एक्सपोर्ट फ्रंट पर भारत मजबूत, अमेरिका और चीन बने बड़े बाजार

नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक दबाव, अमेरिकी टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के निर्यात मोर्चे से सकारात्मक संकेत मिले हैं। दिसंबर महीने में भारत से वस्तुओं का निर्यात सालभर पहले की तुलना में 1.87 प्रतिशत बढ़कर 38.5 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया। यह जानकारी गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में सामने आई।

हालांकि आयात के मोर्चे पर तेजी ज्यादा रही। दिसंबर में कुल आयात 8.7 प्रतिशत बढ़कर 63.55 बिलियन डॉलर पहुंच गया। भले ही सोने का आयात करीब 12 प्रतिशत घटकर 4.13 बिलियन डॉलर रहा, लेकिन चांदी के आयात में तेज उछाल देखने को मिला। दिसंबर में सिल्वर इंपोर्ट लगभग 80 प्रतिशत बढ़कर 758 मिलियन डॉलर हो गया। आयात में बढ़ोतरी के कारण व्यापार घाटा बढ़कर 25.04 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया, जो एक साल पहले इसी महीने 20.6 बिलियन डॉलर था।

चीन को निर्यात में जबरदस्त उछाल

दिसंबर में चीन को भारत का निर्यात सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। इस दौरान चीन को निर्यात 67 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2.04 बिलियन डॉलर पहुंच गया। वहीं चीन से आयात भी करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 11.69 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया। यह आंकड़े दिखाते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।

अमेरिका बना अहम बाजार

अमेरिका को दिसंबर में भारत का निर्यात मामूली गिरावट के साथ 6.88 बिलियन डॉलर रहा। अगस्त में लागू किए गए 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ के बाद भी सितंबर से दिसंबर की अवधि में अमेरिका को भारत का कुल निर्यात लगभग स्थिर बना रहा। यह संकेत देता है कि भारतीय निर्यातक चुनौतीपूर्ण हालात में भी अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।

वित्त वर्ष में निर्यात की स्थिति

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत का कुल वस्तु निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 330.29 बिलियन डॉलर हो गया है। कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने भरोसा जताया कि पूरे वित्त वर्ष में वस्तुओं का निर्यात 450 बिलियन डॉलर को पार कर सकता है, जबकि सेवाओं को जोड़ने पर कुल निर्यात 850 बिलियन डॉलर से अधिक रहने की उम्मीद है।

किन सेक्टरों में बढ़त, कहां गिरावट

दिसंबर में इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स के निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं पेट्रोलियम उत्पादों, जेम्स एंड जूलरी, चावल, प्लास्टिक और लेदर उत्पादों के निर्यात में कुछ कमी देखने को मिली। कुल मिलाकर आंकड़े बताते हैं कि भारत वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।

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