1. पेशाब शुरू करने में परेशानी
अगर पेशाब करते समय धार शुरू होने में काफी समय लगता है या बार-बार कोशिश करनी पड़ती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रोस्टेट के बढ़ने या मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ने की वजह से भी ऐसी समस्या हो सकती है। लगातार परेशानी रहने पर डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
2. पेशाब की धार कमजोर होना
पहले की तुलना में पेशाब की धार कमजोर या रुक-रुककर आने लगे तो यह प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को प्रोस्टेट कैंसर ही है। बढ़ा हुआ प्रोस्टेट और दूसरी मूत्र संबंधी समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं।
3. बार-बार पेशाब लगना
दिन में सामान्य से ज्यादा बार पेशाब आना या रात में बार-बार उठकर पेशाब करने की जरूरत पड़ना भी ध्यान देने वाला बदलाव है। यदि यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
4. पेशाब या वीर्य में खून आना
पेशाब या वीर्य में खून दिखाई देना सामान्य नहीं माना जाता। इसके पीछे संक्रमण समेत कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जांच के बाद ही सही कारण का पता लगाया जा सकता है।
5. कमर, कूल्हे या पेल्विस में दर्द
कुछ मामलों में, खासकर बीमारी बढ़ने पर, कमर, कूल्हे या पेल्विस के आसपास लगातार दर्द जैसी समस्या दिखाई दे सकती है। हालांकि इन हिस्सों में दर्द के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल दर्द के आधार पर प्रोस्टेट कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
पेशाब में लगातार बदलाव जैसी समस्या होने पर खुद से बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। समय पर जांच कराने से समस्या का सही कारण पता लगाने और जरूरत पड़ने पर उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।

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