जून में पहली उड़ान भरेगा तेजस मार्क-II
डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत के अनुसार, तेजस मार्क-II इस वर्ष जून महीने में अपनी पहली उड़ान भरने के लिए तैयार हो जायेगा। यह विमान मौजूदा तेजस मार्क-I का उन्नत संस्करण है, जिसे खास तौर पर आधुनिक युद्ध आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
तेजस मार्क-II में पहले से अधिक रेंज, ज्यादा पेलोड क्षमता और बेहतर इंजन के साथ आधुनिक एवियोनिक्स और हथियार प्रणालियाँ शामिल होंगी। इसे 4.5वीं पीढ़ी का मल्टीरोल फाइटर जेट माना जा रहा है, जो एक साथ कई प्रकार के मिशन को अंजाम देने में सक्षम होगा। इसके शामिल होने से भारतीय वायुसेना के पुराने लड़ाकू विमानों पर निर्भरता कम होगी।
एएमसीए: भारत का पहला स्टील्थ फाइटर जेट
एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) भारत का सबसे महत्वाकांक्षी फाइटर जेट प्रोजेक्ट है। यह देश का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान होगा। डीआरडीओ के अनुसार, एएमसीए का निर्माण कार्य 2028 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है और 2029 की शुरुआत में इसकी पहली उड़ान की योजना बनाई गई है।
एएमसीए में अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक, सुपरक्रूज क्षमता और अत्याधुनिक सेंसर व एवियोनिक्स सिस्टम शामिल होंगे। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यह दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम की पकड़ से बचते हुए गहरे हमले करने में सक्षम रहेगा। यह तकनीक फिलहाल दुनिया के बहुत कम देशों के पास है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
तेजस मार्क-II और एएमसीए जैसे प्रोजेक्ट भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। ये न केवल विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करेंगे, बल्कि देश की एयरोस्पेस इंडस्ट्री, इंजीनियरिंग क्षमता और तकनीकी कौशल को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। आने वाले वर्षों में जब ये दोनों फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होंगे, तब भारत की हवाई ताकत एक नए युग में प्रवेश कर चुकी होगी।

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