समस्तीपुर बना योजना का अहम केंद्र
इस योजना का लाभ समस्तीपुर जिले में तेजी से देखने को मिल रहा है। जिले में अब तक 100 से अधिक किसान करीब 1100 एकड़ भूमि के लिए आवेदन कर चुके हैं। कृषि विभाग ने यहां ड्रोन से छिड़काव के लिए 2000 एकड़ का लक्ष्य तय किया है। इससे साफ है कि किसान नई तकनीक को अपनाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
आधे खर्च में हाईटेक सुविधा
ड्रोन से एक एकड़ में दवा छिड़काव का कुल खर्च 480 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें से 240 रुपये सरकार अनुदान के रूप में दे रही है, जबकि शेष राशि किसान को वहन करनी होगी। इस तरह कम लागत में तेज, सटीक और सुरक्षित छिड़काव संभव हो सकेगा। एक किसान अधिकतम 15 एकड़ तक इस योजना का लाभ उठा सकता है। हालांकि, दवा किसानों को स्वयं उपलब्ध करानी होगी और वही कीटनाशक इस्तेमाल किए जाएंगे, जो कृषि विभाग और कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित हैं।
रैयत और गैर-रैयत किसान
इस योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ सिर्फ जमीन मालिक किसानों तक सीमित नहीं है। रैयत और गैर-रैयत, दोनों तरह के किसानों को इसमें शामिल किया गया है। रैयत किसानों को भूमि की रसीद लगानी होगी। जबकि गैर-रैयत किसानों को स्व-घोषणा पत्र के साथ पड़ोस के दो किसानों के हस्ताक्षर वाले प्रमाण पत्र जमा करने होंगे। इससे बटाईदार और छोटे किसानों को भी तकनीकी सुविधा मिल सकेगी।
फसलों पर होगा ड्रोन से छिड़काव
ड्रोन का उपयोग तिलहन, दलहन, गेहूं, मक्का, आलू सहित अन्य फसलों में कीट प्रबंधन के लिए किया जा सकता है। ड्रोन से छिड़काव करने पर दवा समान रूप से खेत में फैलती है, जिससे फसल को बेहतर सुरक्षा मिलती है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है।
निबंधन है जरूरी, आवेदन प्रक्रिया क्या है?
योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर निबंधित हैं। बिना निबंधन के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इच्छुक किसानों को कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
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