यह घोषणा 12 जनवरी 2026 को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की नई दिल्ली यात्रा के दौरान की गई, जो उनके चांसलर बनने के बाद भारत और एशिया का पहला दौरा था। हालांकि, नई सुविधा कब से लागू होगी, इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी जारी होना बाकी है।
पहले क्या था नियम
पहले भारतीय यात्रियों को शेंगेन ट्रांजिट वीजा लेना पड़ता था, चाहे वे केवल एयरपोर्ट के ट्रांजिट एरिया में ही क्यों न रहते हों। इसके कारण अतिरिक्त पेपरवर्क, लंबी प्रोसेसिंग और खर्च बढ़ जाते थे। अब इस प्रक्रिया को सरल बनाते हुए वीजा-फ्री ट्रांजिट की सुविधा दी गई है।
नई सुविधा की शर्तें
इस छूट का उपयोग केवल एयरपोर्ट के इंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया तक सीमित होगा। यात्रियों को अपनी अगली फ्लाइट 24 घंटे के भीतर पकड़नी होगी। इसके अलावा, जिस देश में जाना है, उसके लिए वैध वीजा और जरूरी दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है। यात्रा के दौरान जर्मनी या किसी अन्य शेंगेन देश में प्रवेश या एयरपोर्ट के बाहर रहने की अनुमति नहीं होगी। इस सुविधा के तहत होटल में ठहरने, पर्यटन करने या रात भर रुकने की इजाजत नहीं है। इसलिए, बिजनेस, टूरिज्म, पढ़ाई या परिवार से मिलने के लिए वैध वीजा लेना अभी भी आवश्यक है।
किसे होगा फायदा
नई वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा से भारतीय यात्रियों को यूरोप, यूके, अमेरिका और कनाडा की यात्रा और सरल हो जाएगी। विशेष रूप से उन लोगों को लाभ होगा जो जर्मनी के बड़े एयरपोर्ट से फ्लाइट बदलते हैं, क्योंकि अब उन्हें कम लेओवर समय, कम पेपरवर्क और वीजा से जुड़े अतिरिक्त झंझट का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ट्रांजिट प्रक्रिया तेज, आसान और अधिक आरामदायक बन जाएगी। लगातार विदेश यात्रा करने वाले यात्री भी इसका फायदा महसूस करेंगे।
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