मेन्यू और खाद्य सामग्री की देनी होगी जानकारी
केंद्रीय लाइसेंस वाले तथा 10 या उससे अधिक प्रतिष्ठान चलाने वाले कारोबारियों के लिए मेन्यू कार्ड रखना अनिवार्य होगा। मेन्यू में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल की जानकारी भी देनी होगी। पैक्ड खाद्य पदार्थों और मेन्यू में शाकाहारी-मांसाहारी पहचान के साथ कृत्रिम रंग, कृत्रिम मिठास और एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थों की जानकारी देना जरूरी होगा। पहले से तैयार भोजन में इस्तेमाल सामग्री का विवरण भी लेबल पर दर्ज करना होगा।
प्रतिबंधित रंग और तरल नाइट्रोजन पर रोक
विभाग ने खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंग और रसायनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। खाद्य पदार्थों में तरल नाइट्रोजन का प्रयोग भी नहीं किया जा सकेगा। कारोबार की प्रकृति के अनुसार एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण लेना होगा और इसे प्रतिष्ठान में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना जरूरी रहेगा। उपभोक्ताओं की शिकायत के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का क्यूआर कोड भी लगाया जाएगा।
कर्मचारियों की स्वच्छता पर भी ध्यान
भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को बाल ढकने के लिए हेयरनेट, दस्ताने और एप्रन पहनना होगा। संक्रामक या त्वचा संबंधी बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को खाद्य कार्य से अलग रखना होगा। एक्सपायर हो चुके कच्चे माल या पैक्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। साथ ही शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ रखने पर भी रोक रहेगी।
खिड़की-दरवाजों पर जाली जरूरी
खाद्य प्रतिष्ठानों में पर्याप्त रोशनी, वेंटिलेशन, जल निकासी और हाथ धोने की व्यवस्था होनी चाहिए। खिड़की-दरवाजों पर कीटरोधी जाली लगाना जरूरी होगा, ताकि कीड़े-मकौड़े अंदर न पहुंचें। खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाले बर्तन जंगरोधी और आसानी से साफ होने वाले होने चाहिए। पैकेजिंग के लिए खाद्य-ग्रेड सामग्री का इस्तेमाल करना होगा।
रिकॉर्ड भी रखने होंगे सुरक्षित
कारोबारियों को खरीद से जुड़े रिकॉर्ड, सप्लायर की जानकारी, तापमान रजिस्टर, पानी और खाद्य तेल की जांच रिपोर्ट, सफाई व कीट नियंत्रण से जुड़े दस्तावेज और कर्मचारियों के चिकित्सकीय फिटनेस प्रमाणपत्र सुरक्षित रखने होंगे। विभाग के निर्देशों का मकसद खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों को बेहतर तरीके से लागू करना है।

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