वर्तमान समय में दुनिया के केवल 6 देशों के पास ही यह तकनीक मौजूद है। आइए इन देशों की SLBM क्षमता को विस्तार से समझते हैं।
1. अमेरिका
अमेरिका दुनिया की सबसे मजबूत समुद्री परमाणु शक्ति माना जाता है। उसके पास ओहायो क्लास की परमाणु पनडुब्बियां हैं, जिनमें Trident-II (D5) SLBM तैनात हैं। इन मिसाइलों की मारक क्षमता हजारों किलोमीटर तक है और ये कई परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम हैं। अमेरिका की परमाणु रणनीति में SLBM की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है।
2. रूस
रूस भी SLBM तकनीक में अमेरिका के बराबर खड़ा है। उसकी बोरेई और डेल्टा क्लास की परमाणु पनडुब्बियां Bulava और Sineva जैसी शक्तिशाली SLBM से लैस हैं। रूस की ये मिसाइलें आधुनिक एंटी-मिसाइल सिस्टम को चकमा देने में सक्षम मानी जाती हैं, जिससे उसकी समुद्री परमाणु ताकत बेहद प्रभावशाली बनती है।
3. चीन
चीन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी समुद्री परमाणु क्षमता को तेजी से बढ़ाया है। उसकी जिन क्लास (Type-094) पनडुब्बियों में JL-2 और JL-3 SLBM तैनात हैं। चीन का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करना और परमाणु संतुलन बनाए रखना है।
4. फ्रांस
फ्रांस यूरोप का एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास स्वतंत्र SLBM क्षमता है। उसकी Triomphant क्लास की परमाणु पनडुब्बियों में M51 SLBM तैनात हैं। फ्रांस अपनी परमाणु नीति को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाए रखने पर जोर देता है और SLBM उसकी रक्षा रणनीति का मुख्य स्तंभ है।
5. ब्रिटेन
ब्रिटेन की समुद्री परमाणु ताकत पूरी तरह Vanguard क्लास की पनडुब्बियों पर आधारित है। इनमें अमेरिकी तकनीक पर आधारित Trident-II (D5) SLBM का इस्तेमाल किया जाता है। ब्रिटेन के लिए SLBM ही उसका एकमात्र परमाणु डिलीवरी सिस्टम है, जिससे यह क्षमता उसके लिए और भी अहम हो जाती है।
6. भारत
भारत का इस विशेष सूची में शामिल होना उसकी रणनीतिक उपलब्धि माना जाता है। भारत की INS Arihant क्लास की स्वदेशी परमाणु पनडुब्बियां K-15 (सागरिका) और K-4 SLBM से लैस हैं। इससे भारत को पूर्ण परमाणु त्रिकोण हासिल हो गया है। भारत की यह क्षमता उसकी रक्षा नीति को मजबूत बनाती है और क्षेत्रीय संतुलन में अहम भूमिका निभाती है।

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