यूपी में किसानों की होगी बंपर कमाई, सरकार दे रही खुशखबरी

कानपुर। उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग ने पारंपरिक मछली पालन को और अधिक लाभदायक बनाने के लिए ‘मोती की खेती’ को बढ़ावा देने की अनोखी पहल शुरू की है। इस तकनीक से किसान एक ही तालाब में मछलियों के साथ सीप पालकर लाखों रुपये की अतिरिक्त आमदनी कमा सकते हैं।

मोती उत्पादन और कमाई

मत्स्य विभाग के अनुसार, मोती उत्पादन मुख्य रूप से हाफ ब्राउन, डिजाइनर और राउंड मोती श्रेणियों में होता है। कानपुर में फिलहाल डिजाइनर मोतियों पर फोकस किया जा रहा है, जिनकी बाजार में मांग तेजी से बढ़ रही है।

उत्पादन क्षमता: एक सीप से औसतन 3 मोती तैयार होते हैं।

आय: एक सीप से किसान लगभग 200 रुपये तक कमा सकते हैं।

समय: मोती तैयार होने में लगभग 18 महीने का समय लगता है।

सरकार का 50% अनुदान

किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए सरकार इस योजना पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। उदाहरण के लिए, यदि कोई किसान 10 लाख रुपये का प्रोजेक्ट शुरू करता है और 15 हजार सीप लगाता है, तो उसे सरकार की ओर से 5 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। उत्तर प्रदेश में इस प्रोजेक्ट की निगरानी ‘मणी एग्रो’ कर रही है। कंपनी के सीईओ डॉ. अय्यूब के अनुसार, कानपुर में अब तक 9 किसानों ने इस अनुदान के लिए आवेदन किया है।

विशेषज्ञों की क्या है राय?

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजाइनर मोतियों को तैयार करना राउंड मोतियों की तुलना में आसान है और आभूषण उद्योग में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। एक सीप की खरीद लागत लगभग 62 रुपये है, लेकिन तैयार मोती की कीमत कई गुना बढ़ जाती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

बुंदेलखंड में सफल अनुभवों के बाद कानपुर मंडल के किसान भी इस पहल से लाभान्वित हो सकते हैं। विभाग की ओर से किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है। आने वाले समय में और अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि मोती उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

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