को दो ISI मार्क वाले हेलमेट अनिवार्य रूप से देने होंगे – एक चालक के लिए और दूसरा पीछे बैठे व्यक्ति के लिए। बिना हेलमेट दिए वाहन नहीं बेचा जाएगा।
पहले से लागू पहल भी जारी रहेगा
उत्तर प्रदेश में पहले भी 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' अभियान चलाया गया था। इसके तहत बिना हेलमेट वाहन चालकों को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाता था। यह अभियान लखनऊ, नोएडा और अन्य जिलों में सफल रहा और अब पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है।
सरकार का क्या है मकसद?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हेलमेट पहनने से सिर की चोटों और गंभीर दुर्घटनाओं से होने वाली मौतें 40-50% तक कम हो सकती हैं। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को सख्त निगरानी, नियमित चेकिंग और उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

0 comments:
Post a Comment